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उम्मीदों की साइकिल से तरक्की की राह पर बढ़ा उत्तर प्रदेश

बुनियादी बातें, जिससे आप खुद करें मूल्यांकन कौन कर रहा यूपी का विकास

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तरक्की के मायने समय, स्थान और समाज के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। पर जब देश या प्रदेश की तरक्की की बात हो तो कोई भी पहलू अछूता नहीं रह सकता है और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में तो बिल्कुल ही नहीं। खासकर ऐसे राज्य में जहां की भौगोलिक बनावट, रहन-सहन, कला-संस्कृति, रीति-रिवाज, बोलचाल काफी अलग हो और तो यह जानना और भी जरूरी हो जाता है कि यह राज्य क्या विकास की दौड़ पर आगे बढ़ रहा है। जवाब साफ है-जी हां!

मार्च 2012 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिस उम्मीदों की साइकिल के साथ जनता के विकास का मन बनाकर आए थे, वह साइकिल चार साल में उत्तर प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर सरपट दौड़ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार से लेकर भोजन, सड़क, बिजली, पानी और परिवहन के साथ-साथ पर्यावरण, पर्यटन, उद्योग, निवेश एवं कारोबार के क्षेत्र में इन चार सालों में ही क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। पर बड़ा सवाल ये भी है कि जब चार साल में ही अखिलेश सरकार ने इतना विकास संभव कर दिखाया तो संस्कृति, सभ्यता, संसाधन व संपदाओं से भरपूर हमारा उत्तर प्रदेश पिछली सरकार में विकास की दौड़ में पीछे क्यों रह गया? सवाल स्पष्ट है मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश को अखिलेश यादव जैसा ईमानदार नेतृत्व, बेदाग व्यक्तित्व और दूरगामी विकासकर्ता मिला, वैसा पिछली सरकार में नहीं था। तभी तो जहां निर्जीव बूतों के पार्क तैयार कर पैसे की बर्बादी की गई, वहीं जब सभी हाथों को नेतृत्व मिला तो जनेश्वर मिश्र जैसा हरियाली से भरा जीवंत पार्क बना।

ये तो महज बानगी है। आज यहां मेट्रो से लेकर साइकिल ट्रैक, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, मेदान्ता मेडिसिटी से लेकर आईटी सिटी, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से लेकर  लेकर किसान मंडी सब कुछ बन गए हैं। साइकिल ट्रैक पर सुबह-शाम युवा दिखाई देते हैं। साइकिल ट्रैक्स बनाने के लिए पर्यावरण का ऐसा ख्याल कि पेड़ों की बलि नहीं दी गई। अलबत्ता सरकार ने पेड़े लगाने में विश्व कीर्तिमान बना दिया। भाई ऐसे पर्यटन स्थल का क्या फायदा जिसे बनाने के लिए हजारों पेड़ों की बलि देनी पड़े। बहरहाल मौजूदा दौर की बात करें तो राज्य में अमूल, मदर डेयरी, सैमसंग और एलजी जैसी कंपनियां निवेश कर रही हैं। सरकार ने पर्यटन को इंडस्ट्री का दर्जा दिलाकर देश का ध्यान आकर्षित करने में सफलता हासिल की है। लोकतंत्र में जनता जनार्दन है, सजीव और निर्जीव में फर्क बखूबी जानती है। लिहाजा मूल्यांकन जनता पर छोड़ देना चाहिए, विकास के मापदण्ड पर कौन खरा उतरता है। इसके लिए जानते हैं कुछ बुनियादी बातें…

पहली बार सिंचाई हुई मुफ्त

समाजवादी सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी की उपलब्ध कराई। उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है जब सिंचाई के लिए किसानों को शुल्क अदा नहीं करना पड़ा। इतना ही नहीं सरकार ने दो करोड़ 56 लाख किसानों का कुल 700 करोड़ रुपये का आबपाशी शुल्क माफ कर दिया। नहरों की साल में दो बार सफाई सुनिश्चित कराई गई, जिन इलाकों में 30-30 वर्षों से पानी नहीं पहुंच रहा था, वहां भी सिंचाई सुलभ होने लगी। किसानों को वर्तमान सरकार में अब तक 12.43 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा मुहैया कराई गई है। इसके लिए 464385 निशुल्क बोरिंग और नलकूप की सुविधा दी गई हैं। 5908 गहरी बोरिंग, 24709 मध्यम गहरी बोरिंग, 1543 चकडैम, 5715 सामुदायिक ब्लास्ट कुएं और 863 सामुदायिक नलकूप का निर्माण कराया गया है।

