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उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप पाॅलिसी: इनोवेशन संग अब युवा उद्यमियों को मिलेगा बढ़ावा

Image Source: jdsupra

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 April 5, 2016

फिल्म थ्री इडिएट्स का वो डाॅयलाॅग याद है न आपको- “काबिल बनो, कामयाबी झक मारकर तुम्हारे पीछे भागेगी।” उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप पाॅलिसी का भी यही मकसद है। यह पाॅलिसी प्रदेश के युवाओं को ऐसा तैयार करने में विश्वास करती है, जिससे वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इसी ध्येय के साथ अखिलेश सरकार ने यूपी में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ का फंड बनाया है। आईटी और स्टार्टअप नीति 2016 के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल गवर्नेंस के साथ नए युवा उद्यमियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
ये नीति पूरे प्रदेश में लागू होगी। इस नीति के जरिये आईटी से जुड़ी यूनिट्स को 31 मार्च 2020 तक कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहन दिए जाएंगे। ताकि लोग इस दिशा में ज्यादा से ज्यादा आगे आएं। प्रदेश सरकार इस नीति के तहत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर सेटअप के लिए 25 लाख की अधिकतम सीमा तक अनुदान देगी। यदि इससे ज्यादा आवेदन की जरूरत होगी तो इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा। हालांकि इसे केस टू केस के आधार पर परीक्षण कर मंजूरी दी जाएगी। स्टार्टअप के प्रोत्साहन के लिए आईटी विभाग नोडल संस्था होगी।

इन्क्यूबेटर्स को नुकसान से बचाएगी सरकार

इस योजना के अंतर्गत चयनित इन्क्यूबेटर्स मानदेय के आधार पर दो लाख रुपये के वार्षिक भुगतान पर दो कंन्सलटेट रख सकेंगे। इन्क्यूबेटर्स को शुरुआती खर्च पर नुकसान की भरपाई के लिए 5 साल तक पांच लाख रुपए हर साल आर्थिक सहायता दी जाएगी। जो स्टार्टअप चयनित होंगे उन्हें एक साल तक 15 हजार रुपये हर महीने भरण-पोषण भत्ता मिलेगा। इसके अलावा जब 25 फीसदी वित्तीय सहायता प्राप्त कर लेंगे तो सरकार उन्हें उत्पाद को मार्केट में उतारने के लिए 10 लाख रुपये तक देगी।

कई सहूलियत भी

ऋण लेने पर अदा होने वाले ब्याज में 5 फीसदी की दर से 7 साल तक अधिकतम एक करोड़ की राशि दी जाएगी। आईटी या इससे जुड़े उद्यम के लिए जमीन खरीदने पर स्टांप शुल्क में छूट मिलेगी। जो आईटी कंपनी यूपी मूल के पेशेवरों को सर्विस देगी उसके लिए अदा की गई भविष्य निधि की पूरी रकम सरकार लगातार 5 साल तक देगी। 100 करोड़ या इससे अधिक का कारोबार वाली यूनिट यदि दो साल में 25 फीसदी या इससे अधिक विस्तार के लिए अतिरिक्त राशि लगाती है तो नई इकाइयों को मिलने वाले प्रोत्साहन का 50 फीसदी औद्योगिक प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा।

ये छूट भी होगी

सरकारी सस्थाओं से खरीदी जाने वाली जमीन पर सर्किल की दर पर 25 फीसदी की छूट मिलेगी। कम से कम 20 और अधिकतम 50 कर्मचारी वाली आईटी कंपनी की स्थापना सार्वजनिक सुविधाओं यातायात परिवहन पार्क कृषि भूमि उपयोग को छोड़कर कहीं भी की जा सकेगी। 200 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। पट्टे या फिर किराये पर संचालित एमएसएमई आईटी इकाइयों को तीन साल तक और इन्क्यूबेटर्स को 5 से 10 लाख रुपये अधिकतम लीज रेंट चार्ज का 25 फीसदी प्रतिपूर्ति किया जाएगा। इसके साथ इन यूनिक को बिजली बिल में भी छूट दी जाएगी

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