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उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर बनीं ये उपलब्धियां

LUCKNOW, APR 12 (UNI):-  Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav inaugurationg the First Pier Cap erection  corridor of Lucknow Metro in Lucknow on Sunday. UNI PHOTO-60U

photo_dailyamin.com

06 August, 2016

आज से करीब चार महीने पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुंदेलखंड के दौरे पर गए थे। वहां महोबा में उन्होंने एक 26 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, किसानों को सूखा राहत राशि वितरित की। इस दौरान बातों-बातों में उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों के दौरान उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश में जितने काम किए उतना देश के किसी राज्य में नहीं हुआ। उपलब्धियों के बखान से आमतौर पर बचने वाले अखिलेश यादव का यह बयान उनकी महत्वाकांक्षा के साथ उस आत्म विश्वास की ओर इंगित करता है, जिससे उत्तर प्रदेश आज देश के प्रगतिशील राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।

अखिलेश यादव सरकार ने जहां प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने के कई अच्छे प्रयास किए हैं वहीं प्रशासनिक दृष्टि से देखें तो यह उत्तर प्रदेश की सफलतम सरकार है, जिसने अपने कार्यों से दूसरे राज्यों के लिये आदर्श और मानक तय किये हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कोशिश रही है कि समाज का हर वर्ग योजनाओं से लाभान्वित हो। जनता के बीच अखिलेश की छवि बेदाग और ईमानदार मुख्यमंत्री की है। इस बीच, एसोचैम का भी कहना है कि अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के बाद के दो वर्षों में उद्योग क्षेत्र को बढावा देने के लिये सार्थक प्रयास किये हैं। प्रदेश सरकार उद्यमियों को सूबे में अच्छा माहौल देने में जरूर कामयाब रही है। आखिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की वो कौन सी उपलब्धियां है, जिससे उन्होंने उत्तर प्रदेश को प्रगति के मार्ग पर ला दिया है, आइए जानते हैं-

सिंचाई का 700 करोड़ माफ

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सिंचाई के कुल 700 करोड़ रुपये माफ कर दिए गए हैं। इस आबपाशी शुल्क को माफ कर देने से उत्तर प्रदेश के दो करोड़ 56 लाख से ज्यादा किसानों को जीवन यापन के लिए अतिरिक्त बचत करने में मदद मिली है। इसके अलावा करीब पांच लाख बोरिंग, नलकूप आदि का मुफ्त  निर्माण कराया गया। इससे पूरे प्रदेश में 12.43 लाख हेक्टेयर खेतों में सिंचाई का पानी पहुंचा।

7.86 लाख किसानों का कर्ज माफ

यूपी सहकारी कृषि विकास बैंक से लिए गए 50 हजार रुपये तक के कर्ज माफ कर उत्तर प्रदेश सरकार ने 7 लाख 86 हजार किसानों को राहत दी है। यह ऋण माफी योजना 2012 में लागू की गई थी। वहीं किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके, इसलिए सरकार ने बड़े शहरों में एग्रीमाॅल खोले हैं। अब तक पूरे प्रदेश में 1643 एग्रीमाॅल खोले जा चुके हैं।

कृषक दुर्घटना बीमा योजना एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये

उत्तर प्रदेश के ढाई करोड़ किसानों के लिए सरकार कृषक दुर्घटना बीमा योजना चला रही है। इस योजना में प्रति व्यक्ति अधिकतम आवरण राशि एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 21 हजार से अधिक किसान परिवारों को 1000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात से नुकसान पर करीब 30 लाख किसानों को 1330 करोड़ रुपये की अनुदान दी जा चुकी है।

 कामधेनु योजनाओं ने बनाया दूध उत्पादन में नंबर 1

प्रदेश सरकार ने पशुधन को बढ़ावा देने के लिए कामधेनु योजनाएं शुरू की हैं। कामधेनु योजना के तहत अक्टूबर 2015 तक 189 यूनिट क्रियाशील हो चुकी हैं। इनसे प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर दूध उत्पादन हो रहा है। जबकि मिनी कामधेनु योजना के तहत 1053 यूनिट से रोजाना 3.6 लाख लीटर दूध उत्पादन हो रहा है। माइक्रो कामधेनु योजना के तहत 233 इकाइयों से रोज 5 लाख लीटर दूध उत्पादन हो रहा है।

