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भारतीय राजनीति में विकास पुरुष के रूप में उभरे हैं अखिलेश यादव

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17 November 2016

‘जनता के लिए जिसके मन में प्यार नहीं, जनतंत्र में वह कुर्सी का हकदार नहीं’। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2016-17 के बजट भाषण में इसका उल्लेख किया था। पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में उन्हें अपने उदार और प्रगतिशील व्यक्तित्व से इस वाक्य को साबित भी कर दिखाया है। अखिलेश यादव की इस छवि के चलते ही उत्तर प्रदेश क्या पूरे देश में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश भी विकासरथ पर सवार हो कर उन्नति की राह पर आगे बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश की स्थिति चार साल पहले ऐसी नहीं थी। बदहाली का ऐसा आलम था कि अर्थशास्त्री उत्तर प्रदेश की तुलना इथोपिया और बांग्लादेश जैसे देशों से करते थे। अखिलेश यादव ने कार्यकाल संभाला उसके बाद से ही उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने का खाका तैयार किया जाने लगा। एसोचैम ने वर्ष 2012 में इस बात के संकेत दे दिए थे कि अपनी विकास गति से उत्तर प्रदेश 10 अंकों की विकास दर हासिल करने की ओर अग्रसर है। प्रतिष्ठित इकोनाॅमिक टाइम्स-एयरटेल ग्लोबल समिट 2016 में भी इसकी तस्दीक करते हुए उत्तर प्रदेश को देश में सबसे तेजी से प्रगति करने वाला राज्य घोषित किया गया। स्पष्ट है कि 2012 में प्रगति ने जो रफ्तार पकड़ी थी, उसकी गति 2016 तक बरकरार रही।

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तमाम विसंगतियों के बावजूद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विकास पुरुष के उभरते गए और अब राजनीति के सौरमंडल में सूर्य की तरह दीप्तमान हो रहे हैं। ये अखिलेश यादव के व्यक्तित्व का परिपक्व पहलू ही है कि तमाम अर्थशास्त्री, योजनाकार और बुद्धिजीवी यूपी के विकास में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसकी एक वजह यह भी है  उत्तर प्रदेश आज देश में निवेश का सबसे आकर्षक ठिकाना बन चुका है। प्रदेश में भौतिक और सामाजिक बुनियादी संरचना में विशेष प्रगति की है। सूचना-प्रौद्योगिकी उद्योग, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार, विदेशी निवेश और बाजारीकरण के क्षेत्र में अखिलेश सरकार की नीतियों की देश-विदेश में चर्चा हो रही है।

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इतिहास में ऐसे कई मिसाल है जब कोई अपनी क्षमताओं का पहचान कर जननायक बन कर उभरा है। अखिलेश यादव ने भी पहले अपनी छवि युवा नायक के तौर पर बनाई। बाद में मुख्यमंत्री बनने पर गरीबों के हमदर्द के रूप में खुद को स्थापित किया। उनकी पूर्ववर्ती सरकार ने जहां हर काम में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री आवास ऐसा स्थान बन गया जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। वहीं अखिलेश यादव ने उदारता का परिचय देते हुए पिछले चार साल में जरूरतमंदों और अन्याय के शिकार लोगों के इलाज या मुआवजे के लिए अपने विवेकाधीन कोष से 350 करोड़ रुपये खर्च किए। साथ ही उत्तर प्रदेश में ‘जनता दरबार’ की शुरुआत कर आमजन की समस्याओं से सीधे रूबरू होकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया।

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समाजवादी की परिभाषा ही है ‘इंसानियत और इंसाफ’। इसी वजह से राज्य के हर कार्यक्रम और योजना में समाजवाद का खास ख्याल रखा गया है। ऊर्जा नीति, पर्यटन नीति, कृषि नीति, उद्योग नीति आदि से आज प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदल रही है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस से विकास की रफ्तार तेज करने का काम अखिलेश सरकार ने किया है। यह अखिलेश यादव के उस सपने का एक प्रतीक है, जिससे वे राज्य को आर्थिक क्रांति के राजमार्ग पर स्थापित कर रहे हैं। इंडिया टूडे के एक सर्वे में देश के बेहतरीन प्रदेशों में इस बात को स्वीकार किया जा चुका है कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सर्वे में यह भी पाया गया कि यूपी सड़कों के निर्माण के मामले में 2011 में 17वें पायदान पर था, जो अखिलेश सरकार के कार्यकाल में महज दूसरे ही वर्ष यानी 2013 में दूसरे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब हो गया। इसका आशय है कि निकट भविष्य में हर एक आवासीय क्षेत्र में सड़कें होंगी। इसी तरह विभिन्न शहरों में मेट्रो लाकर नए उत्तर प्रदेश का भी सृजन अखिलेश ने किया है। यूपी अकेला ऐसा राज्य है जहां चार मेट्रो परियोजनाएं एक साथ चल रही हैं।

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पिछले कुछ वर्षों में अखिलेश सरकार ने प्रदेश में अनुकूल आर्थिक वातावरण तैयार किया है। इससे निवेशकों का भी उत्तर प्रदेश में भरोसा बढ़ा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित निवेशक सम्मेलन में उद्योगों ने राज्य में 54 हजार करोड़ रुपये के निवेश की वचनबद्धता से नए यूपी के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। बिजली क्षेत्र में सुधार से 12वीं पंचवर्षीय योजना तक उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की पूरी संभावना है। सामाजिक, आर्थिक पहलुओं पर भी अखिलेश सरकार ने इनोवेटिव तरीके से काम कर सफलता अर्जित की है। ऐसे में जनता की अपेक्षा में उनसे अधिक हैं। अभी उत्तर प्रदेश को विकास के पटरी पर लेकर आए अखिलेश यादव से उनकी अगली पारी में प्रदेश को विकास की नई उंचाई पर स्थापित करने की पूरी उम्मीद है।

 

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