Uttar Hamara logo

यूपी में चार साल में ही सीएम अखिलेश ने किए विकास अपार

photo_uttamup.com

photo_uttamup.com

June 9, 2016

‘चीजें अब पूरी रफ्तार से चल रही हैं। लोग देख रहे हैं कि चीजें बदल रही हैं। हम सभी का जीवन बेहतर बना रहे हैं। ’ – अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश

ये आत्मविश्वास भरे शब्द मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हैं। चार साल पहले उन्होंने जब देश की सबसे बड़ी आबादी और विविधताओं वाले राज्य की बागडोर संभाली थीं तो परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं थीं। पर, जनता के विश्वास ने उन्हें मजबूत बनाया, जिसका नतीजा आज तेजी से तरक्की करते उत्तर प्रदेश में देखा जा सकता है। ऐसा नहीं है कि उत्तर प्रदेश को आगे बढाने में चुनौतियां सामने नहीं आईं। 2012 में हालात विकास के अनुकूल नहीं थे, निवेशक उत्तर प्रदेश में पूंजी लगाने से कतराते थे। मुख्यमंत्री ने ऐसे हालात में हर साल विकास का एक एजेंडा तैयार किया और व्यवस्थित रूप से उन एजेंडे को पूरा करने में जुट गए।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पहले ही बजट में जता दिया कि उनकी युवा सोच और युवा जोश के साथ अब उत्तर प्रदेश पीछे मुड़कर नहीं देखने वाला है। इसके परिणाम भी सामने आए और वे लगातार विकास के नए प्रतिमान गढ़ते गए। साथ ही बढ़ता गया उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर दिन दूनी, रात चौगुनी रफ्तार से। यह वही उत्तर प्रदेश है, जिसकी चार साल पहले विकास के मामलों में गिनती नहीं होती थी, अब देश क्या विदेशों में भी उत्तर प्रदेश की  सराहना हो रही है। इन बातें के साथ आइए कुछ आंकड़ों में भी जान लें कि उत्तर प्रदेश कैसे कर रहा है विकास….

प्रति व्यक्ति आय बढ़ी

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रयासों के फलस्वरूप पिछले चार साल में उत्तर प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में तेजी से बदलाव आया है। आर्थिक विकास दर एवं प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। इस समय प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 48,584 रुपये है, जबकि वर्ष 2012-13 में 35,358 रुपये ही थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उपज, सिंचाई के साथ-साथ कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों से सम्बन्धित आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2012-13 की तुलना में ग्रामीण एवं नगरीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

Ckfx3NrW0AAOQCU

बेहतर हुई अर्थव्यवस्था

उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी यानि सकल राज्य घरेलू उत्पाद में वर्ष 2012-13 की तुलना में 2.7 फीसदी की वृद्धि हुई है। वर्ष 2012-13 में प्रदेश की विकास दर जहां 3.9 फीसदी थी, वहीं 2015-16 में बढ़कर 6.6 फीसदी हो गई। एनएसडीपी यानि शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद में भी प्रभावकारी प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2012-13 में प्रदेश की एनएसडीपी 3.7 फीसदी थी, जो 2015-16 में बढ़कर 6.5 फीसदी हो गई है। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं का असर अब राज्य की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है।

सरकारी स्कूलों में 15 फीसदी बढ़ा नामांकन

राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रभावी काम किया है। शिक्षकों की कमी को पूरी करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्तियां की गईं तो मिड-डे मील में दूध और फलों को शामिल कर बच्चों को भी प्रोत्साहित किया गया। पिछली सरकार ने कन्याविद्या धन योजना को बंद कर दिया था। सीएम अखिलेश ने इस दोबारा शुरू कर गरीब परिवारों की बेटियों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा तो फ्री लैपटाप वितरण कर प्रदेश में तकनीकी और उच्च शिक्षा के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। सीएम के कामकाज के इस तरीके का असर यह हुआ कि वर्ष 2012 में सीनियर बेसिक विद्यालयों में छात्र नामांकन अनुपात जहां 57.17 फीसदी था, वहीं वर्ष 2015 में इसमें तेजी से सुधार आया और यह अनुपात बढ़कर 65.95 फीसदी हो गया। इस प्रकार 15 फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। जबकि बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं की दर में भी काफी सुधार आया है। वर्ष 2012 में जहां 49 फीसदी से अधिक छात्रों द्वारा बीच में पढ़ाई छोड़ दी जाती थी, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 39 फीसदी हो गई।

