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अलीगढ़ जेल में जलने लगी शिक्षा की अखंड ज्योति, बनी उत्तर प्रदेश की पहली पूर्ण साक्षर जेल

जेल के दो बैरकों में रोजाना दो घंटे सुबह दो घंटे शाम क्लास भी चलती है। photo_ bhadas4police.com

जेल के दो बैरकों में रोजाना दो घंटे सुबह दो घंटे शाम क्लास भी चलती है। photo_ bhadas4police.com

May 11, 2016

कानून में जेल भेजने का मकसद सिर्फ सजा नहीं, बल्कि सुधार भी होता है। यह बात कही तो जाती है सभी राज्यों में पर अमल में लाई जा रही है उत्तर प्रदेश में। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ आजकल इसलिए सुर्खियां बटोर रहा है कि वहां कभी जो हाथ जुर्म के लिए उठते थे, अब उन्हीं में कलम-किताब दिखाई पड़ रही है। आजकल अलीगढ़ जिला कारागार का नजारा कुछ ऐसा ही है। यहां बंदी जुर्म की दास्तानं से ज्यादा क… ख… ग… के ककहरे पर ध्यान लगा रहे हैं। नतीजतन, तकरीबन 1861 बंदी निरक्षर से साक्षर हो चुके हैं। इनमें किशोर और महिलाओं की दिलचस्पी भी देखने लायक है, जबकि यह फेहरिस्त बढाने में जेल प्रशासन भी कमर कसे है।

मेहनत रंग लाती है। इसका सटीक और ताजा उदाहरण अलीगढ़ जिला कारागार में सामने आया है। जिला जेल में दो साल से साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। अभी वहां की कारागार में 2980 बंदी हैं। जेल प्रशासन ने निरक्षरों को चिह्नित किया तो उनकी तादाद भी काफी ज्यादा थी। पढ़ने के लिए प्रेरित किया तो शुरुआत में रफ्तार धीमी रही, जबकि धीरे-धीरे शिक्षा की ज्योति चटख होती गई।

वर्ष 2015-16 में 1468 बंदियों को किया साक्षर

जेल प्रशासन के मुताबिक, वर्ष 2015-16 में 1468 बंदियों साक्षर किया गया। इनके अतिरिक्त करीब 264 किशोर बंदियों की पढ़ाई पूरी कराई गई, जबकि 129 महिला बंदियों ने भी कलम-किताब में दिलचस्पी दिखाई। इन बंदियों में 36 ने हाईस्कूल और 48 ने इंटर की परीक्षाएं दीं। वहीं इग्नू सेंटर की दूरस्थ शिक्षा से 455 बंदियों ने बीपीपी (बैचलर प्रिपरेटरी प्रोग्राम) का कोर्स किया।

पढ़े-लिखे बंदी बने ‘शिक्षामित्र’

जेल में कैदियों के मनोरंजन का भी ख्याल रख गया है। photo_ bhadas4police.com

जेल में कैदियों के मनोरंजन का भी ख्याल रख गया है। photo_ bhadas4police.com

जेल में नए बंदी के आते ही सबसे पहले यह जानकारी की जाती है कि उसकी तालीम कितनी है? जेल अधीक्षक के मुताबिक, योग्यतानुसार उसे शिक्षित करने की दिशा में ध्यान दिया जाता है, जबकि शिक्षित बंदियों को शिक्षामित्र का काम सौंपा जाता है। इसके लिए जेल की तरफ से नियत भुगतान भी किया जाता है। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा बताते हैं कि जिला कारागार पूर्ण रूप से साक्षर बन गया है। हालांकि अभी प्रदेशस्तर पर रैंकिंग नहीं हुई है, लेकिन शासन को करीब दो हजार बंदियों को साक्षर किए जाने की रिपोर्ट भेज दी गई है। खून के आरोप में जेल में बंद एक प्रोफेसर और नौ इंजीनियर स्नातक मिलकर दूसरे कैदियों को पढ़ा रहे हैं।

कम्प्यूटर चलाना भी सीख गए हैं बंदी

अलीगढ़ जिला जेल उत्तर प्रदेश की पहली जेल बन गई है जहां के सभी कैदी साक्षर हैं। इस जेल में कैदियों को साक्षरता मिशन कार्यक्रम के तहत पढ़या जा रहा है। जेल के करीब 22 कैदी कार्यक्रम के तहत कंप्यूटर भी चलाना सीख गए हैं। खून के आरोप में जेल में बंद एक प्रोफेसर और नौ इंजीनियर स्नातक मिलकर दूसरे कैदियों को पढ़ा रहे हैं। जेल के दो बैरकों में रोजाना दो घंटे सुबह दो घंटे शाम क्लास भी चलती है। जेल अधीक्षक विरेश राज शर्मा ने कहा, ”हमारे प्रयासों के चलते जेल के सभी कैदी साक्षर हो गए हैं। जिन कैदियों को बीच में ही अपनी पढ़ाई किसी कारणवश छोड़नी पड़ती है हम उन्हें अलग से सुविधा देते हैं।” जेल में कंप्यूटर शिक्षा के लिए 19 कंप्यूटर हैं।

