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आई-स्पर्श योजना: स्मार्ट गांव की ओर अहम पहल

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 March 31, 2016

केंद्र सरकार शहरों को भले ही अब तक स्मार्ट नहीं बना सकी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार ने गांवों को स्मार्ट बनाने की पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में आई-स्पर्श स्मार्ट एवं स्वावलंबी ग्राम परियोजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ऐसे में महत्वपूर्ण है कि हम जान लें कि आखिर क्या है यह योजना, जिससे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गांवों को विकास की नई धारा से जोड़ने जा रहे हैं।

मूलभूत और आधुनिक विकास

आई-स्पर्श योजना के तहत जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना के अन्तर्गत चयनित गांवों में ग्रामीणों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार मूलभूत और आधुनिक समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जा सके। साथ ही गांवों में मानव विकास सूचकांक यानी एचडीआई यानी ग्रामीणों के जीवन स्तर में वृद्धि करना ही आई-स्पर्श योजना का मकसद है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, क्लाइमेट स्मार्ट क्रियाकलाप तथा डिजिटल एप्लीकेशन्स का प्रयोग मुख्य रूप से किया जाएगा, जो ग्रामीणों की सामूहिक शक्ति तथा राज्य सरकार के प्रयासों के सहयोग एवं तालमेल सम्भव हो सकेगा। प्रदेश में यह योजना 01 अप्रैल 2016 से 31 मार्च, 2017 तक प्रचलित रहेगी। इसे भविष्य में विस्तारित करने पर विचार किया जाएगा। योजना के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

ग्रामीणों  की आय बढ़ेगी

योजना के तहत गांवों का समग्र विकास करने के साथ ग्रामीणों की आय में वृद्धि अहम उद्देश्य है। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग, कौशल विकास, सामाजिक मेल-मिलाप एवं जुड़ाव व सामाजिक न्याय तथा आसान समाधान, जनसामान्य एवं पंचायती राज की सहभागिता, कृषि की आधुनिक एवं दक्ष तकनीकों तथा सम्बन्धित सहायक क्रियाकलापों के अनुरूप रूपान्तरण करना, उत्तरदायी शासन व प्रशासन, लचीलापन एवं संसाधनों को पुनः उपयोग में लाने की क्षमता विकसित करना, सुरक्षा एवं स्वच्छता तथा टिकाऊपन तथा स्वास्थ्य, स्वच्छ एवं स्वस्थपरक जीवनशैली व आवास की सुविधाएं शामिल हैं।

अभिनव कार्यों को बढ़ावा

आई स्पर्श योजना के तहत चयनित गांवों में ऐसे अभिनव कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा, जो उस गांव की आवश्यकता के अनुरूप हों। मसलन, यदि किसी गांव में पर्यटन स्थल हैं तो उस पर्यटन स्थल को विकसित किया जाएगा, ताकि सैलानियों को आकर्षित किया जा सकें। उसे विलेज टूरिज्म से जोड़ा जाएगा। ऐसी ही अगर कोई गांव हस्त शिल्प के लिए मशहूर है तो वहां कामगारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्हें आधुनिक तकनीकी से दक्ष बनाकर उनके कारोबार देश-विदेश तक पहुंचाने में मदद की जाएगी। ऐसा करने से आई-स्पर्श योजना से जुड़े गांवों में न सिर्फ लोगों की आजीविका के संसाधन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आधुनिक तकनीकी से उनमें सुधार भी आएगा।

हुनर को मिलेगा प्रोत्साहन

इसमें ग्रामों का विकास एवं ग्रामीणों के जीवनस्तर को सुधारने, रोजगार उपलब्ध कराने, ग्रामवासियों की आय में वृद्धि करने तथा उनके कौशल विकास में  वृद्धि करने के लिए कुछ ऐसी ग्रामपरक योजनाएं हो सकती हैं, जिनके लिए अधिक धनराशि की आवश्यकता हो अथवा विभिन्न संस्थागत एजेन्सियों के लिए समन्वय की आवश्यकता हो। ऐसी योजनाओं के लिए प्रस्ताव अलग से बनाकर राज्य स्तरीय समिति को प्रेषित किए जाएंगे। जिन योजनाओं के लिए अलग से प्रस्ताव बनाकर राज्य स्तरीय समिति को भेजे जाएंगे, उसका विकास कराया जाएगा। इसमें ग्रामपरक विशेष प्रकार के रोजगार हेतु डिजाइन, तकनीक, प्रशिक्षण एवं विपणन की व्यवस्था करना, जैसे हैण्डीक्राफ्ट, कृषि व्यापार आदि हो सकते हैं।

गांव-ग्रामीण सबकी तरक्की

योजना के तहत गांवों के मूलभूत स्वरूप को बनाए रहते हुए कुछ ऐसे भी कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़े पैमाने पर बदलाव आएंगे। मसलन लाभार्थीपरक कार्य के अन्तर्गत जरूरतमंद छात्र एवं छात्राओं को पढ़ाई के लिए सोलर लेन्टर्न उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं निःशक्त बच्चों को कृत्रिम अंग और उपकरण बांटे जाएंगे। ग्रामपरक कार्य के अन्तर्गत स्कूलों में सोलर आधारित आरओ वाटर सिस्टम और वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे।

सुधरेगा जीवन स्तर, मिलेगा रोजगार

योजना के अन्तर्गत ऐसे अभिनव कार्य कराए जाएंगे, जो गांव की आवश्यकता के अनुरूप होंगे। इसमें ग्रामों का विकास एवं ग्रामीणों के जीवनस्तर को सुधारने, रोजगार उपलब्ध कराने, ग्रामवासियों की आय में वृद्धि करने तथा उनके कौशल विकास में  वृद्धि करने के लिए कुछ ऐसी ग्रामपरक योजनाएं हो सकती हैं, जिनके लिए अधिक धनराशि की आवश्यकता हो अथवा विभिन्न संस्थागत एजेन्सियों के लिए समन्वय की आवश्यकता हो। ऐसी योजनाओं के लिए प्रस्ताव अलग से बनाकर राज्य स्तरीय समिति को भेजे जाए।

उत्तर हमारा

2 Comments

  • Vinod Kumar Singh Baghel says:

    Its a good effort of the UP Govt. We are working on Resource Conservation & Management Technologies and there are two new projects which may become very helpful to rural economy and entrepreneurship. One is value addition of Banana Stem which will generate lot of jobs in state’s banana producing districts and the second is small cold storage of a capacity of up to 15 Tons which is operated by bio-mass and other farm waste. We may also link Kamdhenu Dairy units for dung management for additional earnings by sale of enriched dung & nutritional management using low cost & effective technology for enhancing quality & quantity of milk.
    Thanks n Regards, VKS Baghel. (M) 9415308378.

  • SATYAVEER MUNNA says:

    It’s wonderful. Many thanks to progressive CM of UP Sri Akhilesh Yadav ji.

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