बुंदेलखंड का खास ख्याल

बुंदलेखंड की बात करें तो सरकार ने यहां नहरों से 6.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में और नलकूपों, टैंकों और बोरवेल के जरिए 4.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करा रही है। खेत-तालाब योजना और जल संचय योजना से बुंदेलखंड में पानी की किल्लत दूर करने की दूरगामी योजना चलाई गई है। इसके परिणाम सामने दिखने लगे हैं।

किसानों का कर्ज किया माफ

देश में एक ओर जहां किसानों की कर्ज के कारण मौत हो रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार ने राज्य सहकारी ग्राम विकास बैंक से किसानों द्वारा लिए 50 हजार रुपये तक के कर्ज माफ कर दिए हैं। कर्ज माफी के लिए सरकार ने ऋण माफी योजना 2012 लागू की है। इससे अब तक 7,86,000 किसानों को लाभ मिल चुका है।

उपज बेचने के लिए बनाए किसान बाजार

किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को बेचने के लिए बड़े शहरों में 2 एकड़ से 10 एकड़ में किसान बाजार स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य में आठ किसान बाजार लखनऊए सैफईए मैनपुरीए कासगंजए कन्नौजए बहराइच और हापुड़ में स्थापित किए जा रहे हैं। झांसी में किसान बाजार स्थापित किया जा चुका है। इनके अलावा प्रदेश में अब तक 1643 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब का कार्य कराया गया है। इनमें से 874 हबों को संचालित भी किया जा चुका है।

कृषक दुर्घटना बीमा योजना

प्रदेश में 2.5 करोड़ किसानों के लिए चलाई जा रही कृषक दुर्घटना बीमा योजना में मुआवजे की राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। वर्तमान सरकार में अब तक 21 हजार से अधिक किसानों के परिवारों को लगभग 1000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। किसानों को बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से हुई क्षति के लिए 1330.71 करोड. रुपये की अनुदान दी जा चुकी है। इससे अब तक 29,52,530 किसानों को लाभांवित किया जा चुका है।

कामधेनु योजना बनी पशुपालकों के लिए वरदान

पशुपालकों की बेहतरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कामधेनु, मिनी कामधेनु और माइक्रो कामधेनु योजना शुरू की है। मकसद है कि छोटे-बड़े हर तरह के पशुपालक इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1475 यूनिट काम कर रही हैं। योजना की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में नंबर 1 बन गया है। इसमें कामधेनु योजना की बहुत बड़ी भूमिका है। वहीं दुग्ध उद्योग में अमूल, मदर डेयरी जैसी नामी कंपनियां भी उत्तर प्रदेश में अपने प्लांट लगाने के लिए आगे आई हैं।

डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना

इस योजना के अंतर्गत पांच वर्षों में लगभग 10 हजार गांवों में 18 विभागों के 34 कार्यक्रम संचालित किए जाने हैं ताकि पूरे गांव का समग्र विकास हो। योजना के तहत 2012 से अब तक 7900 गांवों का चयन कर वहां आधारभूत सुविधाएं विकासित की गई हैं। साथ ही व्यक्तिगत लाभार्थीपरक योजनाएं चलाकर लोगों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस गांवों का विकास कर उन्हें संपर्क मार्गों से भी जोड़ा गया है।

जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना

इस योजना के तहत चयनित गांवों में मुख्य रूप से सीसी रोड और नालियों के निर्माण की व्यवस्था की गई है। वर्ष 2012 से अब तक जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना में 3940 गांवों को चयनित कर वहां विकास कार्य कराए गए है। इस योजना के अंतर्गत गांवों में 40 लाख रुपये से कार्य कराए जाने की व्यवस्था है।

लोहिया ग्रामीण आवास योजना

गरीब परिवारों के लिए रोटी, कपड़ा की जरूरत के बाद सबसे जरूरी होता है मकान। अखिलेश सरकार निशुल्क लोहिया आवास की सुविधा देकर उनकी इस जरूरत को भी पूरा कर रही है। ऐसे परिवार जिनकी सालाना आय 36000 रुपये से कम है, सरकार उन्हें लोहिया ग्रामीण आवास की सुविधा दे रही है। इतना ही नहीं, इस योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता की सीमा को सरकार ने 1 हजार 45 हजार से बढ़ाकर अब 2 लाख 75 हजार रुपये कर दिया है। इस योजना के तहत 2012 से 14 तक ही 84472 आवास स्वीकृत किए गए थे। जिनमें से ज्यादातर का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं 2014-15 में स्वीकृत 1 लाख से अधिक लोहिया आवासों के निर्माण का काम भी प्रगति पर है।

