Uttar Hamara logo

विकास रथयात्रा स्पेशल : शिक्षा, स्पोर्ट्स या हो जॉब, सीएम अखिलेश की नई सोच ने तय की यूपी में युवाओं की तरक्की

ay31

Image_Twitter

05 November 2016

किसी देश या प्रदेश की उम्र का आकलन वहां की बहुसंख्यक आबादी की आयु के हिसाब से किया जाता है। इस लिहाज से देखा जाए तो उत्तर प्रदेश एक युवा प्रदेश है और यहां की जरूरतें भी इसी के अनुरूप हैं। मसलन युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार के अलावा न दौर की तकनीकी से रूबरू होने का मौका मिलना आज की जरूरत है। दरअसल युवाओं की अपनी एक राजनीतिक प्रतिबद्धता, एक सोच और वोट देने को लेकर एक अलहदा दृष्टिकोण है। इस मान्यता के चलते युवा वर्ग द्वारा मौजूदा राजनीति की दिशा बदलने का आभास मिलता है। तो यह भी स्वाभाविक है कि युवा वर्ग की राजनीतिक सोचए मिजाज और व्यवहार देश के बाकी वोटरों से अलग होती है। हाल के कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में आए बदलावों पर गौर करें तो समझ में आता है कि युवाओं के मसलों को समझने में अखिलेश यादव के रूप में यहां युवा मुख्यमंत्री होना काफी कारगर साबित हुआ।

वरिष्ठ पत्रकार सुनीता एरन अपनी किताब ‘अखिलेश यादव: बदलाव की लहर’ में जिक्र करती हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर उनमें कैसी छटपटाहट थी। इसके लिए वे हर किसी से सलाह लेने को तैयार रहते थे। अखिलेश यादव ने पहली बार उत्तर प्रदेश में सिस्टमेटिक डेवलपमेंट की पहल की। हर साल के लिए विकास का एजेंडा तय किया ताकि हर काम अपने नियत समय पर पूरा हो और काम में पारदर्शिता हो। इसका नतीजा हुआ कि पांच साल के कार्यकाल में वह अधिक कार्य करा भी सकते है और योजनाओं व नीतियों का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन भी हो सका।  जहां तक युवाओं की बात है तो बदलते परिवेश में उन्हें एक ऐसा नेतृत्व चाहिए था तो राह दिखाए भी और रास्ते तैयार भी करें। अखिलेश यादव इस काम में काफी हद तक सफल रहे। युवाओं को आगे बढ़ने के मौके देने के लिए शायद ही कोई क्षेत्र हैं जिसमें अखिलेश यादव ने काम न लिया हो.

ay1

Image_Twitter

बेहतर शिक्षा के मौके दिए

चुनाव में किये गए वादों को पूरा करते हुए अखिलेश यादव ने प्रदेश के 12वीं पास मेधावी छात्र-छात्राओें को उच्च शिक्षा खासकर विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए फ्री लैपटाॅप बांटे। तो इंटरमीडिएट परीक्षा पास और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छुक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप कन्या विद्याधन की योजना चलाई।  हमारी बेटी उसका कल योजना चलाई ताकि अल्पसंख्यक समुदायों की 10वीं पास छात्राओं की शिक्षा और विवाह के लिए एकमुश्त आर्थिक सहायता उनके अभिभावकों को एकमुश्त आर्थिक सहायता मिल सके।

ay

Image_Twitter

बेरोजगारी भत्ता दिया, रोजगार से जोड़ा भी

अखिलेश सरकार ने बेरोजगारों को न सिर्फ भत्ता देकर उनकी मुश्किलें दूर कीं, बल्कि कौशल विकास मिशन का सफल सञ्चालन का उन्हें रोजगार से जोड़ा भी। 25 वर्ष से 40 वर्ष तक की आयु वर्ग के हाईस्कूल पास बेरोजगार युवक-युवतियों को एक हजार रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता दिया गया तो युवाओं को विभिन्न व्यवसायों के लिए हुनरमंद बनाने के लिए कौशल विकास मिशन की स्थापना की गई। इसमें 14 से 35 वर्ष तक की आयु के युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में दक्षता देने के लिए रोजगारपरक निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। योजना के तहत करीब 25 लाख बेरोजगार नवयुवकों को रोजगारपरक निशुल्क प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद 1 लाख से ज्यादा युवक नौकरी हासिल कर चुके हैं।

चिकित्सा और तकनिकी शिक्षा में प्रवेश के अवसर खोले

बेहतर शिक्षा का अवसर देने के साथ अखिलेश सरकार ने चिकित्सा और इंजीनियरिंग  क्षेत्र में भी नौजवानों को मौके दिए। प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 700 सीटें बधाई गयीं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में भी 46 हजार सीटों की वृद्धि की गयी। इसके साथ ही राजकीय आईटीआई की सीटों को दोगुना करने का ऐतिहासिक कदम उठाया।

ay2

Image_Twitter

खेल और खिलाड़ियों को खूब मिल रहा प्रोत्साहन

मिजाज से खिलाड़ी अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में खेलों और खिलाड़ियों को खूब बढ़ावा दिया। वरना अब तक तो खिलाड़ी अपनी कूबत से आगे आ गए तो ठीक, सरकारों को तो वो तभी याद आते थे जब कोई मैडल आता था। इसके विपरीत अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों को उनका हुनर निखारने का मौका दिया और मैडल पाने वालों को भी प्रोत्साहित किया। अखिलेश सरकार में उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों में 16 खेलों में 36 छात्रावास संचालित किए गए। प्रदेश भर में 6 स्टेडियम, 4 बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हाॅल, 7 तरणताल, 1 जूडोहाॅल, 1 जिम्नेजियम हाॅल, दो वेटलिफ्टिंग हाॅल, 2 एस्ट्रोटर्फ हाॅकी मैदान, दो डारमेट्री और 3 स्पोर्ट्स काॅलेज का निर्माण किया गया। इन सबसे ऊपर लखनऊ में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम व इंटरनेशनल फुटबाल स्टेडियम का निर्माण किया गया। इस तरह देखा जाये तो अखिलेश यादव में युवा मुख्यमंत्री के रूप में युवाओं की जरूरतें समझीं और उन्हें पूरा करने के पूरे मनोयोग से प्रयास किए। 2012 के विधान सभा चुनाव के वक़्त अखिलेश यादव जा अपने एजेंडे के साथ युवाओं के बीच जा रहे थे तब उनके पास सिर्फ निश्चय था, उसे दिखाने के लिए कोई उदाहरण नहीं था, लेकिन पांच साल बाद उनके यह भी बताने के लिए है कि वे युवाओं को राह दिखा  हैं। इन्हीं वादों और दावों के साथ अखिलेश यादव एक बार फिर विकास से विजय के रास्ते पर अपनी विकास रथयात्रा के साथ निकलने को तैयार हैं।

उत्तर हमारा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news