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सीएम अखिलेश ने पर्यटन को दिया बढ़ावा, सैलानियों को भाने लगा यूपी

उत्तर प्रदेश में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा टूरिज्म 
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पर्यटन का विकास आखिर क्यों जरूरी है? क्या इसका मकसद सिर्फ मनोरंजन है या फिर धरोहरों, विरासत का प्रदर्शन? जब कभी पर्यटन के विकास की बात होती है तो ये सवाल कौंधते हैं कि आखिर इस क्षेत्र से जनता या प्रदेश की प्रगति कैसे जुड़ी होती हैं। दरअसल पर्यटन बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और रोजगार बढ़ने राज्य की अर्थव्यव्यस्था में योगदान देने वालों की संख्या बढ़ती हैं। बात स्पष्ट है कि पर्यटन और प्रदेश के विकास में सहसंबंध होता है। यह सहज सी बात शायद पूर्ववर्ती सरकारों को समझ नहीं आई, जिससे उत्तर प्रदेश के टूरिज्म के मानचित्र में आने पर इतने साल लग गए। 2012 में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार आने के बाद इस क्षेत्र के विकास के जरिये प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर ले जाने के बारे में गंभीरता से विचार किया गया। पहली बार उत्तर प्रदेश में पर्यटन को लेकर ठोस नीति बनाई गई और उसे उद्योग का दर्ज भी दिया गया। इसके परिणाम भी सकारात्मक आए। उत्तर प्रदेश में सैलानी की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई। पर्यटन से संबंधित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ट्रैवेल गाइड पत्रिका लोनली प्लेनेट उत्तर प्रदेश को ‘बेस्ट इंडियन डेस्टिनेशन फॉर कल्चर अवार्ड’ से नवाज चुकी हैं तो इससे पहले केंद्र सरकार भी राज्य को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड दे चुकी है। अब अखिलेश सरकार करीब 300 करोड़ की पर्यटन परियोजनओं को प्रदेश में लागू करने जा रही है।

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पर्यटकों की आमद में तेजी से इजाफा

उल्लेखनीय है कि समाजवादी सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेरिटेज आर्क सहित कई अहम नीतियां और कार्यक्रम तैयार किए। तो फिल्म निर्माण के लिए देश-विदेश के फिल्मकारों को आकर्षित करने के लिए नई फिल्म नीति बनाकर उन्होंने प्रोत्साहित भी कर रही है। सैलानियों को आकर्षित करने केलिए राज्य में वीलेज टूरिज्म से लेकर आस्था और परंपरा के केंद्रों को नए सिरे से संवारा जा रहा है। मथुरा, आगरा से लेकर चित्रकूट, कुशीनगर पर पर्यटन को बढ़ाने देने की कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। तो आगरा में पहले वैलून फेस्टिवल और 14 फरवरी को यूपी पर्यटन दिवस की घोषणा कर सीएम ने पर्यटन क्षेत्र के विकास में लंबी छलांग लगाई है। केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी बताते हैं कि भारत में पर्यटन का सरताज ताजमहल ही है और वह यूपी में है। विदेशी पर्यटकों की आमद में तेजी से इजाफा हो रहा है और दूसरे देशों के मुकाबले भारत में पर्यटकों की आमद पिछले दिनों बढ़ी है। उनके अनुसार भारत को विदेशी पर्यटकों से साल में औसतन एक लाख तीन हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। भारत में पिछले चार माह में पर्यटक वृद्धि दर 15.50 प्रतिशत दर्ज की गई जो कि एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि यूपी में तो देसी पर्यटन में तेज उछाल आया हुआ है जहां 15 से 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जा रही है जो औसतन 12-15 हुआ करती थी।

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अब लखनऊ, वाराणसी, आगरा के बीच विमान सेवा

राज्य सरकार ने पर्यटकों को सहूलियत को और बढ़ाने के लिए अब लखनऊ, वाराणसी, आगरा के बीच विमान सेवा शुरू करने की तैयारी की है। आगरा से वाराणसी वाया लखनऊ के बीच 18-20 सीटों वाली वायुयान सेवा शुरू की जाएगी। ठीक इसी तर्ज पर लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर के बीच भी हवाई सेवा भी शुरू की जाएगी। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वाराणसी में संत कबीर के जन्म स्थान मगहर में पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों के रुकने के लिए डारमेट्री बनवाई जा रही है।

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देश-दुनिया में खास बनेगा लखनऊ का आम

अखिलेश सरकार पर्यटकों को आकर्षिक करने के लिए उत्तर प्रदेश के मशहूर व्यंजनों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित कर रही हैं। इसी क्रम में 25 जून से मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। जब कि मुगलई, अवधी व पूर्वांचल के व्यंजनों से माध्यम में पर्यटकों को जोड़ने के लिए लखनऊ हाट में समय-समय पर आयोजन भी किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की दस्तकारी को पर्यटन से जोड़कर एक पंथ दो काज पर चलते हुए सरकार बुनकरों और हस्तशिल्पियों को भी लाभ पहुंचा रही है।

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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

यूपी सरकार ने पर्यटन को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए हाल ही में नई पर्यटन नीति लागू की है, जिसके तहत प्रदेश भर में पर्यटन विभाग के जो होटल नहीं चल रहे थे उन्हें निजी क्षेत्रों को लीज पर देने की कार्यवाही की जा रही है। गेस्ट हाउसों का सुंदरीकरण भी किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार पर्यटन की दृृष्टि से महत्वपूर्ण प्रत्येक धार्मिक स्थल को 24 घंटे बिजली की सप्लाई दे रही है। इसके साथ इन स्थानों पर अंडरग्राउंड वायरिंग भी कराई जा रही है। इन स्थानों पर राज्य सरकार अपने संसाधनों से अन्य पर्यटक सुविधाएं भी मुहैया करा रही है।

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स्थानीय लोगों की भागीदारी

प्रो पुवर टूरिज्म नीति के तहत प्रदेश के जितने भी पर्यटक स्थल हैं उनके आस पास रहने वालों को उससे जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है और जल्द ही ऐतिहासिक और हेरिटेज इमारतों की देखरेख तथा उनके रखरखाव में स्थानीय लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगा। इससे बढ़े पैमाने पर प्रदेश में पर्यटक स्थलों से जुड़ने वाले लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर पर्यटकों को आने-जाने के लिए वायुयान सेवा शुरू हो जाने के बाद प्रदेश के पर्यटन से कई गुना अधिक राजस्व मिलने लगेगा।

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भारत के पर्यटन में यूपी का बड़ा योगदान

केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी कहते हैं भारत के पर्यटन नक्शे पर सबसे पहले अगर ताजमहल है तो दूसरे स्थान पर बुद्ध सर्किट है और वह भी यूपी में ही है। बुद्ध सर्किट के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों सारनाथ, श्रावस्ती, कपिलवस्तु और कुशीनगर में 100 करोड़ की सहायता से महात्मा बुद्ध के जीवन, बुद्ध के समय के मंदिर, उस समय के खान-पान और रहन-सहन के साथ-साथ उस काल को लाइट एंड साउंड शो तथा लेजर शो में दर्शाया जाएगा। उनके अनुसार कुशीनगर हवाई पट्टी के चालू करने में जो भी औपचारिकताएं होंगी, उन्हें जितनी जल्द संभव हुआ पूरा किया जाएगा।

 

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