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15 साल के अभय ने आईआईटी में प्रवेश पाकर फिरोजाबाद का नाम रोशन किया


प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इसे फिरोजाबाद के अभय अग्रवाल ने साबित कर दिखाया है। महज 15 साल सात महीने की उम्र में उसने आईआईटी में प्रवेश पाकर कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है। वह बचपन से ही होनहार रहा है और परिवार के सदस्यों ने उसका पूरा साथ दिया।
अभय ने शनिवार को कानपुर में आईआईटी की काउंसलिंग में प्रवेश के लिए पहुंचकर कम उम्र में प्रवेश पाने की ललक से सबको चौंका दिया। उससे पैनल ने कई सवाल जवाब किए लेकिन सबका वह आसानी से जवाब देता रहा। उम्र को लेकर पैनल को शक हुआ कि कहीं छात्र गलत तो नहीं बोल रहा इसलिए उसके साथ गए पिता से अलग से पूछा गया इसके बाद भी शंका दूर करने को मां के पास फिरोजाबाद फोन आया और बेटे की उम्र की जानकारी ली तब जाकर तय हो गया कि अभय कम उम्र में आईआईटी में प्रवेश पाने वाला छात्र बन गया है। आईआईटी में प्रवेश के लिए इंटर पास होना जरूरी होता है इसलिए उसकी प्रतिभा के चलते पैनल के सवालों के बीच कोई परेशानी नहीं आई।
सुहागनगर सेक्टर तीन निवासी अभय अग्रवाल का जन्म 9 नवम्बर 2001 को हुआ था। बचपन से पढ़ाई में होशियार होने के चलते परिवार लगातार उसकी इस प्रतिभा को आगे बढ़ाता रहा। पिता मुकेश अग्रवाल जो वर्तमान में नगर निगम फिरोजाबाद में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी हैं और मां एकता अग्रवाल जो ग्रहणी हैं उन्होंने बेटे अभय को पढ़ाई के लिए घर में अलग से माहौल दिया। अभय ने हाईस्कू प्रो राजेंद्र सिंह इंटटर कालेज से 85.63 प्रतिशत अंक के साथ किया। इसके बाद आईआईटी की तैयारी नगर की स्टेशन रोड स्थित झा क्लासेस से की और फिर इंटर में इसी साल 87.2 प्रतिशत अंक पाए हैं। अभय कहता है कि वह अब्दुल कलाम की तरह साइंटिस्ट बनना चाहता है।
अभी रुड़की में एडमीशन का मौका बाकी
अभय कहते हैं कि उन्होंने अभी मैकेनिकल ब्रांच से बीएचयू में एडमीशन के लिए सलेक्ट किया है। एडमीशन को लेकर तीन आब्शन होते हैं जिसमें फ्रीज, स्लाइड को छोड़कर तीसरा विकल्प फ्लोट उन्होंने चुना है जिसके तहत अगर दूसरी काउंसलिंग जो चार जुलाई को होनी है, उसमें रुकड़ी मिल गई तो वे यहां पर एडमीशन लेंगे।
होनहार अभय पहले भी दिखा चुके प्रतिभा
अभय की योग्यता पहले भी लोगों के सामने आती रही है। जेईई मैन्स में उन्होंने 269 अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद यूपीटीयू में 105वीं रैंक पाई। वहीं एडवांस में उन्होंने 237 अंक पाए। एडवांस में मैथ में 122 में से 109 अंक आए थे।
दोनों बेटों ने सपना कर दिया साकार
अभय की मां एकता अग्रवाल कहती हैं कि मेरा बड़ा बेटा देवांशू अग्रवाल जो वर्तमान में जेएलए यूनिवर्सिटी से बीटेक की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। छोटा बेटा अभय भी होनहार निकला और उसने भी कम उम्र में आईआईटी में प्रवेश पाकर परिवार का नाम रोशन कर दिया है। हमारा सपना था कि बेटे अच्छी पढ़ाई अपनी दम पर करें और वह साकार हो गया।

Source: LiveHindustan

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