समाजवादी श्रवण यात्रा योजना

बुढ़ापे में अमूमन बुजुर्गों की इच्छा होती है तीर्थयात्रा की, लेकिन धन की कमी और उम्र की मजबूरियों के कारण कई बार उनकी इच्छा दबी रह जाती है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके इस मर्म को समझा और बुजुर्गों के लिए सरकारी खर्च पर निःशुल्क समाजवादी श्रवण यात्रा की शुरुआत की। योजना के तहत बुजुर्गों तो उनके धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं। इसमें यात्रा से लेकर उनके भोजना और ठहरने तक की व्यवस्था सरकार निशुल्क कराती है। इतना ही नहीं सरकार सिंधु यात्रा पर जाने वाले प्रदेश के नागरिकों को 10 हजार रुपये का अनुदान दे रही है तो मानसोवर की यात्रा से लौटकर आने वालों को 50 हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई है।

अल्पसंख्यकों की बेहतरी के लिए उठाए कदम

उत्तर प्रदेश की करीब 20 फीसदी आबादी अल्पसंख्यकों की है। ऐसे में इस समुदाय का सर्वांगीण विकास बेहद जरूरी हो जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए विभिन्न योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों में 20 प्रतिशत उनके लिए सुनिश्चित कर अल्पसंख्यकों को लाभांवित कर रही है। प्रदेश के 30 विभागों में संचालित 85 योजनाओं में अल्पसंख्यकों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। यह योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू है।

राजनैतिक पेंशन योजना

आजादी और लोकतंत्र की जंग में अहम भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान का भी अखिलेश सरकार में बखूबी ध्यान रखा गया है। सरकार ने इसी क्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके आश्रितों की पेंशन राशि 8811 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दी है। वहीं लोकतंत्र सेनानियों को अब तक 6000 रुपये हर माह मिलते थे। सरकार ने उसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया है।

समाजवादी पेंशन योजना

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं, एक संपन्न व्यक्ति 500 रुपये का मूल्य कभी नहीं समझ सकता है, लेकिन गरीब के लिए इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। इस बात को समझते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समाजवादी पेंशन योजना लागू की है। इसके तहत सरकार ऐसे गरीबों को हर माह 500 रुपये की आर्थिक मदद कर रही है, जिसके पास आय को कोई उपयुक्त साधन उपलब्ध नहीं है। फिलहाल इस योजना का लाभ प्रदेश के 45 लाख परिवारों को मिल रहा है। इसका लख्य बढ़ाकर 55 लाख परिवार कर दिया गया है। इतना ही योजना में अनुदान राशि हर साल 50 रुपये बढ़ा दी जात है। इसे साक्षरता अभियान से भी जोड़ दिया गया है।

लाइफ लाइन बनी समाजवादी एंबुलेंस सेवा

समाजवादी एंबुलेंस सेवा के रूप में अखिलेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाए है। पूरे प्रदेश में कहीं भी कभी भी गंभीर मरीजों या दुर्घटना में घायल लोगों अस्पताल पहुंचाना हो निशुल्क हेल्प लाइन नंबर 108 पर डायल कीजिए समाजवादी एंबुलेंस थोड़ी देर ही हाजिर होगी। इसी वजह से 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा देश की सबसे बड़ी सबसे बड़ी आपातकालीन चिकित्सा सेवा में शुमार हो गई है। इस योजना के अंतर्गत 1488 एंबुलेंस चलाई जा रही है। अब तक इससे 48 लाख से अधिक रोगियों को फायदा पहुंचाया जा चुका है। वहीं 102 एंबुलेंस सेवा के अंतर्गत 1972 एंबुलेंस चलाई जा रही है। इस सेवा से अब तक 46 लाख से ज्यादा गर्भवती महिलाओं और नवजातों को लाभांवित किया जा चुका है।

असाध्य रोगों के लिए मुफ्त इलाज

गंभीर रोगों जैसे किडनी, लीवर या हृदय रोग और कैंसर से पीडित निर्धन मरीजों को प्रदेश की वर्तमान सरकार निशुक्ल इलाज की सुविधा दे रही है। वहीं अगर कोई बीपीएल कार्डधारक बीमार है तो उसके लिए हर तरह का इलाज और पैथोलाजी जांच मुफ्त कर दिया गया है। अलबत्ता बीपीएल क्षेत्र के गंभीर मरीजों को इलाज में मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दवा, एक्स-रे, पैथोलाजी जांचे फ्री उपलब्ध कराई जा रही हैं तो अस्पतालों में भर्ती शुल्क भी माफ कर दिया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय

