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विकास का डंका पीटकर PM मोदी को घेरेंगे अखिलेश

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उत्तर प्रदेश के विकास को मुद्दा बनाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रधानमंत्री और वाराणसी से सांसद नरेंद्र मोदी को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। इसका आगाज उन्होंने रविवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अपना हेलिीकॉप्टर उतार कर किया। दरअसल प्रदेश के विकास के लिए अब तक प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को लिखे सौ से अधिक पत्रों को आधार बनाकर समाजवादी पार्टी की सरकार विकास के एजंडे को आधार बनाकर केंद्र सरकार को घेरने का मन बना चुकी है।

सिरसागंज के करीब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर रविवार को अपना हेलिकॉप्टर उतार कर मुख्यमंत्री ने बीते चार सालों में उनकी सरकार की तरफ से प्रदेश में किए गए विकास कार्यों की नजीर पेश करने की कोशिश की। सोलहवीं लोकसभा के चुनाव के बाद केंद्र में बनी भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बिजली, पानी, सड़क और सिंचाई के मसले पर अखिलेश यादव लगातार कटघरे में खड़ा करते आ रहे हैं। अपनी इस योजना में उन्होंने बुंदेलखंड के किसानों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से अब तक लगातार की जा रही उपेक्षा को मुद्दा बनाने की तैयारी कर रखी है। साथ ही बीते दो वर्षों में प्रदेश में लगातार प्राकृतिक आपदा और सूखे की मार से दोहरे हो रहे किसानों को राहत देने के नाम पर केंद्र सरकार की तरफ से की जा रही खानापूरी को भी उन्होंने आधार बनाया है।

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में सपा सरकार की तरफ से अब तक किसानों के हितों में किए गए कार्यों और फैसले को पहुंचाने के लिए समाजवादी पार्टी ने बीते वर्ष 20 दिसंबर को गांव-गांव अखिलेश यात्रा शुरू की है। इस यात्रा की बाबत सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि समाजवादी जनसंवाद अभियान के तहत यह यात्रा अब तक पांच जिलों आगरा, फैजाबाद, गोरखपुर से होते हुए जालौन और हमीरपुर तक पहुंच चुकी है। यात्रा के साथ 12 एलइडी वैन भी चल रही हैं। अब तक आगरा में 148, फैजाबाद में 134, गोरखपुर में 148, जालौन में चार और हमीरपुर में चार गांवों तक यह यात्रा पहुंच चुकी है।

गांव में किसानों के हित में किए गए कार्य और उन्हें दिए गए मुआवजे में केंद्र सरकार की हकीकत को बयां करने के साथ ही इस यात्रा में प्रदेश के किसी भी एक शहर का चयन स्मार्ट सिटी के तौर पर न होने को भी मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करने की सपा कोशिश में है। प्रदेश के किसी भी शहर का चयन स्मार्ट सिटी के तौर पर न होने पर राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि बीते दो साल में केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रदेश के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उनका आरोप है कि प्रदेश से भाजपा और उसकी सहयोगी अपना दल के 73 सांसद जीतने के बाद भी उत्तर प्रदेश के विकास पर कोई ठोस नीति न ही प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने बनाई और न ही सूखा और कुदरती आपदा का शिकार किसानों को मुआवजा देने पर ही गंभीर काम हुए। प्रदेश सरकार ने किसानों को हुए नुकसान का जो आकलन केंद्र को भेजा था, उसका एक चौथाई धन भी प्रदेश को नहीं दिया गया। उत्तर प्रदेश की जनता को केंद्र सरकार की इस हकीकत की जानकारी होनी चाहिए।

फिलहाल अखिलेश यादव विकास को आधार बनाकर गांव और शहर दोनों ही मोर्चों पर मोदी को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। ऐसे में भितरघात और उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष आने की आशंका से दोहरे हो रहे भाजपाइयों के पास फिलहाल अखिलेश यादव के इस हमलवार तेवर से पार पाने का रास्ता सूझ नहीं रहा है।

केंद्र में सरकार बनने के करीब दो साल में प्रदेश में पार्टी की साख में आ रही कमी भाजपा नेताओं की चिंता की बड़ी वजह है। देखने वाली बात यह होगी कि एक साल बाद प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचती है और विभिन्न यात्राओं के जरिए जनता के बीच पहले ही केंद्र सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करने की कोशिश में लगे अखिलेश यादव की इस रणनीति से पार पाने के कौन से रास्ते अख्तियार करती है।

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