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सीएम अखिलेश ने माताओं को स्वस्थ, शिशुओं को सेहतमंद बनाने की ठानी

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रावस्ती से किया पूरे यूपी में ‘हौसला पोषण मिशन’ का शुभारंभ

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July 15, 2016

माताएं स्वस्थ रहेंगे तभी बच्चा भी सेहतमंद होगा और बच्चा स्वस्थ होगा तभी देश या प्रदेश की अगली पीढ़ी मजबूत और होनहार होगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में आज 15 जुलाई से प्रदेश में ‘हौसला पोषण मिशन’ शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रावस्ती जनपद से इस योजना का शुभारंभ किया। 10 अगस्त तक पूरे प्रदेश में इसे लागू कर दिया जाएगा।

अखिलेश सरकार का मकसद है कि गर्भवती महिलाओं के साथ ही गर्भकाल से शिशु के पोषण स्तर में सुधार लाई जाए। इसके अलावा सरकार अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए भी इस मिशन का शुभारंभ किया गया। एक अनुमान के मुताबिक इससे प्रदेश की 10 लाख से ज्यादा गर्भवती महिलाएं लाभांवित होंगी, वहीं करीब 14 लाख अतिकुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने में भी मदद मिलेगी। दरअसल सरकार ने उत्तर प्रदेश की एक लाख से ज्यादा गर्भवती महिलाओं के हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से ग्रसित होने की समस्या से निपटने के लिए यह कदम उठाया है। इसके बीमारी के चलते करीब 22.5 प्रतिशत बच्चे ढाई किलो से भी कम वजन के पैदा हो रहे हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए हौसला पोषण मिशन के तहत राज्य पोषण मिशन ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले आहार का नया खाका तैयार किया गया है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर पके-पकाये भोजन के साथ शिशुओं और गर्भवतियों को दूध, दही और देसी घी के साथ फल भी दिए जाएंगे।

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कैलोरी, प्रोटीन से भरपूर भोजन मिलेगा

मिशन के तहत छह माह से छह वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गर्म पका पकाया भोजन दिया जाएगा। आंगनबाडी केंद्रों पर उन्हें दही, दूध सहित ऊर्जा कैलोरी, प्रोटीन आदि को भोजन में शामिल करते हुए सभी छह दिन का मेन्यू तैयार किया जाएगा। उसी के आधार पर गर्म पका पकाया भोजन दिया जाएगा, जिसमें रोटी, सोयाबीन युक्त सब्जी, चावल दाल, तहरी, दही, मौसमी फल होंगे। इसके अलावा महिलाओं को उन्हें, उनके गर्भस्थ शिशु व कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के उपाय भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा बताए जाएंगे। खान-पान में उनके शरीर में आयरन और प्रोटीन की मात्रा कैसे पूरी रहे इस बावत विशेष जोर दिया जाएगा।

महिलाओं और बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान पर होगी। पौष्टिक भोजन बनवाने में आने वाले खर्च को प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकत्री के संयुक्त खाते में प्रदेश सरकार की ओर से भेजा जाएगा। हौसला पोषण मिशन मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण योजना है। इसके जरिए प्रदेश से कुपोषण दूर भगाया जाएगा।

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क्यों पड़ी इस कार्यक्रम की जरूरत

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2005-06 के आंकडों के अनुसार प्रदेश में हर दूसरी गर्भवती महिला एनीमिया से ग्रसित है। इन महिलाओं में हीमोग्लोबिन 11 ग्राम से कम पाया गया है। इससे में इन महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को सामना करना पड़ता हैं। वहीं उनसे होने वाले बच्चों के कुपोषित होने का खतरा बढ़ जाता है। सरकार ने इस समस्या को दूर करने केलिए ही इस मिशन की शुरुआत की है।

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भोजन के बाद आयरन की गोली

इस मिशन के तहत अतिकुपोषित बच्चों पहले से दिए जा रहे भोजन में 20 ग्राम देसी घी, एक मौसमी फल को शामिल किया गया हैं। इसी प्रकार गर्भवती महिलाओं के भोजन में मौसमी फल के साथ 3 दिन दही व दूध भी शामिल किया गया है। खाना खिलाये जाने के बाद गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली अनिवार्य किया गया है।

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गर्भ में ही कुपोषण मुक्त होगा शिशु

बच्चों में होने वाले कुपोषण की गंभीर समस्या को लेकर अखिलेश सरकार की कोशिश है कि इसे उखाड़ फेंका जा सके। इसके लिए सरकार गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिये कई योजनाएं भी चलाई हैं। सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की देखरेख के लिये आशा बहुओं सहित निशुल्क भोजन प्रसव, बच्चे का टीकाकरण सहित आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल पोषाहार और कई अन्य योजनाएं चलाई जा रही हैं। अब सरकार ने गर्भ में बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए इस मिशन को लॉन्च किया है।

 

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