 स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम

उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों में 108 व 102 सेवा का संचालन मील का पत्थर है। 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा देश की सबसे बड़ी आपातकालीन चिकित्सा परिवहन सेवा है। इससे अब तक 48 लाख से ज्यादा लोगों को मदद पहुंचाई जा चुकी है। दूसरी ओर 102 नेशनल एंबुलेंस से 46 लाख से अधिक महिलाओं और नवजातों को लाभांवित किया जा चुका है। इसके अलावा सरकार ने किडनी, लीवर, हृदय, कैंसर जैसे असाध्य रोगों को लेकर निर्धन मरीजों का फ्री उपचार की सुविधा दी हैं तो एक्स-रे, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड भी मुफ्त कर दिए है। भर्ती शुल्क माफ कर दिया गया है। अब तो सरकारी अस्पतालों में आॅपरेशन भी फ्री होंगे। वहीं डाॅक्टरों की कमी दूर करने के लिए प्रदेश के राजकीय मेडिकल काॅलेजों में एमबीबीएस की 600 सीटें बढ़ा दी गई हैं।

समाजवादी पेंशन योजना में 45 लाख परिवार लाभान्वित

समाजवादी पेंशन योजना समाज के ऐसे गरीब परिवारों के लिए शुरू की गई है, जिनके पास आय का कोई साधन नहीं है। इसके तहत 45 लाख परिवारों को हर माह 500 रुपये पेंशन दी जा रही है। इसके लिए बजट में 2727 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं दूसरी ओर, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार ने समाजवादी श्रवण यात्रा शुरू की है।

युवाओं के लिए कौशल विकास मिशन की स्थापना

युवाओं को हुनरमंद बना कर उनके लिए रोजगार के रास्ते खोलने का काम भी अखिलेश सरकार कर रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जरिए सरकार 2016-17 तक कुल 23.18 लाख युवकों को हुनरमंद बनाने का बीड़ा उठा चुकी है। यही नहीं अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान किया जा चुका है।

बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार

सरकार ने बिजली को लेकर ऐसे सुधार किए है कि अब वह अक्टूबर 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे, शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का तैयारी कर रही है। दरअसल पिछले चार वर्षों में प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा पावर प्लांट या तो स्थापित किए गए हैं, या इसकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं। सोलर पावर के क्षेत्र में भी जबर्दस्त काम हुए हैं।

लैपटॉप वितरण योजना

इस योजना के अन्तर्गत 12वीं कक्षा पास करने वाले 15 लाख छात्र-छात्राओं को निःशुल्क लैपटॉप वितरित किए जा चुके हैं। टेक्नॉलाजी की दिशा में बढ़ते हुए देश के प्रति उत्तर प्रदेश के योगदान को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की युवा सोच और दूरदृष्टि ने नये आयाम देने का प्रयास किया।

कन्या विद्याधन योजना

इसे 12वीं या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हुई छात्राओं को दिया जाता है। यह लाभ उन छात्राओं को मिलता है जिनके परिवार की कुल आय 35,000 रुपये से अधिक न हो। इसमें भी गरीबी रेखा के नीचे बसर करने वाले परिवारों की बालिकाओं को वरीयता दी जाती है। अब तक करीब साढ़े सात लाख छात्राओं को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है।

वीमेन पावर लाइन 1090 की शुरूआत

अखिलेश सरकार की यह पहल महिला सुरक्षा की दिशा में बेहद सराहनीय कदम है। महिलाओं और युवतियों को 1090 वीमेन पावर हेल्पलाइन योजना ने एक अचूक हथियार दिया। इस पावर हेल्पलाइन पर एक कॉल करके कोई भी युवती उसे अश्लील कॉल या एसएमएस करने वालों की शिकायत दर्ज करा सकती है। इससे अब तक करीब पांच लाख शिकायतों का पूरी तरह समाधान किया जा चुका है।

लखनऊ मेट्रो

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ को पर्यावरण अनुकूल वातावरण देने के लिए यहां मेट्रो की नींव डाली।  लखनऊ मेट्रो सिस्टम पूर्ण होने के पश्चात देश की सबसे तेज और सबस किफायती तेज गति पारगमन प्रणाली होगी।

आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे

बुनियादी ढांचे से प्रदेश के छोटे बड़े हिस्सों को जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे को हरी झण्डी दी। यह एक्सप्रेस-वे दो प्रमुख शहरों, लखनऊ और आगरा के अलावा 8 जिलों को जोड़ेगा। कुल 302 किमी. लंबा यह एक्सप्रेस वे 6 लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन का बनाया जा सकेगा।

 

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