Uttar Hamara logo

डॉयल 100 से यूपी पुलिस बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस सेवा

गेम चेंजर साबित होगा परियोजना, सिर्फ 10-20 मिनट में मिलेगी मदद

police-brochure-3

Photo_ uppolice.gov.in

July 21, 2016

पुलिस को आधुनिक साज-ओ-सामान से लैस करने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे विस्तार देते हुए अमेरिकी तर्ज डॉयल 100 सेवा लागू करने जा रही है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के शब्दों में 24 घंटे 365 दिन काम करने वाली यह परियोजना अपराधों के नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में ‘गेम चेंजर’ होगी और दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगी। इस परियोजना के लागू होने के बाद आपात स्थिति में फोन करने पर सिर्फ 20 मिनट में किसी भी स्थान पर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकेगी। अखिलेश यादव ने इससे पहले स्वास्थ्य क्षेत्र में 108 व 102 एंबुलेंस सेवा के रूप में इसे परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। अब डॉयल 100 के साथ वह कानून-व्यवस्था में नए बदलाव का सूत्रपात करने जा रहे हैं। इस परियोजना से एंबुलेंस, फायर सर्विस, राजमार्ग पुलिस, एकीकृत यातायात प्रबंध, वूमेन पावर लाइन और स्वास्थ्य सेवाओं को भी जोड़ा जाएगा। यह परियोजना विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत आपातकालीन सेवा होगी, जो प्रदेश के 75 जिलों, 689 शहरों व कस्बों और 1,07,452 गांवों में रहने वाले 22 करोड़ की पहुंच में होगी।

Police-Force-6

Photo_ digitalcm.in

हर दिन 2 लाख लोग कर सकेंगे कॉल

इस परियोजना की कुल लागत 2325.33 करोड़ रुपये होगी। उत्तर प्रदेश की यह सेवा देश ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस सेवा होगी। इस प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले इस संबंध में सिंगापुर से अमेरिका तक में अध्ययन किया गया है। डॉयल 100 सेवा इसी साल गांधी जयंती के मौके पर शुरू की जाएगी जिसमें हर दिन दो लाख लोग कॉल कर सकेंगे।

dail100

photo_twitter.com

शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने पर ही बंद होगा केस

डॉयल-100 परियोजना के सलाहकार वेंकट चंगावल्ली की मानें तो इस प्रोजेक्ट से लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा। पुलिस पर बढ़ेगा। डॉयल 100 के जरिए पुलिस महज 10 से 20 मिनट में मौके पर पहुंचकर लोगों को मदद पहुंचा सकेगी। अपराध के तौर तरीके बदलने के चलते डॉयल 100 को प्रभावी बनाने के दिशा में अखिलेश यादव काफी लंबे समय से अधिकारियों के साथ मंथन कर रही है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में मोबाइल, ई-मेल व सोशल मीडिया के जरिए बहुत सारे अपराध हो रहे हैं। इसलिए पुलिस को भी आधुनिक व हाईटेक बनाना होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का मानना है कि इस परियोजना से पुलिस में तेजी आएगी। साथ ही लोगों के पास पुलिस की मदद भी जल्दी पहुंचेगी। डॉयल 100 परियोजना के तहत पुलिस के पास आने वाली हर शिकायत को रिकॉर्ड  किया जाएगा और पीड़ित व्यक्ति के संतुष्ट होने के बाद ही केस बंद किया जाएगा।

banner-16

Photo_ uphome.gov.in

हर एक गाड़ी पर लगेगा जीपीएस

इस योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू होगा। पुलिस को प्रभावी बनाने के लिए कुल 3200 गाड़ियां और 1600 बाइक की व्यवस्था इस परियोजना के माध्यम से की जा रही है। सभी गाड़ियों पर जीपीएस लगे होंगे। इससे कंट्रोल रूम को गाड़ियों को लोकेशन हर वक्त मिलती रहेगी। लखनऊ, कानपुर नगर, इलाहाबाद और गाजियाबाद में स्थापित मॉडर्न कंट्रोल रूम की सेवाओं को देखते हुए सरकार ने इस योजना को लागू करने की योजना बनाई है। परियोजना के तहत लखनऊ में अल्ट्रा-मॉडर्न कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। इसी तरह आगरा और वाराणसी में भी एक-एक कंट्रोल रूम खोले जाएंगे। कॉल सेंटर पर आने वाले आंकड़ों के एनालिसिस व रिसर्च के लिए एक स्पेशलाइज्ड सेंटर बनाया जाएगा

banner-8

Photo_ uppolice.gov.in

बेहतर रिस्पांस टाइम से लगे अपराध पर लगाम

वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के पहुंचने से ज्यादा और सटीक साक्ष्य जुटाने में मदद मिलती है। इससे अपराधियों को पकड़ना और मामलों का खुलासा करना भी आसान होता है, जो धीरे-धीरे अपराध में कमी लाने की वजह भी बनता है। इसलिए डॉयल 100 के तहत रिस्पांस टाइम को कम करने पर जोर रहेगा। शहरी क्षेत्रों में जहां दोपहिया वाहन 10 मिनट में और चार पहिया वाहन 15 मिनट में पहुंचेंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रिस्पॉन्स टाइम 4 पहिया वाहन के लिए 20 मिनट रखा गया है।

police-brochure-5

Photo_ uphome.gov.in

 विदेशी सैलानियों और दिव्यांगों का भी ख्याल

डॉयल 100 को भारतीय भाषाओं के अलावा पर्यटकों के लिए विदेशी भाषाओं और दिव्यांगों के लिए साइन लैंग्वेज में तैयार किया जाएगा। इस सेवा पर प्रतिमाह 1 रुपया प्रति व्यक्ति का खर्च हो रहा है। डायल 100 पर आने वाली कॉल पर कार्रवाई के लिए 401 प्रोटोकॉल बनाए गए हैं और इस काम में 3200 गाडियां लगेंगी। परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इसमें 25,000 कर्मचारी लगाए जाएंगे, जिन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जबकि 700 महिलाएं कॉल रिसीव करने का काम करेंगी।

 

उत्तर हमारा

4 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news