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कम लागत, शानदार गुणवत्ता और रिकॉर्ड समय से तैयार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का भव्य शुभारम्भ

 

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21 November 2016
देश के सबसे लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का आज शानदार शुभारंभ हो गया। कार्यक्रम को भव्य बनाने और अखिलेश सरकार की इस उपलब्धि का यादगार बनाने के लिए वहां एयर शो का आयोजन किया गया। इस एक्सप्रेस की गुणवत्ता का अंदाजा भी इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आपात स्थिति में वायुसेना के फाइटर विमान भी लैंडिंग और टेकऑफ कर सकते हैं। दरअसल इस एक्सप्रेस वे पर देश के पहले एयर स्ट्रिप का निर्माण किया गया है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। 302 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को रिकॉर्ड समय में यानी मात्र 22 महीने में पूरा किया गया है। इसके अलावा भी इस एक्सप्रेस-वे से कई खासियत जुड़ी हुई हैं।

यह एक्सप्रेस-वे आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर, उन्नाव और लखनऊ को जोड़ती है। लखनऊ के आगे अखिलेश सरकार समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण कर रही है। दूसरी ओर आगरा में यह एक्सप्रेस वे यमुना एक्सप्रेस वे से जुड़ी है। इस तरह यूपी के एक कोने में हुए विकास का असर अब पूरे प्रदेश में होगा। अखिलेश सरकार में प्रगति की ओर उत्तरोत्तर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस फिर पूर्वांचल एक्सप्रेस के निर्माण होने से विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। दरअसल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस के निर्माण में उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का खासतौर पर ख्याल रखा गया है। इस एक्सप्रेस वे से आगरा से लखनऊ की दूरी तय करने में मात्र तीन से चार घंटे ही लगेंगे।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का काम रिकॉर्ड समय दो वर्ष से भी कम समय में पूरा हुआ। इतने कम समय में अब तक किसी भी सरकार ने इतनी तेजी से विकास नहीं किया है। वहीं काफी कम लागत में गुणवत्तापूर्ण निर्माण हुआ है। 110 मीटर चैड़ा यह एक्सप्रेस वे छह लेन का है, जिस बढ़ाकर आठ लेन तक किया जा सकता है। हर 100 किलोमीटर पर सड़क के दोनों ओर जनसुविधा केंद्रों का निर्माण किया गया है। यहीं नहीं, एक्सप्रेस-वे के रास्ते में नदियां-गंगा, यमुना, इसान, सई और कल्याणी को भी पार करेगी। इन्हें पार करने के लिए एक्सप्रेस वे पर 13 बड़े पुल बनाए गए है। इसके अलावा निर्बाध यातायात के लिए और 52 छोटे पुल और चार आरओबी भी बनाए गए हैं। सड़क पर आवाजाही में कोई रुकावट न हो इसका विशेष ध्यान रखते हुए 132 फुट ओवरब्रिज और गांव व कस्बों की सुविधा के लिए 59 अंडरपास दिए गए हैं।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस परियोजना की खास बात ये है कि 10 जिलों के 232 गांवों में लगभग 3500 हेक्टेयर भूमि 30 हजार 456 किसानों से आपसी सहमति से बिना किसी विवाद के खरीदी गई है। इस एक्सप्रेस-वे के किनारे जनपद मैनपुरी और कन्नौज में अति विशिष्ट मंडियों की स्थापना की जा रही है। साथ ही स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और फिल्म सिटी की भी स्थापना एक्सप्रेस-वे किनारे प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे के बन जाने से तमाम उद्योगों जैसे-कृषि, हैंडीक्राफ्ट, पर्यटन और दुग्ध उद्योग का विकास होगा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट को विकसित करने के लिए लगभग पांच लाख पौधे लगाए जा रहे हैं।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी ध्यान रखा गया है। इसी क्रम में इसके किनारे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शिक्षण संस्थान, चिकित्सा संस्थान, नई सेटेलाइट सिटी/स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से यूपी की तरक्की में नया आयाम जुड़ने जा रहा है। 3500 हेक्टेयर में विकसित इस एक्सप्रेस वे से 10 जिले – आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई और लखनऊ जुड़े हैं। इसस इन जिलों का विकास का सीधा लाभ मिलेगा। एक्सप्रेस वे जुड़े 232 गांवों को खासकर फायदा होगा। इससे 50 लाख आबादी लाभान्वित होगी। दरअसल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से कृषि, उद्योग और व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी, क्योंकि इसके किनारे पर हथकरघा उद्योग के लिए केंद्र, खाद्य प्रसंस्करण, किसान मंडी, कोल्ड स्टोरेज, दुग्ध उद्योग और गोदामों का निर्माण किया जा रहा है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे को उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली से लैस किया गया है। यह लखनऊ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच फास्टेस्ट कॉरिडोर होगा। इससे एक क्षेत्र में हो रही प्रगति को लाभ मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों को मिलेगा। इस एक्सप्रेस वे से कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी, क्योंकि यूपी का यह प्रगति पथ सुविधाओं से लैस है। इससे उद्योग और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा तो मंडियों से किसानों को उनकी उपज के लिए बड़ा बाजार भी मिलेगा। देश की राजधानी नई दिल्ली और प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच यातायात अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सुविधाजनक और त्वरित हो जाएगा। इससे आगरा और लखनऊ के मार्फत दिल्ली से बलिया विकास की बयार बहेगी। सही मायने में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश का प्रगति पथ बनकर उन्नति के नए आयाम स्थापित करेगा।
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