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एसोचैम का दावा- विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है यूपी

Image Source: upnews360

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April 27, 2016

भले ही विपक्षी पार्टियां यूपी में बढ़ते अपराध को लेकर अखिलेश सरकार पर निशाना साधती हों, लेकिन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) की राय इससे उलट है। एसोचैम का दावा है यूपी विकास के पथ पर अग्रसर है। एसोचैम का कहना है कि जब यूपी की हर तरफ आलोचना हो रही है, तब यूपी की विकास दर नौ फीसदी है। कृषि क्षेत्र ने साथ दिया तो विकास दर 2016 में 10 फीसदी होगी।

एसोचैम के महासचिव डीएस रावत की मानें तो कई प्रदेशों में बहुत सारे संसाधन हैं, लेकिन वह इतनी तेजी से विकास नहीं कर पा रहे हैं, जितनी तेजी से उत्तर प्रदेश प्रगति कर रही है। वहींए यूपी की विकास दर नौ फीसदी है जो काफी अच्छी है। इंडस्ट्रियल सेक्टर के मामले में भी प्रदेश की स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि देश में पर्यटन के माध्यम से जितना पैसा आता है, उसका 48 फीसदी पैसा यूपी के माध्यम से आ रहा है। पर्यटन और शिक्षा के मामले में यूपी उभर रहा है।

उद्योग के लिए अनुकूल माहौल

एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार के फलस्वरूप देश की अर्थव्यवस्था में प्रदेश का योगदान बेहतर हुआ है। वर्ष 2012-13 में राज्य की हिस्सेदारी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 8.08 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2013-14 में बढ़कर 8.12 प्रतिशत हो गई। इस दौरान प्रदेश के आर्थिक विकास की दर का भारत की विकास दर से बेहतर प्रदर्शन रहा। । यह अखिलेश सरकार की राज्य में उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बनने का ही नतीजा है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए हुए कार्य अब नजर आने लगे हैं हालांकि अभी कई क्षेत्रों में काम किये जाने की जरूरत है

2017 तक 500 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य

यूपी ने अक्षय ऊर्जा से अगस्त 2017 तक 500 मेगावाट और 2022 तक करीब 10 हजार 697 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में सिर्फ 71 मेगावाट बिजली का उत्पादन यूपी कर रहा है।

अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा

लक्ष्य बड़ा होने के कारण इसमें सफल होने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकार इस तरह की अक्षय ऊर्जा नीति बनाई है, जिसमें छतों पर सौर संयत्र लगवाने के लिए फीड इन टैरिफ ग्रिड इंटीग्रेटेड जैसी चीजें शामिल हैं। इसके साथ ही जो लोग इसमें इन्वेस्ट करेंगे, उन्हें उन्हे कुछ रियायत भी दी जाएगी। एसोचैम ने उत्तर प्रदेश सरकार से इसके अलावा कुकिंग एनर्जी मिशन शुरू करने की भी सलाह दी है। इससे गांव में न सिर्फ अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोगों को लकड़ी के चूल्हों से भी निजात मिलेगी।

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40 हजार करोड़ इन्वेस्ट करने के लिए हुए हस्ताक्षर

यूपी में अब तक करीब 40 हजार करोड़ रुपए इन्वेस्ट करने के लिए अलग-अलग कंपनियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें अजूरे पॉवर कॉरपोरेशन ने 800 करोड़ रुपए, एक्मे पॉवर ने 250 करोड़ रुपए, एस्सेल ने 20 हजार करोड़, सोलर एनर्जी ने चार हजार करोड़, एनटीपीसी ने 100 करोड़ रुपए इन्वेस्ट करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं। वहीं कुछ और कंपनियां आने वाली हैं जो अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करेंगी। एसोचैम ने उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि वह रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ऊर्जा के जनरेशनल, फायनेंस, लैंडबैंक और कुकिंग एनर्जी पॉलिसी पर फोकस करे। इससे ज्यादा से ज्यादा बिजली अक्षय ऊर्जा के जरिए पैदा की जा सकेगी।

कारोबारी गतिविधियों में भारी इजाफा

एसोचैम दावा है कि पिछले तीन वर्षों (2013-15) के दौरान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार आया, जिसके परिणामस्वरूप राज्य की विकास दर देश की तुलना में बेहतर रही। आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की आर्थिक सम्भावनाओं और राज्य कैसे दोहरे अंकों में आर्थिक विकास दर हासिल कर सकता है।

औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई

अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति सहित विभिन्न सेक्टरों की नीतियों के फलस्वरूप प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। अवस्थापना एवं अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकार के प्रयासों के नतीजे दिखने लगे हैं। देश-दुनिया के निवेशक प्रदेश के विकास में भागीदारी के लिए आगे आए हैं। इसी गति से विकास दर में बढ़ोत्तरी जारी रहने पर आने वाले समय में राज्य कई प्रदेशों के लिए उदाहरण बनेगा। एक ओर जहां बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार सोशल सेक्टर पर भी पूरा ध्यान दे रही है।

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निर्यात में दोगुने से अधिक वृद्धि

राज्य में होने वाले निवेश के प्रस्ताव सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं हैं, अब इनका दायरा बढ़कर मध्यांचल और पूर्वांचल तक पहुंच चुका है।  निर्यात में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि हो चुकी है।  वर्ष 2012 में 38 हजार करोड़ का निर्यात हो रहा था जो अब बढ़ कर 90 हजार करोड़ हो गया है।

पर्यटकों का पसंदीदा राज्य बना उत्तरप्रदेश

भारत में वर्षान्त पर्यटन रुझान-2015 पर एसोचैम सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा इयर एंड टूरिज्म ट्रेंड्स इन इंडिया (2015) के 26 दिसम्बर 2015 के अध्ययन के अनुसार उत्तर प्रदेश विश्व पर्यटन मानचित्र पर विदेशी सैलानियों का पसंदीदा राज्य बन गया है। उत्तर प्रदेश विश्व धरोहरों की मौजूदगी के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से बेहतर और किफायती होने से नये साल की छुट्टियां मनाने के लिए आने वाले सैलानियों की पसंदीदा जगह है। रिपोर्ट में अकेले उत्तर प्रदेश में ही करीब तीन लाख सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद जताई गयी थी, जो सम्भावित पर्यटकों की संख्या का 20 प्रतिशत था।

एसोचैम के बारे में

भारतीय वाणिज्य एंव उद्योग मंडल (The Associated Chambers of Commerce and Industry/ ASSOCHAM) या एसोचैम भारत के वाणिज्य संघों की प्रतिनिधि संस्था है।इसकी स्थापना 1920 में हुई थी। वर्तमान में भारत की एक लाख से अधिक कंपनियाँ इसकी सदस्य हैं।एसोचैम भारत की वाणिज्य एवं व्यापार के हितों की रक्षा के लिये काम करता है। इसके अध्यक्ष सुनील कनोरिया हैं।

 

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