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दिखने लगा सीएम की कोशिशों का नतीजा, दिसंबर से निखर जाएगी गोमती

April 25, 2016

चार साल पहले तक लखनऊ में गोमती नदी की पहचान उसमें बढ़ रहे प्रदूषण और लगातार जहरीले होते पानी की वजह से बिगड़ती जा रही थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘क्लीन यूपी-ग्रीन यूपी’ अभियान गोमती नदी को को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया तो अब इसके सूरत-ए-हाल भी बदलने लगे हैं। हाल ही में सीएम ने गोमती नदी के सौन्दर्यीकरण से जुड़े सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। गोमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का काम इस साल अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। बात सिर्फ गोमती को स्वच्छ करने ही नहीं है, उसके किनारों को इस कदर संवारा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में गोमती तट टेम्स, बियना जैसे दुनिया के खूबसूरत रिवर फ्रंट में शामिल हो जाएगी।

Image Source: gomtiriverfront.in

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इसके अलावा वृन्दावन में यमुना, अयोध्या में सरयू तथा वाराणसी में वरुणा नदी के सौन्दर्यीकरण का भी खाका तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन स्थानों पर नदियों के सौन्दर्यीकरण कार्य के लिए सैद्धान्तिक सहमति दे दी है। राज्य सरकार गोमती नदी के अलावा सैंगर, अनैया, चन्द्रावल, अखेरी तथा हिण्डन नदियों को भी पुनर्जीवित करने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है, ताकि इन नदियों को इनके प्राकृतिक स्वरूप में लाया जा सके। नदियों का संरक्षण आर्थिक रूप से एक बड़ा काम है, लेकिन इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। समाजवादी सरकार के कार्यकाल में फतेहपुर जनपद में ससुर खदेरी नदी को पुनर्जीवित किया गया है।

कभी दिखती थी गंदी, स्वच्छता और सुंदरीकरण के बाद होगी अहम पर्यटन केंद्र

गोमती नदी जब शहर में प्रवेश करती है तब उनका पानी साफ दिखायी देता है किन्तु जब शहर से बाहर निकलती है, तो पानी काफी प्रदूषित हो जाता है। इसका कारण गोमती में गिरने वाले नाले हैं। इसलिए गोमती नदी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गोमती के अन्दर एक भी नाले का गंदा पानी न गिरने पाये। इस परियोजना क्षेत्र में वाई-फाई की सुविधा, सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ पेडिस्ट्रियन ब्रिज और वॉच टावर का निर्माण भी होगा। रिवरफ्रंट परियोजना में हरियाली, साइकिल ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक, वाटर शो, फाउन्टेन शो जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के कार्यक्रम भी किए जाएंगे। अब तक 12 किमी लम्बी डाईफ्राम वॉल का निर्माण कराया जा चुका है। 09 किमी इण्टर सेप्टर ड्रेन भी बनायी जा चुकी है। गोमती नदी के किनारे हरियाली रहे, इसलिए परियोजना क्षेत्र में 33 प्रजातियों के लगभग 4 हजार पेड़ भी लगाए जाएंगे।

Image Source: georgeherbertshepherdlko.blogspot.in

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गोमती नदी के किनारे बनेगा तांगा ट्रैक

विदेशों की तर्ज पर गोमती रिवर फ्रंट का विकास होगा। इसमें दोनों किनारों पर हरियाली, पार्क, साइकिल व तांगा ट्रैक, घाट व क्रीड़ा स्थल विकसित किए जाएंगे। बोटिंग कराने की भी योजना है। मंगलवार को 656 करोड़ की इस योजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि दो साल में यह काम पूरा हो जाएगा। गोमती के किनारों को इस तरह विकसित किया जाएगा जिससे लखनऊवासी यहां घूम सकें। यहां तांगा भी चलेगा और साइकिल ट्रैक भी होगा। जगह-जगह क्रीड़ा स्थल बनाए जाएंगे। घूमने के लिए वाकिंग ट्रैक भी तैयार किया जाएगा। तीन वर्षों में लखनऊ में बहुत काम हुए हैं। अब शीघ्र ही छह लेन कैनाल रोड भी बनने जा रही है।

गर्मियों में भी नहीं होगी पानी की कमी

गर्मियों में पानी की कमी होने पर अविरल जल उपलब्ध कराने के लिए शारदा नहर को गोमती से जोड़ दिया गया है।  रिवर फ्रंट के साथ ही इसमें पर्यटन के कई स्थल विकसित किए जाएंगे। पर्यटन विभाग से इसके लिए बात चल रही है। भविष्य में इसमें रिवर क्रूज चलाने की योजना है। क्रूज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही लोग इसमें खाने-पीने का भी लुत्फ उठा सकेंगे।

गोमती रिवर फ्रंट होगा सबके लिए खास

गोमती में जारी रिवर फ्रंट डवपलमेंट के तहत हर उम्र के नागरिकों के लिए आकर्षण के स्थल विकसित किए जा रहे हैं। इनमें खेलों से लेकर योग और नदी से लेकर जंगल तक से जुड़े आकर्षण तैयार किए जा रहे हैं। ला-मार्टीनियर के किनारे करीब 300 कारों को पार्क करने के लिए पार्किँग बनाई जा रही है, जहां नागरिक अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। नदी और नागरिकों को जोड़ने व पक्षियों को बसाने के लिए वेटलैंड तैयार की जा रही है। पार्क में हरियाली देने के लिए लॉन तैयार किए जा रहे हैं। यहां खरीदारी के लिए प्लॉजा के रूप में स्थान उपलब्ध होंगे। नागरिकों को बैठने और समय काटने के लिए मल्टी परपज कोर्ट बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं छोटे बच्चों को खेलने के लिए उनकी रुचि के उपकरण यहां लगाने की तैयारी है।

बेहद खास होगा गोमती का किनारा

गोमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत गोमती के किनारे विभिन्न प्रजातियों के फूल उगाए जाएंगे। वाटर और लाइट से इस रात में बेहद आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी हैं। इसके अलावा घाटों को नौकायन के लिए विकसित किया जाएगा तो पक्षियों और मछलियों का भी संरक्षण होगा। यहां खुले आकास के नीचे एंपीथियेटर खोलकर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। फूट कोर्ट व हाट खोलकर लखनऊ की वस्तुओं को खुले बाजार में बेचने के लिए कारीगरों व खानपान बनाने वालों को स्थान दिया जाएगा।

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