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रथयात्रा स्पेशल: यूपी हुआ विकास रथ पर सवार, अखिलेश सरकार में निवेश हुआ अपार

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09 November 2016

मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव ने यूपी के विकास का जो पौधा लगाया था, वह अब वटवृक्ष बन गया हैं। प्रगति के लिए बेहतर माहौल मुहैया कराने से निवेशकों का यूपी के प्रति भरोसा बढ़ा है। इसके फलस्वरूप राज्य में कारोबार से लेकर कृषि तक तरक्की हो रही है। इसका लोगों के जीवन पर भी बेहतर असर हो रहा है। उनकी जीवन शैली बेहतर हो रही है। यूपी को विकास के रथ पर सवार कर अखिलेश यादव ने न सिर्फ देश की इस सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य की स्थिति में बड़े पैमाने पर सुधार लाए हैं, बल्कि उनकी सरकार की नीतियों के चलते राज्य का देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान बढ़ा है।

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महात्मा गाँधी पीस एंड रिसर्च सेंटर घाना, दक्षिण अफ्रीका के इंटरनेशनल को-ऑर्डिनेटर प्रो. योगेंद्र यादव की मानें तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार के काबिज होने के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था में लगातार सुधार हुआ है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की विकास दर फिलहाल 9 प्रतिशत है। वहीं आर्थिक आधार पर देश की सबसे बड़ी आबादी वाला यह राज्य तीसरे स्थान पर है। प्रो. यादव कहते हैं कि यूपी में अखिलेश सरकार के आने के पहले विकास दर में लगातार गिरावट हो रही थी, लेकिन जैसे ही अखिलेश यादव ने कार्यभार संभाला, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार आया। इसकी विकास दर में तेजी से इजाफा हुआ। सपा सरकार के पहले तक भारतीय अर्थव्यवस्था में राज्य का जो योगदान गिर कर 7.97 प्रतिशत पर पहुच गया। इस समय यह बढ़ कर करीब 9 प्रतिशत हो गया है।

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देश में यूपी के सर्विस सेक्टर का योगदान बढ़ा

इन स्थितियों में सर्विस सेक्टर में उत्तर प्रदेश का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान भी बढ़ा है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में इसका सबसे बड़ा योगदान है। 2014 की जीडीपी में उत्तर प्रदेश ने 56.6 प्रतिशत का योगदान दिया था। बुनियादी ढांचा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अनापेक्षित योगदान दिया है। शहरों और गांवों में सड़कों का जाल बिछाने का जबर्दस्त काम हुआ है। इससे शहरी सडक घनत्व में 9.3 प्रतिशत की और ग्रामीण क्षेत्रों में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। उत्तर प्रदेश की तरक्की का यह सकारात्मक सन्देश है। बिजली क्षेत्र की बात करें तो अखिलेश सरकार की नीतियों के फलस्वरूप ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विद्युत् आपूर्ति बढ़ी है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है। दूसरी ओर विकास कार्यों से निवेशकों का भी उत्तर प्रदेश में भरोसा बढ़ा है।

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कृषि में सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में उभरा यूपी

एसोचैम की समय-समय पर आई रिपोर्ट भी उत्तर प्रदेश के विकास की तस्दीक करती हैं। एसोचैम की एक रिपोर्ट के मुताबिक 13 प्रतिशत भागीदारी के साथ उत्तर प्रदेश भारत के कृषि क्षेत्र में सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में उभरा है। जो देश के किसी भी राज्य से सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट में इसका श्रेय अखिलेश सरकार की नीतियों को दिया गया है। प्रदेश सरकार किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बेतहतरी कृषि उपकरण, बीज और खाद उपलब्ध करा रही है। वहीं खेतों में मिट्टी के अनुरूप उपज को बढ़ावा देने के साथ राज्य सरकार द्वारा सिंचाई मुफ्त करने से कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास दर्ज किया गया है।

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रियल एस्टेट में सबसे ज्यादा निवेश

एसोचैम की एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में देश भर की तुलना में सबसे ज्यादा निवेश हुआ है। रियल एस्टेट के क्षेत्र में देश में कुल नए निवेश में शीर्ष 20 राज्यों में करीब 50 फीसदी तक की कमी आई है, लेकिन इसके विपरीत उत्तर प्रदेश में इस मामले में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश के लिहाज से उत्तरप्रदेश ने गुजरात को पटखनी देते हुए नंबर दो की पोजिशन हासिल कर ली है। एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ;एसोचैमद्ध की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में निजी क्षेत्र की कंपनियां भारी मात्रा में निवेश कर रही हैं। वित्तीय वर्ष 2014.15 में निजी निवेशकों ने 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। जिसका 16 फीसदी हिस्सा अकेले यूपी में हुआ है। जबकि गुजरात में 14 फीसदी इनवेस्टमेंट हुआ है।

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यूपी में 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का आया निवेश

यूपी में अब तक करीब 40 हजार करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने के लिए अलग-अलग कंपनियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें अजूरे पॉवर कॉरपोरेशन ने 800 करोड़ रुपये, एक्मे पॉवर ने 250 करोड़ रुपये, एस्सेल ने 20 हजार करोड़ए  सोलर एनर्जी ने चार हजार करोड़, एनटीपीसी ने 100 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं। वहीं कुछ और कंपनियां आने वाली हैं जो अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करेंगी।

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औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ीं

अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति सहित विभिन्न सेक्टरों की नीतियों के फलस्वरूप प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। देश-दुनिया के निवेशक प्रदेश के विकास में भागीदारी के लिए आगे आए हैं। इसी गति से विकास दर में बढ़ोतरी जारी रहने पर आने वाले समय में राज्य कई प्रदेशों के लिए उदाहरण बनेगा। एक ओर जहां बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार सोशल सेक्टर पर भी पूरा ध्यान दे रही है। अब राज्य में होने वाले निवेश के प्रस्ताव सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं हैं, अब इनका दायरा बढ़कर मध्यांचल और पूर्वांचल तक पहुंच चुका है। निर्यात में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि हो चुकी है।  वर्ष 2012 में 38 हजार करोड़ का निर्यात हो रहा था जो अब बढ़ कर 90 हजार करोड़ हो गया है। वहीं उत्तर प्रदेश पर्यटकों की पंसदीदा जगह बन चुका है।

इस तरह से अखिलेश सरकार की ठोस नीतियों और कार्यप्रणालियों से हर क्षेत्र में विकास हुआ है। इसकी बदौलत न सिर्फ देश के बल्कि विदेश के निवेशकों का भी उत्तर प्रदेश में भरोसा बढ़ा है। अपनी इसी कार्यशैली के चलते अखिलेश यादव ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर आगे किया है, बल्कि जनता के दिलों को भी जीता है।

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