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समाजवादी एंबुलेंस की तरह ही पीड़ितों को फौरन मदद पहुंचाएगी यूपी पुलिस

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01 November 2016

चार साल पहले अखिलेश सरकार ने जब समाजवादी एंबुलेंस सेवा 108 की शुरुआत की थी तब किसे इस बात का अंदाज था कि यह उत्तर प्रदेश के नागरिकों की लाइफ लाइन बन जाएगी। लोगों को जरूरत के वक्त 15 से 20 मिनट में मात्र एक काॅल पर एंबुलेंस मिलने लगी, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन बचाया जा सका। अब ऐसी ही पहल उत्तर प्रदेश सरकार ने डाॅयल 100 परियोजना से शुरू की है। डायल 100 सेवा के माध्यम से आपातकाल में अब प्रदेश की जनता पर मात्र 10 से 20 मिनट के भीतर पुलिस पहुंचेगी। डायल 100 की सेवा पूरी तरह से शुरू होने के बाद यूपी की पुलिस दुनिया के सबसे हाईटेक पुलिस में शामिल हो जाएगी।

डायल 100 का उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल आपातकालीन सेवाएं प्रदान करना है। इस स्कीम से पुलिस बल के रिस्पांस टाइम को कम करने का प्रयास किया गया है। 100 नंबर डायल करते ही पुलिस विभाग, फायर सर्विस, एंबुलेंस, वीमेन पावर लाइन को अलग से डायल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे लोगों के समय की बचत, समस्या का त्वरित समाधान होगा।

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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल में इस योजना का मोबाइल एप लाॅन्च किया। ये सिटीजन एप गूगल प्ले स्टोर पर मिलेगा। पुलिस के साथ-साथ प्रदेश की जनता के लिए यह क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। इस एप को डाउनलोड करने के बाद जनता सीधे पुलिस से जुड़ा जाएगी। यह पहला मौका होगा जब यूपी पुलिस पूरे राज्य में मोबाइल के जरिए जनता से जुड़ रही है। इससे पहले पुलिस ट्विटर सेवा के जरिए लोगों से जुड़ने की कामयाब कोशिश कर चुकी है।

डायल-100 एप को डाउनलोड करने के बाद लोगों को इसमें खुद का पंजीकरण कराना होगा। मुसीबत के वक्त पीड़ित जैसे ही पैनिक बटन दबाएगा, पुलिस के सामने उसकी सारी जानकारी आ जाएगी। पीड़ित के लोकेशन और उसके घरवालों को भी आसानी से सूचना पहुंच सकेगी। इस एप में पंजीकरण कराते समय लोगों को नाम, फोन नंबर, कहां काम करते हैं, बच्चे कहां पढ़ते हैं, पांच इमरजेंसी संपर्क मोबाइल नंबर, किन-किन भाषाओं की जानकारी है, यह दर्ज कराना होगा। पुलिस आपात स्थिति में विभिन्न भाषाओं के जानकार लोगों से मदद भी मांग सकती है।

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डायल 100 के तहत राज्य भर में कोई कहीं से भी कोई यूपी पुलिस को फोन करेगा तो उसकी कॉल लखनऊ स्थित काॅल सेंटर से जुड़ जाएगी। वहां इस बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग होगी और सबसे नजदीक जो भी पुलिस स्टेशन मौजूद है वहां से फौरन मदद के लिए पुलिस रवाना हो जाएगी। इस एप् में यह सुविधा है कि पुलिस को बिना बताए मोबाइल फोन के जरिए यह बात पता चल जाएगी कि जिस व्यक्ति को पुलिस के मदद की जरूरत है वो कहां पर है। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में इससे बड़ी मदद मिलेगी क्योंकि इन इलाकों के पूरे नक्शे नहीं है और पुलिस को कई बार घटनास्थल पता करके वहां तक पहुंचने में ही बहुत समय लग जाता है।

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डायल 100 परियोजना के तहत राजधानी लखनऊ में इसका मुख्यालय बनाया गया है। इस मुख्यालय का काम दिसम्बर 2015 में शुरू करा गया था। माना जा रहा है कि यूपी पुलिस के डायल 100 की सेवा से जनता को सुरक्षा मिलेगी। पुलिस कार्रवाई में तत्परता दिखाने के साथ ही शिष्ट आचरण भी दिखाएगी। इस सुविधा से पुलिस को अपेक्षित साधनों से लैस कर उसकी कार्यक्षमता और दक्षता को बढ़ाया जाएगा।  इस योजना के तहत पुलिस कर्मियों को न सिर्फ कम से कम रिस्पांस टाइम में लोगों को मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि उन्हें जनता के साथ बेहतर बर्ताव का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ-साथ टेक्निकल प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस सुविधा के लागू होने से आम जनता को दुर्घटना या हादसा होने पर इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचते ही स्थिति का जायजा लेकर उसके अनुरूप तुरंत कार्रवाई होगी।

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पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस जावीद अहमद की मानें तो डायल-100 परियोजना से जिलों में पुलिस पट्रोलिंग को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ वहां की पुलिसिंग को भी चुस्त-दुरूस्त बनाने में मदद मिलेगी। डायल-100 परियोजना से प्रदेश की जनता में सुरक्षा को लेकर भरोसा भी बढ़ेगा।

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