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तैयार हो जाइये लखनऊ मेट्रो के इनोवेटिव डिजाइन वाले कोच में सफ़र के लिए

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01 December 2016

लखनऊ मेट्रो की खूबियों से आज लखनऊवासी रूबरू हुए। सीएम अखिलेश यादव के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का आज ट्रायल रन शुरू होने के साथ राजधानी के लोगों को जल्द ही इसकी सवारी का लुत्फ़ उठाने का भी मज़ा मिलने वाला है। इसके कोच में बैठने का भी आपको अलग-सा ही आनंद मिलेगा। लखनऊ मेट्रो में शानदार सफ़र के साथ यात्री अवध की विरासत से भी रूबरू हो सकेंगे। स्टील के ग्रे डिब्बों में लाल रंग की पट्टियों वाले इन कोच में भीतर और बाहर लखनऊ की तहजीब और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।

लखनऊ मेट्रो की डिजाइन शहर की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। कोच में अवध के स्थापत्य और चिकनकारी के नमूनों का प्रदर्शन है। मेट्रो के सामने का हिस्सा लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। मेट्रो का बाहरी भाग लखनऊ के अति महत्वपूर्ण ऐतिहासिक भवनों बड़ा इमामबाड़ा, आसिफी मस्जिद और रूमी गेट की तर्ज पर बनाया गया है। बाहर सुनहरे रंग से डिजाइन चिकनकारी कला से प्रेरित है। तो काला रंग हजरतगंज की नई स्थापत्य कला से एकरूपता स्थापित करता है। ट्रेन के ऊपर तक अगल-बगल से जाती हुई लाल रंग की पट्टी  उसकी गति तथा गतिशीलता की भावना को प्रदर्शित करती है।

कोच के भीतर यात्रियों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। लखनऊ मेट्रो को बनाने में सुरक्षा व सज्जा में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। यात्रिओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए 186 सीटें लगाई गई हैं। कोच में दो जोन खासकर दिव्यांगों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर स्पेसेज, दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए ब्रेल स्टिकर्स भी गेट के पास लगाए गए हैं। लखनऊ मेट्रो का संचालन पूरी तरह से ऑटोमेटिक होगा। इसे ड्राईवर नहीं चलाएगा, बल्कि एक ऑपरेटर सिर्फ कण्ट्रोल सिस्टम पर नजर रखने के लिए मौजूद होगा। यानि लखनऊ मेट्रो का सञ्चालन संचालन कंप्यूटर प्रोग्राम और सिग्नलिंग पर आधारित होगी।

लखनऊ मेट्रो के कोच फ्रांस की कंपनी द्वारा चेन्नई में बनाए गए हैं। यह पूरी तरह मेड इन इंडिया है। मेट्रो के कोच की खासियत यह है कि ये डिब्बे स्टील के हैं। यही नहीं इनके दरवाजे चौड़े और खिड़कियां साउंड प्रूफ हैं। यानि बाहर का शोर अन्दर नहीं  सुनाई देगा। लखनऊ मेट्रो को उसकी बेहद ख़ास डिजाइन के लिए पुरस्कृत भी किया जा चुका है। पांचवें वार्षिक मेट्रो रेल समिट 2016 में लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) को बेस्ट मेट्रो फॉर एक्सीलेंस डिज़ाइन्स का अवार्ड दिया जा चुका है। इस पुरस्कार के लिए लखनऊ मेट्रो का जयपुर, मुंबई, एल एंड टी मेट्रो रेल आदि से मुकाबला था। फ़िलहाल लखनऊ में ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन से चलने वाली मेट्रो की एक ट्रेन में चार डिब्बे होंगे और इनमें एक बार में 1100 यात्री अपनी मंजिल तक जा सकेंगे। पूरी लाइन बिछ जाने के बाद मेट्रो लखनऊ में 22 स्टेशनों की दूरी तय करेगी।

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