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सीएम अखिलेश के प्रयासों से विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा कौशांबी

 

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कौशाम्बी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए। photo_uttamup.com

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कौशाम्बी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए। photo_uttamup.com

May 30, 2016

युवा सोच और जिस जोश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले चार काम किया है, उससे पूरा उत्तर प्रदेश ही विकास के पथ पर तेजी के आगे बढ़ रहा है। पर इससे अलग कौशांबी जिले की बात ही निराली है। चार साल से तरक्की के जो प्रतिमान कौशांबी जिला ने स्थापित किए हैं, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तमाम सहूलियतों की सौगात देकर उसे नई  ऊंचाई दे दी है। 1997 में अस्तित्व में आने के बाद कौशांबी में विकास उतनी तेजी से नहीं हुए, जितना पिछले चार वर्षों में हुए हैं। पहले की सरकारों ने राजा उदयन की राजधानी और भगवान गौतम बुद्ध की इस तपस्थली पर आने वाले पर्यटकों की समस्या की ओर भी ध्यान नहीं दिया, पर अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।

8 अरब रुपयों से बही विकास की गंगा

हाल ही में यहां मुख्यमंत्री ने इस दौरान मुख्यमंत्री 70 करोड़ 81 लाख 25 हजार की 31 परियोजनाओं का लोकार्पण और नौ करोड़ 39 लाख पांच हजार की नौ परियोजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही साथ मूरतगंज में फोरलेन का भी उद्घाटन किया। तो अलवारा झील, शीतला धाम, ख्वाजा कड़क शाह बाबा के दरगाह आदि के सौन्दर्यीकरण का भी भरोसा दिया। 31 परियोजनाओं के लोकापर्ण से साफ है कि यहां विकास की 31 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जो अब इस लिए के विकास को और तेज करेंगी। इसके अलावा 9 योजनाएं शुरू करने की कवायद भी शुरू हो चुकी हैं। कुल मिलाकर इन 40 योजनाएं के साथ कौशांबी अब नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।

कौशाम्बी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। photo_uttamup.com

कौशाम्बी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। photo_uttamup.com

कौशांबी में बनेगा अंतरराज्यीय बस अड्डा

कौशांबी डिपो जल्द ही अंतरराज्यीय बस अड्डे में तब्दील हो जाएगा। यात्रियों को लंबी दूरी की एसी-वोल्वो बसों के लिए आनंद विहार आईएसबीटी की दौड़ नहीं लगानी होगी। इस डिपो से उत्तराखंड और नेपाल के साथ ही बिहार के लिए भी बसें संचालित की जाएंगी। यूपीएसआरटीसी का गाजियाबाद रीजन दिल्ली स्थित आनंद विहार आईएसबीटी से लंबी दूरी के विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन करता है। बस अड्डे का उपयोग करने के एवज में मोटी रकम दिल्ली परिवहन निगम को देनी होती है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए यूपीएसआरटीसी ने कौशांबी डिपो से ही बसों का संचालन शुरू करने की योजना बनाई है। प्रथम चरण में एसी और वोल्वो बसों का संचालन कौशांबी डिपो से किया जाएगा। डिपो से बिहार, नेपाल और उत्तराखंड के लिए बसें चलेंगी। डिपो से लखनऊ, मुरादाबाद, बरेली के लिए भी बसों का संचालन किया जाएगा। यूपी रोडवेज की बसों को अभी दिल्ली में एंट्री और आनंद विहार बस अड्डे का उपयोग करने के लिए किराया देना पड़ता है, जिसका सारा खर्च यात्री किराए में जोड़ दिया जाता है। कौशांबी से बसों का संचालन करने पर यह खर्च नहीं होगा। इससे किराया भी कम हो जाएगा।