क्षमता से तीन गुना ज्यादा कैदी, फिर भी सुधार जोरों पर

जेल में कैदियों को सेहत सँवारने के लिए जिम भी खोल गया है। photo_ bhadas4police.com

जेल में कैदियों को सेहत सँवारने के लिए जिम भी खोल गया है। photo_ bhadas4police.com

कैदी जिस समय जेल में आते हैं तभी उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर उन्हें बांट दिया जाता है। इस जेल में 804 कैदियों की क्षमता है लेकिन जेल में क्षमता से तीन गुना ज्यादा कैदी है। अलीगढ़ के 55 वर्षीय अब्दुल कबीर दो महीने पहले खून के इल्जाम में जेल आए थे। कबीर इरान के एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे। कबीर पर अपनी नौकरानी के खून का इल्जाम है। उनके बेटे भी इसी केस के सिलसिले में इसी जेल में बंद है। कबीर कैदियों के लिए चलाई जा रही क्लास को पढ़ाते हैं। जेल में बंद नौ इंजीनियर स्नातक पर दहेज, हत्या का प्रयास जैसे आरोप हैं।

450 कैदी दे रहे स्नातक की परीक्षा

कैदियों के मनोरंजन के साथ उन्हें देश दुनिया की घटनाक्रम से जोड़ने के लिए टीवी के भी इंतज़ाम हैं। photo_ bhadas4police.com

कैदियों के मनोरंजन के साथ उन्हें देश दुनिया की घटनाक्रम से जोड़ने के लिए टीवी के भी इंतज़ाम हैं। photo_ bhadas4police.com

जेल में बंद 8 ग्रेजुएट, तीन पोस्टग्रेजुएट के अलावा जेल के अधिकारी भी शैक्षिक कार्यक्रम में भाग लेते हैं।  जेल अधिक्षक का कहना है कि क्लास के लिए आवश्यक चीजें कैदी को लिए बनाए गए वैलफेयर फंड और एनजीओ की सहायता से उपलब्ध हो जाती हैं। इस कार्यक्रम के कारण 260 कैदियों ने फिर से अपनी शिक्षा शुरू कर दी है। वहीं 36 कैदी हाई स्कूल की परीक्षा में बैठे हैं और 48 कैदियों ने इंटर के एग्जाम दिए हैं। 450 कैदी इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से स्नातक की परीक्षा दे रहे हैं।

कई मायनों में खास है यह जेल

बन्दियों के लिए गर्मी में ठंडे पानी की व्यवस्था के लिए बड़े-बड़े वाटर कूलर लगाए गए हैं। photo_ bhadas4police.com

बन्दियों के लिए गर्मी में ठंडे पानी की व्यवस्था के लिए बड़े-बड़े वाटर कूलर लगाए गए हैं। photo_ bhadas4police.com

अलीगढ़ की जिला जेल की और भी खासियत है। जेल में अभूतपूर्व सुधार कार्य कराए गए हैं। जेल में बन्दियों के लिए एक बेहतरीन हेल्थ क्लब बनवाया गया है। उन सारी मशीनों का निर्माण बन्दियों ने खुद किया है। इसके अलावा जिला जेल को दो हिस्सों में बांटा गया है। दोनो हिस्सों में बन्दियों के लिए गर्मी में ठंडे पानी की व्यवस्था के लिए बड़े-बड़े वाटर कूलर लगाए गए हैं। प्रत्येक बैरक में रंगीन टीवी व केबल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सुबह-शाम बैरकों में सीडी के माध्यम से संगीत की भी व्यवस्था की जाती है। नवरात्रों पर माता रानी के भजन सुनाये जाते हैं।

दीवारों पर सुन्दर पेंटिंग, लाइब्रेरी की भी व्यवस्था

हर बैरक की दीवारों पर बंदियों ने खुद सुंदर-सुंदर पेंटिंग बनाई है। इससे जेल के माहौल में भी सुधार हो रहा है। photo_ bhadas4police.com

हर बैरक की दीवारों पर बंदियों ने खुद सुंदर-सुंदर पेंटिंग बनाई है। इससे जेल के माहौल में भी सुधार हो रहा है। photo_ bhadas4police.com

 

प्रत्येक बैरक की दीवारों पर सुन्दर सुन्दर पेंटिंग की गई है, जिन्हें बन्दियों ने स्वयं किया है। बन्दियों के लिए जेल में विभिन्न प्रकार के खेल खेलने की भी सुविधा है। नवरात्रों पर तो जेल में विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था है। व्रत रखने वाल बन्दियों को फलाहार में दो केले, 250 ग्राम दूध, आधा किलो उबले आलू, 100 ग्राम चीनी प्रति बन्दी को शाम को उपवास खोलते समय दिए जाते हैं। इसके अलावा जेल में लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। जिसमें कैदी अपनी मनपसन्द किताबें मनोरंजन व ज्ञान की किताबें पढ़कर अपना समय व्यतीत करते हैं।

 

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