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आमजन के चेहरे पर मुस्कान लाने में कामयाब हुईं अखिलेश सरकार की ये योजनाएं 

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11 January 2017

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव ने दस्तक दे दी है। ऐसे में स्वाभाविक है कि चुनाव के दौरान वर्तमान सरकार के कामकाज का आकलन किया जायेगा। योजनाओं को उनकी सफलता की कसौटी पर परखा जायेगा। पता लगाया जायेगा सरकार के कामकाज से जनता के जीवन पर कैसे आसार पड़े। वैसे अखिलेश सरकार के कार्यों का समग्र रूप से लेखा-जोखा किया जाये तो उपलब्धियों की लम्बी फेहरिस्त नजर आती है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़े ही सिस्टमेटिक ढ़ंग से विकास योजनाओं का लागू किया। उनके पास हर साल के लिए अलग विकास एजेंडा रहा। यही वजह रही कि उनकी सरकार के जिन योजनाओं का शिलान्याश हुआ वो लोकार्पण से अपने अंजाम तक पहुंचाई जा सकीं, उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि शिलान्यास और लोकार्पण एक ही सरकार के कार्यकाल में हो रहे हैं। जहां तक आमजन को योजनाओं का लाभ पहुँचने की बात है तो उस क्षेत्र में भी अखिलेश यादव अग्रिम पंक्ति पर नज़र आते हैं। आइए जानते हैं कि अखिलेश सरकार की वो कौन सी योजनाएं हैं, जो आमजन की जिन्दगी में खुशहाली ला रही हैं।

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समाजवादी पेंशन योजना

देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार ने समाज के निर्बल एवं गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। समाजवादी पेंशन योजना के रूप में ऐसे परिवारों के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना का संचालन 2014-15 से किया जा रहा है। अब तक करीब 55 लाख परिवारों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है। इस योजना से कई अहम् पहलू हैं। एक तो इसका लाभ परिवार की महिला मुखिया को दिया जाता है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। दूसरा इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा एवं साक्षरता को भी समायोजित किया गया है। न्यूनतम पेंशन के रूप में हर परिवार को प्रति माह 500 रुपये पेंशन दिया जाता है। यह रकम सीधे उनके खाते में भेजी जाती है। इस तरह भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती है। और लाभार्थी की बिना दौड़ भाग समय पर योजना का लाभ मिलता रहता है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण से सम्बन्धित मानकों के पूरा होने पर उनके पेंशन में प्रति वर्ष 50 रुपये बढ़ा दिए जाते हैं। बड़ी बात ये हैं कि स्वास्थ्य, शिक्षा एवं साक्षरता के मानक पूरा करने के लिए लाभार्थियों को मुफ्त सुविधाएँ दी जाती हैं। इस तरह से यह योजना बड़े पैमाने पर उन लोगों के जीवन में मुस्कान बिखेर रही है जो अभी तक हाशिये पर छुट जाते थे।

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मुफ्त चिकित्सा और जाँच की योजनाएं

गरीबों को अच्छा और सस्ता इलाज मुहैया कराने के मकसद से अखिलेश सरकार द्वारा किये गए कार्यों को पूरे देश के लिए मिसाल बन चुके हैं। 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा के रूप में देश का सबसे बड़ा सरकारी आपातकालीन बेड़ा मिला है। शहर से लेकर गांव तक सिर्फ एक कॉल में एम्बुलेंस पहुँच रही है। इससे बड़े पैमाने पर मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध करा कर उनकी जान बचाने में मदद मिली है। वहीं मरीजों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं मुहैया कराई जा रही है। गंभीर और असाध्य रोगों जैसे किडनी, लीवर हृदय व कैंसर से ग्रसित निर्धन वर्ग के लोगों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। सभी सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले रोगियों को भर्ती शुल्क समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा 12 नए मेडिकल कॉलेजों को स्थापना  कर चिकित्सा शिक्षा और मेडिकल सुविधाओं की दिशा में भी नया आयाम स्थापित किया है।

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कौशल विकास मिशन और फ्री लैपटॉप 

