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कर्ज लेकर मां-बाप ने इंटरनेशनल गेम में भेजा, बेटी ने भी पदक जीतकर दिखाया

शाहजहांपुर। मजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों मे जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता है, हौसलों से उड़ान होती है। इस बात को सच कर दिखाया शाहजहांपुर के अंश और आशी ने जिन्होंने जिला शाहजहांपुर का नाम रोशन किया है। दोनों ने पंजाब में हुए इंटरनेशनल कराटे प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता है। आशी की उम्र अभी 18 बर्ष है जबकि अंश की उम्र अभी 12 साल ही है। पंजाब में हुई इस जीत के बाद जश्न का माहौल है। आशी को माता पिता ने उधार पैसा लेकर पंजाब भेजा था तब जाकर उसने प्रतियोगिता मे भाग लिया।

हुनर का लोहा मनवाया

हर इंसान में कुछ न कुछ हुनर छिपा रहता है बस उस छिपी प्रतिभा को उभारने की जरूरत होती है। 24, 25 और 26 नवंबर को पंजाब के अमृतसर में हुई इस प्रतियोगिता मे अंश और आशी ने कांस्य पदक जीतकर अपने हुनर का लोहा मनवा दिया। महज 18 और 12 साल की उम्र में बांग्लादेश, इंडोनेशिया, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों के खिलाड़ियों को धूल चटाने वाले आशी और अंश देश के लिये गोल्ड लाना चाह रहे हैं।

आशी के पिता ने लिए उधार

कांस्य पदक विजेता 18 साल की विजेता आशी ने बताया कि वह छोटे से कस्बे तिलहर मे किराए के मकान में रहती है। उसके पिता सुदेश कुमार गुप्ता की मिठाई की दुकान है। दुकान भी किराये की है। पिताजी ने जैसे-तैसे मेहनत करके मेरी शुरुआती पढ़ाई कराई। अब वह आगरा से ग्रेजुएशन कर रही है। आशी के मुताबिक उसने और उसके परिवार ने बहुत स्ट्रगल किया है। पिता जी ने उधार पैसे लेकर हमें दिए तब हम पंजाब मे प्रतियोगिता मे भाग ले सके हैं।

ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का सपना

आशी ने बताया कि कांस्य पदक जीतने के बाद उसे बेहद खुशी हो रही है। घर पर रिश्तेदार आते जा रहे हैं और बधाई देते जा रहे हैं। आशी का सपना है कि वह ओलंपिक मे गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करे। उसके लिए सरकार थोड़ी सी मदद मेरी कर दे तो हम देश का नाम रोशन जरूर करेंगे।

अंश ने भी जीता कांस्य

वहीं 13 साल के अंश ने भी देश का नाम रोशन किया है। अंश के पिता अखिलेश गौतम यहां ग्राम विकास अधिकारी है। अंश की मां सरकारी स्कूल मे सहायक अध्यापिका है। अंश रायन इन्टरनेशनल स्कूल में 8वीं क्लास का छात्र है। पिता ने बताया कि अंश ने पंजाब के अमृतसर में हुए इन्टरनेशनल कराटे प्रतियोगिता मे कांस्य पदक जीता है। अंश ने नेपाल के खिलाड़ी को हराकर कांस्य पदक जीत लिया। पदक जीतने के बाद अंश और आशी के कोच मोहित सिंघल भी बेहद खुश है। मोहल्ले वालों से लेकर रिश्तेदार बधाई देते नही थक रहे है। अंश के माता-पिता की इच्छा है कि अंश ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम पूरी दुनिया मे रोशन करे।

Source:OneIndia

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