Uttar Hamara logo

अन्नदाताओं की खुशहाली में सीएम अखिलेश ने खोजा यूपी की प्रगति का रास्ता

PhotoView-1316

photo_uttamup.com

July 02 2016

किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं। ऐसे में उनकी तरक्की के बिना प्रगति की कल्पना भी बेमानी है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में तो किसानों को विकास के केंद्र बिन्दु में रखे बिना विकास असंभव हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस बात को शुरू से समझ रहे थे। तभी तो एक ओर उन्होंने किसानों को उनकी उपज का पूर दिलाने के लिए किसान मंडियों और बाजारों की स्थापना की तो दूसरी ओर फसल और किसानों को सुरक्षा दायरे में लाने के लिए कल्याणकारी बीमा योजनाएं भी लागू कीं। दूसरी ओर खेती और सिंचाई को और सुविधाजनक बनाने की कार्ययोजनाए तैयार की। किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने व बनाए रखने के लिए सामाजिक सुरक्षा के कार्यक्रमों को भी विस्तार दिया है। लगातार दो वर्ष वर्ष 2015-16 और वर्ष 2016-17 को किसान वर्ष घोषित कर प्रदेश की प्रगति का मुंह किसानों के विकास की ओर मोड़ दिया।

किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए जहां सिंचाई सुविधाओं में बढ़ोतरी की गईए वहीं अधिकांश सिंचित क्षेत्रों का सदुपयोग करते हुए बुवाई क्षेत्रफल में वृद्धि करने का काम भी किया गया है। पिछले तीन वर्षों में इसमें काफी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2012 में जहां प्रति हेक्टेयर औसत 23.91 कुन्टल उपज प्राप्त की गई थीए वहीं वर्ष 2015 में इसमें 5.02 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज करते हुए प्रति हेक्टेयर औसत 25.11 कुन्टल पैदावार प्राप्त की गई। कुल बोये गए क्षेत्रफल में वाणिज्यिक फसलों का हिस्सा करीब 258 फीसदी बढ़ा है। इससे किसानों की आमदनी में वृद्धि का आकलन किया जा सकता है। दरअसल इसमें किसान दुर्घटना बीमा योजना और खाद व बीज के लिए चलाई जा रही डीबीटी स्कीम का भी अहम रोल है। डीबीटी स्कीम की तो वर्ल्ड बैंक भी तारीफ कर चुका है।

PhotoView-2188

हर 10 किमी पर एक एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब

किसानों को उनकी उपज की खरीद-फरोख्त के लिए अखिलेश सरकार ने हर 100 वर्ग किमी क्षेत्रफल यानी हर 10 किमी. के अंतर पर एक मंडी स्थल उपलब्ध कराने के लिए एक एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब का निर्माण कराए हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 1643 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब का कार्य कराया जा चुका है, जिसमें से 874 हबों को तो संचालित भी किया जा चुका है। हर एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब में 10 सी टाइप की दुकानें, एक नीलामी चबूतरा का निर्माण कराया गया है। सरकार की पहली प्राथमिकता सुख सुविधायुक्त आधुनिक मंडी स्थलों के निर्माण की है, जिससे किसाने अपने उत्पाद को एक परिसर में लगाकर उन्हें बेच सकें और उन्हें भटकने से बचाया जा सके।

किसानों को दिलाई बिचैलियों से मुक्ति

मंडी की उपलब्धता नहीं होने पर अक्सर किसानों को उपज बेचने के लिए भटकना पड़ता था। अखिलेश सरकार ने एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब के रूप में उन्हें जगह तो दी ही, साथ ही उन्हें बिचैलियों से भी निजात दिलाई है। किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने तथा उन्हें बिचैलियों के शाोषण से मुक्त कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की स्थापना की गई है। इसके अन्तर्गत 250 मंडी और 365 उपमंडियां शामिल की गई हैं। ऐसे में जब कई किसान एक ही जगह इकट्ठा होकर अपने उपज की बोली लगाएंगे तो उन्हें वाजिब कीमत भी मिलेगी।