उत्तर प्रदेश के शिक्षित युवाओं को हुनरमंद बना कर अखिलेश सरकार उनके के रोजगार की संभावनाओं को आसान कर रही है। इस क्रम में युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में दक्ष बनाने के लिए कौशल विकास मिशन की स्थापना की गयी है। जिसके तहत 14 से 35 वर्ष तक के युवाओं को रोजगारपरक निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक करीब 24 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। और एक लाख से अधिक युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण के बाद रोजगार भी प्रदान किया जा चुका है।  इस मिशन की सफलता का आप इस बात से भी अंदाजा लगा सकते हैं कि मार्च 2016 में केंद्र सरकार की ओेर से उत्तर प्रदेश को कौशल विकास के लिए बेस्ट स्टेट का अवार्ड मिल चुका है तो इसी वर्ष  इस योजना को यूनेस्को ने पुरस्कृत भी किया है।

इसके अतिरिक्त अखिलेश सरकार की फ्री लैपटॉप योजना भी युवाओं को उच्च और तकनीकी शिक्षा के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। युवतियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने में भी इस योजना ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। तो लखनऊ की सीजी सिटी में विकसित हो रही आईटी सिटी भी ज्ञान और रोजगार के अवसर खोलेगी।

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वूमेन पॉवर लाइन 1090 और कन्या विद्याधन

कोई भी समाज नारी शक्ति को उपेक्षित कर प्रगति नहीं कर सकता है। इसी धारणा के साथ अखिलेश सरकार ने महिलाओं के आत्मसम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए वूमेन पॉवर लाइन 1090 का संचालन कर रही है। यह पॉवर लाइन 365 दिन और 24 घंटे काम कर रही है।  पॉवर लाइन के माध्यम से अब तक करीब 6 लाख शिकायतों का पूरी तरह से समाधान किया जा चुका है। महिला अपराधों के विरूद्ध प्रदेश में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की भी व्यवस्था की गई है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व सशक्तिकरण के लिए यूपी पुलिस की ओर से पहली बार महिला सम्मान प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है।

दूसरी ओर कन्या विद्याधन योजना चलाकर गरीब परिवार की छात्राओं का भविष्य उज्जवल बनाने का भी काम किया जा रहा है।  इस योजना के तहत कमजोर परिवारों की छात्राओं को उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए उन्हें एकमुश्त 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जा रही है। इससे 750 लाख से ज्यादा छात्राएं लाभांवित हो चुकी हैं। इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी जनपदों की माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएससी बोर्ड, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद और उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर चुकी गरीब परिवारों की छात्राओं का दिया जा रहा है। इस तरह उन बेटियों को भी आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है जो परिवार की दुर्बल आर्थिक स्थिति के चलते उच्च शिक्षा से वंचित हो जाती थीं।

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कृषि ऋण माफी और कृषक दुर्घटना बीमा योजना

अखिलेश सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसान मंडियों व किसान बाजारों की स्थापना से लेकर उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराने तक, किसानों की जरूरत के हर पहलू को समझते हुए कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अखिलेश सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना चलाकर 7 लाख 86 हजार से अधिक किसानों को लाभांवित किया है। कृषि ऋण माफी योजना से सरकार ने उन किसानों की जमीन नीलामी से बचाई है, जो कर्ज अदा कर पाने की स्थिति में नहीं थे। वहीं किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय की सुविधा देने के लिए बड़े शहरों में एग्रीमॉल की तर्ज पर किसान बाजार विकसित किए जा रहे हैं। अब तक 1643 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब का कार्य कराया गया है, जिनमें से 874 हबों को संचालित किया जा चुका है।

इसके अलावा अखिलेश सरकार कृषक दुर्घटना बीमा योजना चलाकर ग्रामीण क्षेत्र में विकास को बढ़ावा दे रही है। कृषक दुर्घटना बीमा योजना का प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली लाने की दिशा में अहम योगदान है। इस योजना से प्रदेश के ढाई करोड़ किसानों को जोड़ा गया है। योजना में प्रति व्यक्ति अधिकतम आवरण राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। अब तक 21 हजार से अधिक कृषक परिवारों को लगभग 1000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा बेमौसम बरसात एवं ओलावृष्टि के चलते फसल के नुकसान से प्रभावित करीब 30 लाख किसानों को अनुदान दिया जा चुका है।

अखिलेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का ही नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों से मानव विकास सूचकांक के मामले में उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय प्रगति देखी जा रही है।

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