कौशांबी डिपो जल्द ही अंतरराज्यीय बस अड्डे में तब्दील हो जाएगा। Photo_amar ujala

कौशांबी डिपो जल्द ही अंतरराज्यीय बस अड्डे में तब्दील हो जाएगा। Photo_amar ujala

पर्यटकों को भी सहूलियत : सर्किट हाउस बनाने को मिली जमीन

राज्य सरकार ने गौतम बुद्ध की तपस्थली और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्व रखने वाले कौशांबी में आने वाले पर्यटकों की समस्याओं को संज्ञान में लिया है। इसके साथ ही कौशांबी में सर्किट हाउस बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर जिला प्रशासन ने भूमि पीडब्लूडी को सौंप दी है। भूमि मिलते ही पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड छह के एक्सईएन ने छह करोड़ 20 लाख का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। कौशांबी के जिले के रूप में अस्तित्व में आने के बाद यहां पर कुछ सरकारी कार्यालयों का निर्माण प्राथमिकता पर कराया गया, लेकिन कुछ विभाग आज भी किराए के भवन से संचालित हो रहे हैं।

ऐतिहासिक कौशांबी अपनी समृद्धि को लेकर प्रसिद्ध रही है। यहां के धन्नासेठों की कहानियां किसी से छिपी नहीं है। इसके अलावा बौद्घ और जैन समुदाय के लोगों के लिए जिले का विशेष महत्व है। इस कारण से यहां साल भर पर्यटकों का आना-जाना बराबर बना रहता है। इसमें सबसे अधिक परेशानी चीन से आने वाले बौद्घिष्ठों को होती है। सारी सुविधाओं से लैश होने के बाद भी इन पर्यटकों को कौशांबी में रात गुजारने के लिए एक अदद होटल, सर्किट हाउस या फिर अन्य कोई व्यवस्था नहीं थी। सर्किट हाउस का निर्माण होने के बाद पर्यटकों को आराम मिलेगा। उन्हें गौतम बुद्ध की तपस्थली में रात गुजारने में हो रही कठिनाई से निजात मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव कौशाम्बी में विकलांगजन को ट्राईसाइकिल वितरित करते हुए। photo_uttamup.com

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव कौशाम्बी में विकलांगजन को ट्राईसाइकिल वितरित करते हुए। photo_uttamup.com

ये योजनाएं हुईं पूरी

तहसील मंझनपुर में 2 करोड़ 57 लाख 58 हजार रुपये लागत के आवासीय भवन, 4 करोड़ 36 लाख 9 हजार रुपये के अनावासीय भवन, 3 करोड़ 30 लाख 51 हजार रुपये लागत के अग्निशमन केन्द्र पश्चिम शरीरा के आवासीय व अनावासीय भवन, 2 करोड़ 79 लाख 52 हजार रुपये के 30 बेड वाले कड़ा मैटरनिटी विंग, इतनी ही लागत का 30 बेड वाला सिराथू के मैटरनिटी विंग के अलावा 10 करोड़ 41 लाख 47 हजार 400 रुपये लागत के मूरतगंज से मंझनपुर 4-लेन चैड़ीकरण मार्ग, मारूखपुर सम्पर्क मार्ग, बुआपुर (मेडुआ) सम्पर्क मार्ग और जीटी रोड से गोपालपुर सम्पर्क मार्ग का नवनिमार्ण कार्य का मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। इसके अलावा, दुर्गा से सैतपुर सम्पर्क मार्ग, भगतपुर डेढ़ावल मार्ग से कुम्हारन का डेरा सम्पर्क मार्ग, कौशाम्बी हिनौता मार्ग का चैड़ीकरण, तथा लोक निर्माण विभाग के अनावासीय कार्यालय का निर्माण कार्य की कुल लागत 6 करोड़ 54 लाख 6 हजार रुपये है, इनका भी लोकार्पण किया गया।

कौशाम्बी में महिला लाभार्थी को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करते हुए मुख्यमंत्री।photo_upnews360

कौशाम्बी में महिला लाभार्थी को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करते हुए मुख्यमंत्री।photo_upnews360

इनके अलावा मंझनपुर मे ड्रग वेयर हाउस, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नेवादा, चायल, सरसवां सहित मॉडल स्कूल सिराथू लागत 3 करोड़ 2 लाख रुपये और इतनी ही लागत का मॉडल स्कूल कड़ा (केसारी) और 51 लाख 98 हजार रुपये लागत का राजकीय हाईस्कूल पल्हाना कछार, 5 करोड़ 32 लाख 8 हजार रुपये की लागत के आईटीआई मंझनपुर, 1 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत का श्रमिक कल्याण कार्यालय मंझनपुर के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 69 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप का वितरण किया photo_upnews360

