Uttar Hamara logo

विरोधी भी कायल हैं अखिलेश यादव के व्यक्तित्व और विकासपरक सोच

26a

04 February  2017

उत्तर प्रदेश में आज विकास की बात होती है तो पहला नाम अखिलेश यादव का आता है। बतौर मुख्यमंत्री वे उत्तर प्रदेश में विकास के पर्याय बन चुके हैं। तो उनकी सरलता और शालीनता ने न सिर्फ विरोधियों को प्रभावित किया है अपितु करोड़ों युवाओं के दिल में उन्होंने रोल मॉडल के तौर पर भी जगह बनाई है। भले ही स्वर मुखर नहीं हों, लेकिन दबी जुबान विरोधी भी अखिलेश यादव के विकास और व्यक्तित्व की तारीफ करते रहते है। दरअसल अखिलेश यादव के राजनीतिक व्यक्तित्व का निर्माण उसी समय शुरू हो गया था जब उन्होंने कन्नौज से अपने राजनीतिक जीवन का आगाज किया था।

41b

सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण अभियान्त्रिकी में स्नातकोत्तर अखिलेश यादव ने अपनी राजनीतिक सम्भावनाओं का आगाज युवावस्था में ही कर दिया था। कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से ही युवाओं में बेहद लोकप्रिय अखिलेश यादव ने 2012 में धमाकेदार शुरुआत कर देश-प्रदेश की राजनीति को हिला कर रख दिया था। यह सही मायने में एक समाजवादी योद्धा का उदय था। 2012 के चुनाव से पहले तमाम चुनावी विश्लेषक समाजवादी पार्टी के पूर्ण बहुमत पाने पर संशय जता रहे थे और खिचड़ी सरकार के संकेत दे रहे थे। यहां तक कि अखिलेश यादव को भी राहुल गांधी के मुकाबले कमतर आंका जा रहा था। ऐसे वक्त में भी अखिलेश यादव ने कड़ी मेहनत, कुशल रणनीति और शानदार चुनावी प्रबंधन से पार्टी को नंबर एक पर लाकर खड़ा कर दिया था।

सरकार बनने के बाद से ही अखिलेश यादव का व्यक्तित्व और अधिक निखरने लगा था। अखिलेश यादव प्रदेश के विकास और परिवर्तन का लक्ष्य लेकर सत्ता में आये थे। उन्होंने शुरुआत में ही ये संकेत दे दिए थे कि सरकार बदले की भावना से नहीं अपितु विकास की भावना से काम करने को कटिबद्ध है। उन्होंने पूर्व में मायावती सरकार द्वारा निर्मित मूर्ति और स्मारकों को तोड़ने के स्थान पर उनका सदुपयोग करने का निर्णय लिया, उनका ये निर्णय उन्हें महान व्यक्तित्व की श्रेणी में शुमार करता है।

26b

उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही जनता से किये गए वादों को एक-एक करके पूरा करना शुरू कर दिया था, जिन्हें पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सम्मलित  किया था। अखिलेश सरकार के पांच साल का आकलन किया जाए तो उत्तर प्रदेश को अखिलेश के नेतृत्व में देश की एकमात्र सरकार मिली, जिसने जनता से किए गए वादों को पांच साल के भीतर ही अक्षरशः पूरा किया।

अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की सोच लेकर राजनीति में आए। इसलिए उनकी शुरू से ही कोशिश रही कि मतदाताओं की जाति-धर्म और संप्रदाय के आधार पर वोट देने की परपंरागत मानसिकता को बदल कर उन्हें विकास की तरफ उन्मुख किया जाए। इसमें वे काफी हद तक सफल भी रहे हैं। नतीजन प्रदेश में रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कार्य हुए है।

33

अखिलेश यादव ने पार्टी की तकनीकी और अंग्रेजी विरोधी छवि को भी बदल कर उसे आधुनिक कलेवर दिया। उनकी सरकार ने लाखों लैपटॉप बाँट कर दूरदराज बैठे छात्रों को देश-दुनिया से जोड़ने का काम किया। तो बाहुबली डीपी यादव और फिर मुख्तार अंसारी के पार्टी में शामिल करने के प्रस्तावों को ठुकराकर पार्टी और राजनीति की छवि सुधारने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। अखिलेश यादव के व्यक्तित्व पर आज तक किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगा है। वह ना सिर्फ मजबूत चरित्र के धनी है अपितु एक संस्कारी और आज्ञाकारी पुत्र भी है। अखिलेश यादव एक शासक की तरह नहीं बल्कि सेवक की तरह प्रदेश का संचालन कर रहे हैं, और ये कई मर्तबा साबित भी हो चुका है। वो ना सिर्फ रिश्तों को अहमियत देते है अपितु बुजुर्गों के संस्कार में भी अग्रणी है। आलोचनाओं को नजरअंदाज कर अखिलेश यादव बेहद शांत होकर विकास कार्यों को गति देते रहे हैं। अखिलेश यादव ने विकास के साथ-साथ अपनी सफल दूरदर्शिता का परिचय भी दिया है। उनकी दूरदर्शी नीतियों का ही असर है जो आज प्रदेश विकासशील राज्यों की कतार में खड़ा है।

उत्तर हमारा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news