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यूपी में बाइक एम्बुलेंस देगी स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई

Image Source: changemakers.com

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April 12, 2016

उत्तर प्रदेश में गलियों में एंबुलेंस न पहुंचने का समाधान अब बाइक एंबुलेंस के जरिये किया जाएगा। यूपी में यह नई तरह की पहल स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देेने वाला साबित हो सकता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 87 मोटरसाइकिल की खरीद के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 33 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पास हुआ। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सेवा अभी लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में शुरू होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की कवायद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के गठन के साथ ही शुरू कर दी थी। पहले ही बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ा मद देकर उन्होंने ये संकेत दे दिया था कि अपने पांच साल के कार्यकाल में वह यूपी को सेहतमंद बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ने वाले है। इसी क्रम में 108 समाजवादी एम्बुलेंस सेवा लाॅन्च की गई, जिससे लभगग 18 लाख 34 हजार लोग लाभांवित हो चुके है। 108 एम्बुलेंस सेवा के तहत वर्तमान में 988 एम्बुलेंस चलाई जा रही हैं। वहीं, यूपी में जितने मेडिकल कॉलेज थे समाजवादी पार्टी की सरकार के प्रयास से वे उससे दोगुने हो हैं। अब बाइक एंबुलेंस से लोगों को त्वरित इलाज की सुविधा मुहैया कराने का बढ़ा काम होने जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने बहुत काम किए हैं लेकिन अब भी गरीबों के लिए बहुत कुछ करना बाकी है।

 190 करोड़ से ई-हॉस्पिटल

एक और बड़ी पहल समाजवादी सरकार करने जा रही है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में 190 करोड़ रुपये से ई-हॉस्पिटल प्रणाली लागू की जाएगी। हाल ही में बने जच्चा-बच्चा अस्पतालों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से जल्द से जल्द चालू कराने पर 97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं में डायबिटीज की समस्या का निराकरण करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा। 18 मंडल मुख्यालयों पर डायबिटीज रोगियों की पहचान व परीक्षण के लिए विशेष क्लीनिक चलेंगे। सभी राजकीय चिकित्सालयों में मुफ्त जांच की व्यवस्था की जाएगी।

टेलीरेडियोलॉजी की पहल

प्रदेश के 30 जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीनें लगेंगी। हर अस्पताल में एक्सरे मशीन लगाकर वहां टेक्नीशियन न उपलब्ध होने की समस्या का समाधान करने के लिए टेलीरेडियोलॉजी प्रणाली की शुरुआत होगी। हीमोफीलिया व थैलीसीमिया मरीजों के लिए 25 जिलों में विशेष उपचार केंद्र बनेंगे। प्रदेश के सभी 157 जिला स्तरीय अस्पतालों में मशीन से सफाई कराने का फैसला हुआ। अब यहां हाथों से पोछा लगाने की व्यवस्था खत्म होगी। यह मैकेनाइज्ड क्लीनिंग सिस्टम लागू करने पर 35 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।

5000 एएनएम की होगी भर्ती

टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में पांच हजार एएनएम की भर्ती की जाएगी। राज्य स्वास्थ्य सोसायटी के शासी निकाय की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 7317 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गयी। टीकाकरण पर जोर देने के परिणामस्वरूप प्रदेश में पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों का प्रतिशत 63 से बढ़कर 69 हो गया है। इसके लिए 33 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव किया गया है। आशा एवं एएनएम को संस्थागत प्रसव बढ़ाने तथा हाईरिस्क प्रेगनेंसी को चिह्नित करने पर इनसेंटिव देने का प्रस्ताव भी किया गया है।

केजीएमयू को 300 करोड़ का तोहफा

इन सभी योजनाओं के साथ ही मुख्यमंत्री ने लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में करीब 300 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किया है। सीएम ने केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग के भवन के विस्तार का शिलान्यास किया। इसके निर्माण पर लगभग 105 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा हो जाने से कार्डियोलॉजी विभाग में 100 बेड की बढ़ोतरी हो जाएगी।

ये उपलब्धियां भी

मुफ्त इलाज, भर्ती शुल्क माफ : समाजवादी सरकार ने प्रदेश में काफी पहले ही सभी मरीजों का भर्ती शुल्क माफ कर दिया है। वहीं, बीपीएल कार्ड धारकों के सभी इलाज और जांच मुफ्त हो रही हैं तो सभी अस्पतालों में तीन दिन की जगह अब मरीजों को पांच दिन की दवाएं दी जा रही है। वहीं, लंबे उपचार वाले मरीजों को 15 दिनों की दवाएं ले सकते हैं। कैंसर, हृदय रोग, किडनी, लीवर के रोग जैसी असाध्य बीमारी वाले मरीजों का मुफ्त इलाज करने का आदेश है। सभी राजकीय अस्पतालों में एक्स-रे की सुविधा मुफ्त कर दी गई है।

पूर्वांचल में मस्तिष्क ज्वर का मुफ्त इलाज : पूर्वांचल में पिछले 35 वर्षों से मस्तिष्क ज्वर महामारी की तरह बना हुआ है। यहां मस्तिष्क ज्वर के उपचार के लिए जिला चिकित्सालयों के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए 500 बेड के नए बाल चिकित्सालय के निर्माण का निर्णय लिया गया है।

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