PhotoView-69

त्रुटि रहित तौल की व्यवस्था

मंडी स्थलों में त्रुटि रहित तौल की व्यवस्था के लिए 150 मंडियों और उपमंडियों में 286 इलेक्ट्रानिक वे-ब्रिज की स्थापना कराई गई है। कृषि उत्पाद का सही वजन होने के कारण किसानों को उनके कृषि उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है जिससे वे उत्साहित हैं। वहीं पैकेजिंग में सुधार हेतु 10 और 20 किलोग्र्राम के बढ़िया प्लास्टिक किट्स उत्पादकों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

ई-आक्शन से खत्म होगा हेराफेरी का डर

मण्डी समितियों में ई-आक्शन की व्यवस्था लागू किए जाने के लिए कृषि उत्पादन मंडी नियमावली-1965 में संशोधन किया गया। इसके साथ ही, सुल्तानपुर मंडी समिति में इसे पायलट रूप में शुरू किया गया। अब यह व्यवस्था पूरे राज्य की मंडियों में शुरू की जाएगी। ई-आक्शन की व्यवस्था से किसान अपनी उपज का उचित एवं प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था के अन्तर्गत व्यापारी को अधिकतम बोली के अनुसार किसान से माल खरीदना पड़ेगा एवं भुगतान करना होगा। यदि किसान लगाई गई बोली से सहमत नहीं होता है, तो पोर्टल में उपलब्ध किसी भी वेयर हाउस में अपना माल रखवा सकता है तथा जब उसे उचित लगे तब पुनः बोली लगवा सकता है।

1914271_1059021174118346_5981394696755031159_n

बड़े शहरों में खोले किसान बाजार

किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से बड़े शहरों में एग्री माल की तर्ज पर किसान बाजार के नाम से बाजार विकसित किये जा रहे हैं।

कृषक सेवा केन्द्रों का निर्माण

किसानों को दी जाने वाली सुविधा जैसे- मिट्टी का परीक्षण, जैविक खाद, कृषि यन्त्र, उन्नतिशील बीज, एग्री क्लीनिक, सूचना विज्ञान केन्द्र, फसल संरक्षण आदि देने के उद्देश्य से समाजवादी सरकार ने सभी मंडी समितियों में कृषक सेवा केन्द्र  खोलने का निर्माण लिया है। इस क्रम में 87 कृषक सेवा केन्द्र की स्थापना हो गई है।

दुर्घटना सहायता योजना

कृषि कार्य करते समय अंग-भंग तथा मृत्यु होने पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम तीन हजार और अधिकतम दो लाख रुपये की मदद दी जा रही है। 2012 से नवंबर 2015 तक 1451 किसान को मदद पहुंचाई जा चुकी है। दूसरी ओर खलिहान में आग लगने की स्थिति में खलिहान दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत के तहत सरकार की ओर से जोत सीमा के आधार पर न्यूनतम 15,000 रुपये और अधिकतम 30,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। खड़ी फसल को भी अग्निकाण्ड दुर्घटना योजना के अन्तर्गत शामिल कियाा गया है। इसके अंतर्गत जहां अग्निकाण्ड दुर्घटना में सहायता की धनराशिPhotoView-1610 एक लाख रुपये से अधिक आंकलित हो रही हो तो इन दावों के निपटाने हेतु जनपद के जिलाधिकारी को अधिकृत किया गया है। इस योजना के तहत 2012 से नवंबर 2015 तक 17880 किसानों को मदद पहुंचाई जा चुकी है।

 

मंडी सुगम परिवहन योजना

फल व सब्जी के लघु एवं सीमान्त कृषक उत्पादकों को अपनी कृषि उत्पाद यातायात के अभाव में स्थानीय हाट या बाजार में न बेचना पड़े, इसलिये उनके उत्पाद को निकटतम मण्डी में लाने हेतु परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मण्डी परिषद द्वारा प्रथम चरण में पांच मंडियों- कन्नौज, बहराइच, कानपुर, महोबा एवं ललितपुर में सुगम परिवहन योजना लागू की गई है।

दुग्ध परिवहन योजना

मण्डी सुगम परिवहन योजना की तरह ही गाजीपुर से वाराणसी तक दुग्ध उत्पादकों के निःशुल्क परिवहन हेतु दो बसें चलायी जा रही हैं। 27 अक्टूबर 2014 से शुरू हुई इस योजना से अब तक 4652 दुग्ध उत्पादक लाभान्वित हो चुक हैं।

 

उत्तर हमारा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news