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साईकिल से पेंशन तक, ये योजनाएं बदल रहीं हैं मजदूरों का जीवन

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आमतौर पर कोई भी विशेष दिन आता है तो उसकी चर्चा अगली सुबह के साथ खत्म हो जाती है। लेकिन 1 मई को मजदूर दिवस मनाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार जिस तरह से एक्शन मोड में दिखाई दे रही है उसे देखते हुए लग रहा है कि मजदूरों के जीवन में क्रांतिकारी और बेहतर परिवर्तन महज चन्द दिनों की दूरी पर है। जानते हैं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई ऐसी ही योजनाओं के बारे में जिनसे बदल रहा है मजदूरों का जीवन :

10 रुपए में मध्यान्ह भोजन

मजदूरों के लिए 10 रुपए में मध्यान्ह भोजन योजना का शुभारम्भ किया गया। जिसका पाइलेट प्रोजेक्ट, लखनऊ से शुरू हुआ है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसकी शुरूआत करते हुए श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन किया। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होनें कहा कि इस योजना का लाभ श्रमिकों को मिलेगा और इससे उन्हें 10 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे जहां निर्माण श्रमिकों की कार्यकुशलता में बढ़ोतरी, वहीं उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

मजदूरों के लिए साइकिल की सवारी

मजदूरों की मदद के लिए प्रदेश सरकार द्वारा साइकिल सहायता योजना लागू की गई है। कामगारों को अपने घर से कार्य स्थल तक आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से ही उन्हें मुफ्त साइकिलें प्रदान की जा रही हैं। इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में मजदूरों को मिला है और अब तक प्रदेश में 04 लाख से अधिक साइकिलों का वितरण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर भी 1,000 श्रमिकों में वितरित की गई साइकिलों के लाभार्थियों के एक दल को हरी झण्डी दिखाकर कार्यक्रम स्थल से रवाना भी किया।

श्रमिकों को मिलेगी पेंशन

मजदूरों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की समाजवादी सरकार द्वारा श्रमिकों को पेंशन देने की योजना की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लाभार्थी को 1,000 रुपए प्रति माह की पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतीक स्वरूप मुख्यमंत्री ने मजदूर दिवस पर 100 लाभार्थियों को इस योजना के तहत चेक भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य के श्रमिकों के लिए मजदूर दिवस का ये दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि इस योजना के लागू होने से 60 वर्ष से अधिक उम्र के निर्माण श्रमिकों को पेंशन उपलब्ध कराने वाले प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश का नाम भी शामिल हो गया है।

आवासीय स्कूलों का निर्माण

मजदूरों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवासीय विद्यालयों की योजना लागू की गई है, जिससे मजदूरों के बच्चे भी शिक्षित बन सकें।

मजदूरों के लिए चलाई जा रही इन बेहतर और लाभकारी योजनाओं से प्रदेश के विकास को पंख लगना तय माना जा रहा है। क्हते हैं कि किसी भी इमारत की मजबूती के लिए नींव का मजबूत होना जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार अपनी योजनाओं से यह साबित कर रही है कि सिर्फ नींव ही नहीं उस नींव को रखने वाले मजदूरों का जीवन भी मजबूत होना चाहिए तभी प्रदेश तरक्की की मजबूत इमारत खड़ी कर सकेगा।

 

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