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अखिलेश सरकार की कामधेनु योजना से रिकॉर्ड दूध उत्पादन के साथ-साथ लोगों को मिल रहा स्वरोजगार

akhilesh yadav

3 August 2016

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुग्ध उत्पादकों को दूध मूल्य का भुगतान आनलाइन सीधे उनके बैंक खाते में भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सरकार आने वाले दिनों में जल्द से जल्द ऐसी व्यवस्था करने की तैयारी में है। जिससे दुग्ध उत्पादकों के दुग्ध मूल्य का आनलाइन भुगतान होना शुरू हो जायेगा। इससे दुग्ध व्यवसाय को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा और अधिक से अधिक लोग इस व्यवसाय की ओर आकर्षित होंगे।

अखिलेश यादव अपनी सभी योजनाओं पर पैनी नजर रखते हैं। क्योंकि उन्हें प्रदेश के विकास में किसी भी तरह की कोई कोताही पसंद नहीं है। इसलिए उन्होंने हाल ही में दुग्ध उत्पादन से जुड़े कामकाजों की समीक्षा की। प्रदेश के 10 जनपदों में राज्य सरकार ने अपने वित्तीय संसाधनों से आटोमेटिक ग्रीन फील्ड डेरी प्लाण्ट की स्थापना की है। जनपद कानपुर, कन्नौज, मेरठ, बरेली और वाराणसी में डेरियों का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है। शेष 5 जनपदों में भी मौके पर निर्माण कार्य शीघ्रातिशीघ्र प्रारम्भ करने के लिए समय सारिणी तैयार कर ली है।

सीएम ने पशु चिकित्सालय के सभी पद भरने के दिए आदेश

प्रदेश का कोई भी दुधारू पशु बीमार न हो इसके लिए सरकार ने बहुउद्देशीय सचल पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए वाहनों को खरीदने के लिए 7 दिन का समय दिया है। इसके अलावा उन्होंने इन वाहनों के चलाने के लिए 15 दिन समय दिया है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीएम अखिलेश प्रदेश में दुग्ध से जुड़े विकास कार्यों को कराने के लिए कितने तत्पर हैं। उन्हें ये पता है कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए हमें अच्छी सुविधायें भी मुहैया करानी होंगी।

मुख्यमंत्री ने जनपद आजमगढ़ में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय हेतु बजट में प्राविधानित धनराशि को अगले 10 दिनों में जिलाधिकारी को मुहैया कराने के निर्देश दिये हैं। जिससे इस परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा सके। इसके अलावा बरेली में हाइब्रिड सेण्टर की स्थापना हेतु पीएफएडी को निर्देश दिए हैं। सीएम ने मैनपुरी के किशनी में पशु चिकित्सालय में आवश्यक पद सृजन हेतु अगले 7 दिनों में शासनादेश जारी किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

कामधेनु योजना का सबको मिले लाभ

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साल 2015-16 में यूपी 23।33 मिलियन टन उत्पादन के साथ भारत में यूपी पहले नंबर पर रहा। देश में दूध के कुल उत्पादन में यूपी का योगदान करीब 18 फीसदी रहा। देश में सबसे बड़े दूध उत्पादक का दर्जा हासिल कर चुके उत्तर प्रदेश की निगाहें अब वैश्विक स्तर पर चमकने की है। डेयरी उत्पाद के लिए दुनिया भर में मशहूर डेनमार्क की तर्ज पर उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है।

सरकार की ये योजना रंग ला रही है। माह जुलाई, 2016 तक कामधेनु, मिनी कामधेनु एवं माइक्रो कामधेनु योजना के तहत कुल 2,614 इकाइयां चालू हो गयी हैं। इनमें कुल 1,14,035 पशुओं के माध्यम से प्रतिदिन कुल 6,35,109 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार, कुक्कुट योजना के तहत, 137 इकाइयां शुरू हो गयी हैं। जिनसे प्रतिमाह 939 लाख अण्डों का उत्पादन हो रहा है और लगभग 14000 लोगों को स्वरोजगार मिला है।

पशुपालकों को छूट दे रही अखिलेश सरकार

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इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कोशिशें हैं। दरअसल सरकार ने कामधेनु योजना को बढ़ाने के लिए उन्होंने बहुत ध्यान दिया है। पहले एफएमडी टीकाकरण में जो लेवी लगती थी, राज्य सरकार ने उस को माफ कर दिया है। इसकी वजह से जो अच्छी नस्ल के पशु समाप्त हो रहे थे, उसमें अब बड़े पैमाने पर सुधार हो रहा है। इससे सिर्फ पशुधन विभाग की ही ख्याति नहीं बढ़ी है, बल्कि इससे पशुपालकों और किसानों को सहूलियत भी मिली है। वहीं डेरी संचालकों का कहना है की प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही कामधेनू डेयरी योजना से लोगों को बहुत लाभ हो रहा है। माइक्रो कामधेनु डेयरी योजना से छोटे किसानों को भी बहुत लाभ हो रहा है। लोगों को घर पर ही रोजगार मिल रहा है। वहीं डेयरी संचालकों का कहना है कि इस योजना को और बेहतर ढंग से चलाने के लिए प्रदेश सरकार को डेयरी से सम्बंधित उपकरण और मशीनों की खरीद पर सब्सिडी देने पर विचार करना चाहिए। अमूमन ये उपकरण पंजाब से मंगाने पड़ते हैं, जिसकी वजह से उपकरण मंहगे मिलते हैं।

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