स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने जहां शिक्षकों की कमी दूर की है तो बच्चों को आकर्षित करने के लिए मिड डे मील योजना में दूध और फल देने की व्यवस्था भी की है।  अब तक बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और मुअल्लिम के 18127 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। 15 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। टीईटी प्रशिक्षित 60 हजार अध्यापकों की भर्ती की जा चुकी है और 12 हजार 825 की नियुक्ति की कार्यवाही गतिमान है।  इसके अलावा 1 लाख 37 हजार से अधिक शिक्षामित्रों का समायोजन हो चुका है। प्रदेश में एमबीबीएस की 500 सीटें बढ़ाई गई हैं तो 26 जिलों में राजकीय माडल स्कूलों की स्थापना की जा रही है। सात नए पालीटेक्निकों की स्थापना कर उनमें पढ़ाई शुरू हो चुकी है। लखनऊ में उच्चस्तरीय कैंसर और हार्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है।

फ्री लैपटॉप वितरण योजना

छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा, खासकर विज्ञान और तकनीकी शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लगभग 15 लाख विद्यार्थियों को निशुल्क लैपटॉप का वितरण कर चुकी है। इसके अलावा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें मुफ्त साइकिल भी बांटे जा रहे हैं। 2012 के बाद से यह सिलसिला अब तक जारी है।

युवाओं को रोजगारपरक निःशुल्क प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश के कौशल विकास मिशन की केंद्र सरकार क्या वल्र्ड बैंक भी तारीफ कर चुका है। इस मिशन के तहत सरकार 14 से 35 वर्ष तक के युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण निशुल्क प्रदान कर रही है। योजना के तहत वर्ष 2014-15 में लगभग एक लाख 92 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। 2015-16 में करीब 8 लाख, 2016-17 में करीब 9 लाख 26 हजार सहित कुल 23 लाख 18 हजार बेरोजगार युवक युवतियों को हुनरमंद बनाया जा रहा है ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके। उल्लेखनीय है कि इस योजना से प्रशिक्षण प्राप्त एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी दिया जा चुका है।

बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर

वर्तमान सरकार ने इस वर्ष अक्टूबर से ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 14 से 16 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 22 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य तय किया है। इसके पीछे ठोस वजह भी है। दरअसल बिजली के क्षेत्र में सुधार के लिए अखिलेश सरकार द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है कि निजी क्षेत्र के बारा, ललितपुर और श्रीनगर विद्युत परियोजनाओं से तब तक 4000 मेगावाट और राज्य सेक्टर की अनपरा डी परियोजना से 1000 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी। अन्य परियोजनाओं में पनकी की 1 x660 मेगावाट, जवाहरपुर, ओबरा-सी और करछना की 2 x660 मेगावाट की तीन अलग-अलग परियोजनाएं निर्माण की विभिन्न चरणों में हैं। इसके अलावा मेजा की 2 x660 मेगावाट व घाटमपुर की 3 x660 परियोजना भी संचालित की जा रही है। सोलर पावर को बढ़ावा देते हुए ललितपुर के तीन गांवों में 10-10 मेगावाट के सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं तो कन्नौज के दो गांव तो पूरी तरह से सोलर पावर प्लांट से ही जगमग हो रहे है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे

वर्तमान सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना आगरा- लखनऊ एक्सप्रेस वे है। इस एक्सप्रेस वे पर इस वर्ष दो अक्टूबर से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी। 302 किमी लंबे छह लेन वाले इस एक्सप्रेस वे की लागत करीब 15000 करोड़ रुपये आई है। यह देश की सबसे लंबी ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे होगी। इससे लखनऊ से आगरा की दूरी सात घंटे के बजाए मात्र साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। एक एक्सप्रेस वे पर चार डेवलपमेंट सेंटर, दो किसान मंडियां, माल ढुलाई केंद्र, स्कूल और आईटीआई स्थापित किए जाएंगे। दरअसल अमेरिका ने सड़कें बनाईं, सड़कों ने अमेरिका को बनाया। वर्तमान सरकार कुछ इसी फॉर्मेट पर काम कर रही है। एक बाद के एक सड़कें बनाकर पूरे राज्य में सड़कों का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर दिया है। एक्सप्रेस-वे राज्य के 10 जिलों से होकर गुजरेगा। जिला मुख्यालयों को फोर-लेन से जोड़ने की योजना भी जारी है। इसके साथ ही हमीरपुर-कालपी फोर लेन, बरेली-बहेड़ी फोर लेन, बहराइच-भिनगा फोर लेन और बाबतपुर-कपसेठी फोरलेन जैसी कई परियोजनाओं का लोकार्पण हो चुका है।

