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समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देगा यूपी में प्रगति को रफ्तार

Image Source: ibtimes.co.in

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 April 1, 2016

किसी भी देश या प्रदेश के विकास में सड़कें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सड़कों के निर्माण से जहां परिवहन और यातायात तेज होता है। समय की बचत भी होती है। जो गुणात्मक रूप धन की बचत तो करते ही हैं, आमदनी में भी उत्तरोत्तर वृद्धि का भी सबब बनते हैं। इस कड़ी में आगरा-लखनऊ एक्सपे्रस-वे के बाद अब लखनऊ से बलिया तक समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से उत्तर प्रदेश में एक छोर में हुई प्रगति का असर दूसरी छोर तक पहुंचेगा। अखिलेश यादव सरकार की कैबिनेट ने लखनऊ से बलिया तक समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बनाने की मंजूरी दे दी है। आगरा-लखनऊ एक्सपे्रस-वे के बाद समाजवादी पूर्वांचल-वे बनने से जहां इन दोनों इलाकों के बीच की दूरी 75 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, वहीं यह सफर भी करीब 4 घंटे में पूरा हो सकेगा। इतना ही नहीं, बलिया से दिल्ली की दूरी में इसी के अनुरूप घट जाएगी और अपेक्षाकृत कम समय में परिवहन और यातायात पूरा हो सकेगा।

लखनऊ से बलिया तक का 424 किलोमीटर का सफर आने वाले दिनों में 7 घंटे के बजाए महज 4 घंटे में पूरा हो सकेगा। इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद यह सफर 348.10 किमी का हो जाएगा। इससे विकास का असर सिर्फ लखनऊ या बलिया तक ही सीमित नहीं रहेगा। यह तरक्की इस एक्सप्रेस-वे से जुड़ने वाले 10 जिलों में रंग दिखाएगी।

10 जिलों तक विकास की बयार

दरअसल, समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 10 जिलों को जोड़ेगा। इससे दिल्ली, नोएडा, आगरा या लखनऊ में हो रहे विकास की हवा इस एक्सप्रेस-वे पर स्थित बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और बलिया तक पहुंचेगी। इस लिहाज से यह एक्सप्रेस-वे आने वाले समय में प्रदेश खासकर पूर्वांचल की तरक्की में नए आयाम स्थापित करने वाला बनेगा।

पटना भी होगा पास

पूर्वांचल की एक बड़ी आबादी के रिश्तेदार बिहार में रहते हैं। वहीं यहां के कई उद्यमी बिहार में भी कारोबार करते हैं या माल मंगाते है। ऐसे में यह एक्सप्रेस इन लोगों के लिए भी बड़ी सहूलियत देने वाला साबित होगा। बलिया के बिहार की राजधानी पटना की दूरी भी महज 2 घंटे की है। इस तरह लखनऊ से पटना की दूरी भी 6-7घंटे में पूरी हो सकेगी।

एक्सप्रेस पर कितना आएगा खर्च

यूपीईडा के सीईओ नवनीत सहगल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शंस (ईपीसी) पद्धति से बनाने का फैसला किया है। इस एक्सप्रेस-वे को बनाने में 19437.73 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

120 मीटर चौड़ा होगा एक्सप्रेस-वे

समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लगभग 348.10 किलोमीटर लम्बा होगा, जो लगभग 120 मीटर चौड़ा होगा। उन्होंने बताया कि समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे मार्ग पर सर्विस रोड भी प्रस्तावित की गई है। यही नहीं आगे इसका दो लेन का विस्तार भी किया जा सकेगा।

फाइटर प्लेन उतरने की भी होगी सुविधा

प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उसे इस प्रकार का बनाने जा रहा है, जिस पर फाइटर प्लेन आराम से उड़ान भर सकेंगे और उतर भी सकेंगे। फाइटर प्लेन की पार्किंग के लिए भी एक्सप्रेस-वे के बगल में जगह दी जाएगी। इसके बाद भारत भी उन देशों में शुमार हो जाएगा, जहां एक्सप्रेस-वे से टेकऑफ और लैंडिंग की जा सकेगी। रोड रनवे पर जहां फोल्डेबल डिवाडर होंगे तो फोल्डेबल रनवे लाइट्स भी होंगी। यही नहीं जहां-जहां रनवे के लिए जगह चिन्हित की जाएगी, वहां न तो मोबाइल टावर होंगे और न ही बिजली के खम्भे होंगे।

आगरा-लखनऊ एक्सपे्रस–वे पर भी उतर सकेंगे प्लेन

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 9 अगस्त 2012 को यमुना एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। इस एक्सप्रेस-वे पर 21 मई 2015 को सफलतापूर्वक लड़ाकू विमान मिराज 2000 की लैंडिंग कराई गई थी। दरअसल ऐसे लड़ाकू विमानों की लैंडिंग उन हाईवे पर ही हो सकती है, जो गुणवत्ता में एयरबेस रन जैसे हों। अखिलेश सरकार ने इसी गुणवत्ता से लैस आगरा-लखनऊ एक्सपे्रस-वे का निर्माण करा रही है। अब लखनऊ-बलिया समाजवादी पूर्वांचल एक्सपे्रस-वे भी इसी तर्ज पर बनाए जाएंगे। इससे इनकी गुणवत्ता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। जो बताया है कि इन एक्सप्रेस वे पर यातायात कितना सुखद और आरामदायक होगा।

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