school

किसानों की आर्थिक सुधरी, उपज भी बढ़ी

किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए जहां सिंचाई सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई, वहीं अधिकांश सिंचित क्षेत्रों का सदुपयोग करते हुए बुवाई क्षेत्रफल में वृद्धि करने का काम भी किया गया है। पिछले तीन वर्षों में इसमें काफी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2012 में जहां प्रति हेक्टेयर औसत 23.91 कुन्टल उपज प्राप्त की गई थी, वहीं वर्ष 2015 में इसमें 5.02 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज करते हुए प्रति हेक्टेयर औसत 25.11 कुन्टल पैदावार प्राप्त की गई। कुल बोये गए क्षेत्रफल में वाणिज्यिक फसलों का हिस्सा करीब 258 फीसदी बढ़ा है। इससे किसानों की आमदनी में वृद्धि का आकलन किया जा सकता है। दरअसल इसमें किसान दुर्घटना बीमा योजना और खाद व बीज के लिए चलाई जा रही डीबीटी स्कीम का भी अहम रोल है। डीबीटी स्कीम की तो वर्ल्ड बैंक भी तारीफ कर चुका है।

Photo_india today

Photo_india today

परियोजनाएं ऐसी जिससे होगा यूपी का दीर्घकालीक विकास

राज्य सरकार ने कई ऐसी परियोजनाएं संचालित करने का काम किया, जिससे उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल का निर्माण लखनऊ व कानपुर में अमूल द्वारा स्थापित होने वाले दुग्ध प्रसंस्करण परियोजनाओं के साथ-साथ ट्रांस गंगा परियोजना तथा सरस्वती हाइटेक सिटी की स्थापना के फलस्वरूप पूंजीगत निर्माण में भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा है। जबकि चार साल पहले निवेश उत्तर प्रदेश में आने से कतराते थे।

Photo_ www.royalbulletin.in

Photo_ www.royalbulletin.in

विकास के साथ ही सुरक्षा का भाव हुआ मजबूत

उत्तर प्रदेश का विकास करना हो जरूरी ही था, लेकिन उससे पहले लोगों में घर कर गए निराशा के भाव को दूर करना भी जरूरी था। इसके लिए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पेंशन योजना शुरू की। आज यह देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों के लिए फीडिंग कार्यक्रम, चलाए जा रहे हैं। किसानों एवं लक्षित समूहों के लिए समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना प्रदेश में लोगों को लाभ पहुंचा रही है।

Photo_aajtak.com

Photo_aajtak.com

शहरों में अवस्थापना बढाए तो गांवों का किया समग्र विकास

अमूमन विकास शहरों तक ही सीमित रहते हैं। सरकार शहरों में कुछ काम दिखाकर पूरे प्रदेश को बरगलाती हैं, लेकिन अखिलेश सरकार में शहरों के साथ साथ गांवों की प्रगति का भी पूरा ख्याल रखा गया। गांवों के संपूर्ण विकास के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना एवं जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना है। लोहिया ग्रामीण आवास योजना से गरीबों का अपना आशियाना होने का सपना पूरा हो रहा है। गांवों को स्मार्ट विलेज में तब्दील करने के लिए ‘आई स्पर्श’ योजना, किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा, कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अलावा कामधेनु डेयरी योजना, कामधेनु मिनी एवं कामधेनु माइक्रो डेयरी परियोजना व सौर ऊर्जा नीति के तहत बड़े पैमाने पर सोलर पावर प्लांटों की स्थापना से नगरीय एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

 

 

उत्तर हमारा

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news