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आंकड़ों के खेल से यूपी को बदनाम करने की साजिश

 

bulandshahr

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04 August, 2016

उत्तर प्रदेश में चुनावी चौरस अपने पक्ष में बिछाने की राजनीतिक दलों में होड़ मची हुई है। कोई जाति-धर्म के समीकरण गढ़ रहा है तो कोई आंकड़ों की बाजीगरी में जनता को उलझाने की जुगत लगा रहा है। तो कोई विकास से यूपी में बदलाव लाने की बात कह कर जनता को अपने पक्ष में खींचने की कोशिश कर रहा है। कभी धर्म के नाम पर लोगों को तोड़ने की कोशिश, कभी महिलाओं का अपनाम-अपशब्दों की सियासत तो कभी अपराध विशेष के बहाने पूरे उत्तर प्रदेश को बदनाम करने की चालें चली जा रही हैं। कुछ आंकड़ों को दिखाकर और कई आंकड़ों को छिपाकर घटनाओं का प्रोजेक्शन इस तरह किया जा रहा है कि पूरे देश के अपराध उत्तर प्रदेश में ही हो रहे हों। क्या यह उन सियासतदानों की चाल नहीं है जो अरसे बाद विकास की राह पर बढ़ रहे उत्तर प्रदेश में भय का माहौल तैयार कर सत्ता की चाभी अपने हाथ में पाने की फिराक में हैं।

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Source_ http://ncrb.nic.in

वैसे इस लेख के संबंध में सबसे पहले एक बात स्पष्ट करना जरूरी है कि अपराध चाहे छोटा हो या बड़ा, उसे किसी तर्क, कोण और धारण के आधार पर न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता है। अपराध करने वालों को निश्चित तौर पर सजा होनी चाहिए और अपराध पर अंकुश लगना ही चाहिए। लेकिन घटना विशेष को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश को बदनाम करने का जो कुचक्र चल रहा है निश्चित तौर पर उसे तोड़ने की जरूरत है। जिस नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देकर इन दिनों हो-हल्ला मचाया जा रहा है उसी रिपोर्ट के अनुसार रेप के मामले में देश का सबसे बदनाम राज्य मध्य प्रदेश है और यह राज्य पिछले पांच वर्षों से इस बदनाम आंकड़े के साथ पूरे देश में सबसे आगे है। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा रेप के मामले में पहले तीन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। ऐसे में साफ है कि आंकड़ों को गलत तरीके से पेश कर उत्तर प्रदेश को बदनाम करने साजिश रची जा रही है।

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हत्या, लूट, रेप और रेप के प्रयास के मामलों सहित गंभीर अपराधों की बात करें पूरे देश में यह बढ़ा है। 2013 में गंभीर अपराध के 11.3 प्रतिशत मामले दर्ज हुए थे जो बढ़कर 2014 में 11.6 प्रतिशत हो गए। वहीं 2014 के दौरान अकेले महिला अपराध कुल गंभीर अपराधों का 12.4 प्रतिशत था। जबकि 2010 में यह 9.2 प्रतिशत, 2011 में 9.4 प्रतिशत, 2012 में यह आंकड़ा कुछ गिराकर 9.1 प्रतिशत हो गया फिर 2013 में 11.2 और 2014 में 12.4 प्रतिशत हो गया। राज्यों को लेकर जब गंभीर अपराधों की विश्लेषण करते हैं तो पता चलता है कि 2014 में दिल्ली में क्राइम रेट पूरे देश में सबसे ज्यादा रहा। यहां गंभीर अपराधों की दर 92.5 रही, जबकि इसके बाद असम 45.9 और अरूणांचल प्रदेश 40.6 का स्थान रहा। इन राज्यों के बाद सिक्किम 37.6 और हरियाणा 37 का स्थान रहा।

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रेप की बात करें तो 2014 में पूरे देश में 36735 मामले सामने आए। 2004 से लेकर 2014 तक देश में रेप के मामले 101.5 प्रतिशत बढ़े है। 2009 से 2013 तक आंकड़ों पर गौर करें तो भी रेप की घटनाओं में 45.3 से ज्यादा वृद्धि देखी गई है। वहीं सबसे ज्यादा मामले में मध्य प्रदेश में सामने आए है। अकेले मध्यप्रदेश में 5076 मामले दर्ज किए गए जो पूरे देश में हुए रेप का 13.8 प्रतिशत था। इसके बाद राजस्थान का स्थान रहा। यहां रेप के 3759 मामले सामने आए जो देश का 10.2 प्रतिशत था। रेप को लेकर क्राइम रेट सबसे ज्यादा दिल्ली में रहा। यहां प्रति एक लाख महिला आबादी पर क्राइम रेट 23.7 प्रतिशत रहा है। इसके बाद मिजोरम में 23.2 प्रतिशत क्राइम रेट रहा। रेप के प्रयास के 4234 मामले पूरे देश में सामने आए। इसमें पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 1656 मामले उजागर हुए जो पूरे देश का 39.1 प्रतिशत था।

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ये वो आंकड़ें हैं जो नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की ओर से जारी किए गए है। इनमें उत्तर प्रदेश तो कहीं शीर्ष पर नहीं दिखता है। ऐसे में ये कहना कि उत्तर प्रदेश सुरक्षित नहीं है, उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय नहीं तो और क्या है? कुछ वर्ष पहले आजमगढ़ में आंतकवादी होने के शक में कुछ युवकों के गिरफ्तार होने के बाद आजगमढ़ को आतंकवाद का कारखाना कह कर बदनाम करने की साजिश रची गई थी। क्या ऐसी ही साजिश अब पूरे उत्तर प्रदेश को लेकर नहीं रची जा रही है? सवाल गंभीर हैं। यह और भी गंभीर इसलिए हो जाता है कि पिछले चार वर्षों से पुलिस सिस्टम को बेहतर बनाने की यहां बेहद ठोस काम हुए हैं। महिलाओं को सुरक्षा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश की वीमेन पावर लाइन 1090 देश की एकमात्र ऐसी एजेंसी है जिसके ठोस और सकारात्मक परिणामों की देश भर में सराहना हो रही है। ऐसे में क्या उत्तर प्रदेश को घटना विशेष के कारण बदनाम करना न्योयोचित होगा?

 

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1 Comment

  • Ram babu jha says:

    Election najdeek hone ke Karan bipachhi dal hr mamle ko jyada se jyada tool dekar fayida uthane ki koshis kr rha hai. ..akhilesh yadav ji pradesh ke liye bhut kaam kr rhe hai. Jo dushro ko hajam nhi ho rha……….

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