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 69 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप का वितरण किया photo_upnews360

4 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत वाला विद्युत उपकेन्द्र मूरतगंज और 2 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत वाला 11 केवी विद्युत केन्द्र बालकमऊ को जनता को समर्पित किया गया। इसके अलावा, 91 लाख 58 हजार रुपये की लागत वाले राजकीय हाईस्कूल कसिया, राजकीय हाईस्कूल लोधन का पुरा, राजकीय हाईस्कूल महेबाघाट, राजकीय हाईस्कूल महाबीरपुर और 91 लाख 58 हजार रुपये की लागत वाले राजकीय हाईस्कूल मिश्रपुर डहिया की परियोजनाओं का भी मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया।

ये परियोजनाएं भी होंगी शुरू

3 करोड़ 83 लाख 42 हजार रुपये की लागत से कौशाम्बी मुख्यालय, मंझनपुर में अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासीय भवनों के अलावा, 69 लाख 51 हजार रुपये लागत वाले 8 विद्यालयों-राजकीय हाईस्कूल पन्सौर, शेरगढ़, रसूलपुर वदले, महाराज का पुरा, टेंवा, राला, रामपुर धवांवा और अमृतापुर के भवनों की आधारशिला रखी गई है। शिलान्यास वाली इन 9 परियोजनाओं पर कुल लागत 9 करोड़ 39 लाख 7 हजार रुपये आएगी।

ओसा मण्डी समारोह स्थल पर मुख्यमंत्री ने पीपल का पौधा रोपित किया। photo_upnews360

ओसा मण्डी समारोह स्थल पर मुख्यमंत्री ने पीपल का पौधा रोपित किया। photo_upnews360

नजीर बनी कौशांबी पुलिस

किसी क्षेत्र में विकास के लिए सिर्फ परियोजनाएं भी जिम्मेदार नहीं होती हैं, बल्कि उन नियमों और व्यवस्थाओं को पूरे मनोयोग से लागू करने वाली संस्थाओं की जिम्मेदारी भी अहम होती है। इसमें प्रशासन के साथ पुलिस और जनता का भी योगदान बड़ा होता है। ऐसा ही करिश्मा किया है कौशांबी की पुलिस ने। यहां की पुलिस हर माह करीब एक लाख रुपये बचा रही है। यह बात जुबानी नहीं है, बल्कि आंकड़ों की हकीकत है। कौशांबी पुलिस के इस कदम से प्रभावित होकर आईजी ने इस माॅडल को पूरे जोन में लागू कर दिया है।

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पुलिस विभाग ने डाक रनर, डाक सहायक सहित कई ऐसे काम में पुलिस कर्मी लगाए जाते थे। ये पुलिस कर्मी डाक पहुंचाते थे। बदले में उन्हें टीए और डीए देना होता था। इससे हर महीने जिला पुलिस के करीब एक लाख रुपये खर्च हो जाते थे। कौशांबी पुलिस ने इस खर्च को कम करने के लिए नया प्रयोग किया और सीसीटीएनएस प्रोग्राम की शाखा क्यूमेल का सहारा लिया। इस मेल के जरिए अब थाना और पुलिस ऑफिस, सीओ ऑफिस  के बीच की डाक सीधे ई-मेल के जरिए आ जाता है। इस काम में लगे 26 सिपाही, चार दरोगा और चार हेडिमोहर्रिर भी अब दूसरे काम में लगाए जा रहे हैं। वहीं, इन्हें दिया जाने वाला टीए व डीए भी बच रहा है। साथ ही साथ जवानों की कमी भी भरपाई भी हुई हैं और सरकारी राजस्व भी बच रहा है। उम्मीद है कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू हो जाए। सीसीटीएन प्रोग्राम के तहत थानों में आॅनलाइन मुकदमों का पंजीकरण किया जाता है। मुकदमों की विवेचना भी आॅनलाइन की जाती है। इसे लेकर सभी थानों को आॅनलाइन किया गया है। इस पहल से आॅनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने में कौशांबी  प्रदेश में पहले स्थान पर आ गया है।

 

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