मेट्रो रेल परियोजनाएं

आम जनता को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु मेट्रो रेल परियोजना का काम तेजी से जारी है। लखनऊ की बात करें तो यहां प्रथम चरण में अमौसी एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक के मार्ग का काम काफी तेजी से हो रहा है। इसके बाद सेकेण्ड फेज का काम शुरू होगा। लखनऊ के अलावा वाराणसी, कानपुर और आगरा में मेट्रो दौड़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। डीपीआर तैयार करके इन शहरों में मेट्रो के काम को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बढ़ावा

मौजूदा दौर सूचना क्रांति का है तो भला उत्तर प्रदेश इससे कैसे पीछे रह सकता है। इसी क्रम में लखनऊ में सीजी सिटी में तेजी से विकसित किया जा रहा है। इसमें आईटी सिटी और आईटी पार्क के साथ-साथ आईआईआईटी, मेडिसिटी, सुपर स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल, कार्डियो सेंटर, एडमिनिस्ट्रेशन एकेडमी, डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट और अत्याधुनिक टाउनशिप की स्थापना की जा रही है। आईटी सिटी के निर्माण होने पर 75 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अलावा मेरठ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर और गाजियाबाद में भी आईटी पार्कों की स्थापना शुरू कर दी गई है। वही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां ई-डिस्ट्रिक्ट योजना को सभी 75 जनपदों में क्रियांवित किया जा रहा है। ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत विभिन्न शासकीय सेवाएं जैसे जन्म-मृत्यु, आय, निवास, जाति प्रमाणपत्र, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि अब आनलाइन और पारदर्शी ढंग से करने की व्यवस्था की गई है।

महिला सुरक्षा में 1090 का कमाल

महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। सरकार द्वारा शुरू की गई 1090 महिला पॉवरलाइन के जरिए साढे चार लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। इस नंबर के जरिए महिलाओं को आपत्तिजनक फोन कॉल्स, एसएमएस, एमएमएस की समस्या से काफी हद तक छुट्टी मिल गई है। इतना ही नहीं आगामी अक्टूबर महीने से राज्य सरकार की डायल-100 परियोजना भी शुरू होने जा रही है। जिसके शुरू होने के बाद पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम काफी कम हो जाएगा। यानि 100 नंबर डायल करते ही बेहद कम समय में पुलिस मौके पर पहुंचेगी।

निवेश को बढ़ावा

चार पहले तक बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश करने से कतराती थीं। पर अब हालात बदल चुके है। कई बड़ी कंपनियां राज्य में इनवेस्ट करने के लिए आगे आई हैं, इनमें अमूल, मदर डेयरी, सैमसंग, एलजी, जैक्सन पॉवर और एचसीएल जैसे कुछ प्रमुख नाम हैं। जिनके आने से एक तरफ निवेश बढ़ेगा दूसरी ओर राज्य के नौजवानों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में समूल वृद्धि होगी।

 

उत्तर हमारा

 

देखिये बढ़ते यूंपी की झलक इस वीडियो में –

 

7 Comments

  • MANISH SINGH says:

    Akhilesh yadav jaisa vikas kisi sarkar ne nahi kiya aur ba hi unke jaise yojna kisi sarkar ne chalai main dhanyawad deta hoon akhilesh ji ko ki apje dwara kiye gaye karya aur vikas janta ko kuch mila is sarkar se isse pehle baba ji ka thullu mila chahe koi bhi sarkar rahi ho

  • sharib murtaza tyagi says:

    Hamara wada h …Akhilesh g ko dobara lana h….smajwadiparty zindabad

  • सुनील शुक्ला कानपुर says:

    अखिलेश ने जो काम ५ साल के पहले ही कर दिया है वह एक रिकार्ड है .आज हम यु पी के लोगो को बिजली सड़क पानी अस्पताल शिछा महिलाओं की सुरछा रोजगार आदि में बेहतर सुविधाए मिल रही है इसलिए इस सरकार का २०१७ में भी बने रहना बहुत जरुरी है ..

  • suman parihar says:

    अखिलेश यादव ने १०९० से हमारा दिल जीत लिया है . हमें केवल अखिलेश यादव जैसा सी एम ही चाहिए

  • सुनील शुक्ला कानपुर says:

    अखिलेश ने जो कहा था वो कर दिखाया है , उन्होंने काफी कुछ अच्छा काम किया है हमारे लिए . अब चुनाव फिर आ रहे है तो हमें भी उन्हें कुछ अच्छा रिस्पोंस देना होगा ….उन्हें फिर से लखनऊ पहुचाना है .

  • jibodh nath yadav says:

    sabka mangal sabka bhala ho

  • rudrapratap yadav says:

    2017 me ek bar phir sp ki sarkar ki kamna

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