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केंद्र सरकार ने यूपी को डिजिटल इंडिया अवार्ड से नवाजा

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भले ही विरोधी दल उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के कामकाज में कमियां निकालते फिर रहे हों। लेकिन सीएम अखिलेश यादव ने  उत्तर प्रदेश की छवि के विपरीत विकास योजनाओं को न सिर्फ लागू किया है, बल्कि विकास ही उनका एजेंडा बन गया है। कई मोर्चे पर तो अखिलेश सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार समेत तमाम दलों की बोलती बंद कर दी है। इसी का उदाहरण है कि यूपी ई-गर्वनेंस में देश में नंबर एक बन गया है। अखिलेश सरकार के इस दावे पर केंद्रीय सूचना तकनीक मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी मुहर लगा दिया है। उन्होंने हाल ही में उत्तर प्रदेश के वाणिज्यकर विभाग को डिजिटल इंडिया अवार्ड से नवाजा है। यह सम्मान विभाग को अच्छी ऑनलाइन सेवा के लिए दिया गया है।

 

ई-गवर्नेस में यूपी ऐसे नंबर-1
उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी की जनता की सहूलियतों और सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने का काफी काम किया। इलेक्ट्रॉनिक प्रसार के माध्यम से नागरिकों को लाभ पहुंचाने के लिए वाणिज्यकर विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाने का काम किया। अखिलेश सरकार ने कई ऐसी योजनाएं भी शुरू की, जिन्होंने तकनीक से तालमेल बिठाते हुए लोगों की तमाम परेशानियों को दूरकर जिंदगी को आसान बनाने का काम किया। यूपी देश का पहला राज्य है जिसने राज्य के 75 जिलों को ई-डिस्ट्रिक्ट बनाया है।

ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना से 15 विभागों की 133 ऑनलाइन सेवाओं के जरिए 9.54 करोड़ नागरिक लाभांवित हुए हैं। देश में लाभ पाने वाले नागरिकों की संख्या के संदर्भ में यूपी नंबर एक स्थान पर है। वहीं सूबे के युवाओं के बीच सरकार ने डिजिटल गैप को कम करने के लिए अब तक 15 लाख से ज्यादा लैपटॉप वितरित किये हैं। इतना ही नहीं समाजवादी स्मार्ट फोन योजना के तहत एक करोड़ से ज्यादा का लोगों ने पंजीकरण भी कराया है।

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डिजिटल व्यवस्था का लाभांवित हुए किसान और पेंशनधारी
ई-गवर्नेंस के मामले में उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में आता है। तकरीबन 114.82 करोड़ नागरिक इस व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 1.66 करोड़ नागरिकों को लाभ पहुंचाने के लिए एकीकृत पेंशन पोर्टल की व्यवस्था की। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए एक करोड़ किसानों का पंजीकरण किया गया। किसानों के लिए डीबीटी के जरिए आइसीटी के प्रयोग में भी उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। यूपी सरकार ने ग्रामीण में संचार क्रांति पर फोकस करते हुए प्रत्येक जिले में एक ई-विलेज बनाने का निर्णय भी किया है।

 

केंद्र सरकार हुई कायल
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के वाणिज्य कर विभाग को ‘डिजिटल इंडिया अवार्ड’ से नवाजा है। इस अवार्ड को उत्तर प्रदेश की ओर से वाणिज्य कर विभाग के आयुक्त मुकेश मेश्राम ने हासिल किया है। केंद्र सरकार ने वाणिज्य कर विभाग के उस ‘व्यास सेवा’ को भी सराहा है जिसने व्यापारियों के पंजीकरण से लेकर कर निर्धारण, कर अदायगी और समस्याओं के समाधान के प्लेटफार्म मुहैया कराए गए हैं।

 

डिजिटल को जमीनी हकीकत दे रहे अखिलेश
डिजिटल इंडिया के सपनों को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के साथ कदमताल करती नजर आ रही है। नोटबंदी के बाद भाजपा जिस कैशलेस ट्रांजक्शन की ओर लोगों को आगे ले जाना चाहती है। उस दिशा में यूपी सरकार ने बहुत पहले ही काम करना शुरू कर दिया था। लैपटॉप और मोबाइल बांटकर अखिलेश उत्तर प्रदेश में डिजिटल लोकतंत्र लाने की मंशा रखते हैं।

 

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