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मां और हर महिला के प्रति आदर का आईना हैं सीएम की महिला सशक्तिकरण योजनाएं

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देवी पुरस्कारों के विजेताओं के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और न्यू इंडियन एक्सप्रेस संपादकीय निदेशक प्रभु चावला के साथ – newindianexpress

May 09, 2016

मदर्स डे, दुनिया भर में मां के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति को जताने का एक सुनहरा मौका होता है। पर क्या मां के योगदान को शब्दों में बताया जा सकता है, क्या हमारे या किसी भी व्यक्ति के जीवन में मां के योगदान का मूल्यांकन या तुलना की जा सकती है। बेशक इसका जवाब ना है। इस के बावजूद कुछ बातें समाज में अपनी छाप छोड़ जाती हैं। जी हां बात हो रही है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की। उन्हें करीब से जानने वाले मीडिया जगत के लोग बताते हैं कि अखिलेश के हृदय में उनकी मां के लिए किस कदर श्रद्धा रही है। मां के प्रति उनका यह प्रेम बतौर मुख्यमंत्री महिलाओं के लिए चलाई जा रही उनकी सरकार की योजनाओं में दिखता है। दरअसल मुख्यमंत्री ने यूपी में मां केंद्रित योजनाओं को प्राथमिकता दी है। समाजवादी पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना हो या समाजवादी श्रवण यात्रा अखिलेश सरकार के इन तोहफों ने राजधानी से सुदूर बैठी मां के चेहरे पर चमक और ओठों पर मुस्कान बिखेरने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने श्री कैलाश मानसरोवर यात्रियों को 50-50 हजार रुपये के अनुदान का चेक वितरित करते हुए - CM Office, GoUP ‏@CMOfficeUP

मुख्यमंत्री ने श्री कैलाश मानसरोवर यात्रियों को 50-50 हजार रुपये के अनुदान का चेक वितरित करते हुए – CM Office, GoUP ‏@CMOfficeUP

समाजवादी पेंशन योजना में परिवार की महिला मुखिया के खाते में सीधे पैसा देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया। समाजवादी श्रवण यात्रा में परिवार के बुर्जुग माता-पिता जो अभी तक आर्थिक संसाधनों की तंगी के कारण तीर्थ यात्रा के लिए मन मसोस कर रह गए थे, उनको सरकारी खर्चे पर तीर्थ यात्रा करा कर उनके जीवन को सार्थक कर दिया। यूपी जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश की विनम्रता और संवेदनात्मक पहलुओं को कोई चुनौती नहीं दे सकता। आजतक उनकी विनम्रता, सहजता और सहनशीलता को लेकर कोई सवाल नहीं उठा तो निश्चित ही इसके पीछे उनकी मां का बड़ा योगदान रहा होगा।

भगवान ने अखिलेश को बेटा बनाकर भेज दिया

patrika.com

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हाल का एक वकाया  है। शिरडी और शनि शिंगणापुर के दर्शन करके लौटी एक 65 साल की बुजुर्ग महिला से जब बात की गई तो उनकी आंखों से आंसू छलक उठे। यह उनके लिए खुशी का मौका था। इस बुजुर्ग महिला का शिरडी दर्शन करने की बहुत पहले से ही इच्छा थी, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन और आर्थिक तंगी की वजह से वो अपना यह सपना पूरा नहीं कर पा रहीं थी। एक महीने पहले जब उन्हें पता चला कि बेटे बहू भी शिरडी घूमने की तैयारी कर रहे हैं तो उन्हें खुशी का अहसास हुआ। उन्हें लगा शायद उनकी बरसों पुरानी शिरडी घूमने की मन्नत अब पूरी हो जाएगी। लेकिन उनकी उम्मीदों को तब झटका लगा जब उनके बेटा-बहू उन्हें साथ लिए बिना ही शिरडी घूमने चले गए। उनके इस दर्द को समझा पड़ोस में रहने वाली अंकिता नाम की एक युवती ने। अंकिता ने ‘समाजवादी श्रवण यात्रा’ में उनका नामांकन करा दिया। फिर क्या था शानदार आवभगत के साथ उनका चारबाग रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया गया। फिर एक स्पेशल ट्रेन में पूरे वीआईपी इंतजामों के साथ उन्हें शिरडी सहित अनेक तीर्थस्थानों की यात्रा कराई गई। अखिलेश ने एक बेटे से बढ़कर किया काम सफर के बारे में पूछने पर वो भावुक होते हुए बताती हैं कि उन्होंने अपने जीवन में इतना शानदार सफर पहले कभी नहीं किया। पहली बार इतना अच्छा खाना मिला, घूमना फिरना मिला। बेटे से ज्यादा किया अखिलेश यादव ने। अपने बेटा-बहू शिरडी चले गए लेकिन हमें नहीं ले गए, उस दिन हम बहुत रोए थे, बहुत इच्छा थी जाने की। भगवान ने अखिलेश को बेटा बनाकर भेज दिया तो अखिलेश मेरे लिए श्रवण कुमार से कम नहीं।

आशा की किरण आशा ज्योति केंद्र

बरेली से स्थापित आशा केंद्र - amarujala

बरेली से स्थापित आशा केंद्र – amarujala

यूपी में महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए सरकार महिला सशक्तिकरण मिशन के तहत सभी योजनाओं को केन्द्रीकृत रुप देने जा रही है। महिला सशक्तिकरण के तहत राज्य सरकार महिलाओं से संबंधित बहुत सी योजनाओं को केंद्रीकृत रूप देने की घोषणा कर चुकी है। 25 फरवरी को सरकार प्रथम चरण में  11 जिलों- आगरा, बरेली, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कानपुर, कन्नौज, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर और वाराणसी में ‘आशा ज्योति केंद्र’ स्थापित करने की घोषणा कर चुकी है। इन आशा ज्योति केंद्र को महिला सशक्तिकरण के लिए ब्राण्ड नेम के रूप में विकसित किया जा रहा है।

महिलाओं को एक छत के नीचे सभी विभागों की सुविधाएं एक साथ मिल रही है। इन केंद्रों में पुलिस व कानूनी मदद से लेकर चिकित्सा सुविधा तक देने की व्यवस्था की गई है। बैकिंग सुविधा व प्रशिक्षण हब भी यहां स्थापित किए गए है। यह केंद्र सभी जिलों के मेडिकल कॉलेज में खोले जा रहे है।  इन केंद्रों में बलात्कार की शिकार महिला को कानूनी मदद से लेकर चिकित्सीय मदद तक प्रदान की जाएगी। केंद्र में ही पीड़िता की पुलिस में प्राथमिकी लिख जाएगी। कानूनी सहायता दिलाने के लिए अच्छे अधिवक्ता भी यहां उपलब्ध रहेंगे। पीड़िता को मनोवैज्ञानिक सलाह भी इन केंद्रों में प्रदान की जाएगी। केंद्र के संचालन में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की भी मदद ली जाएगी। आशा ज्योति केन्द्रों पर हेल्पलाइन सेवाएं (1090 वूमेन पावर लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 108 समाजवादी स्वास्थ्य सेवा) आपस में जुड़ी रहेंगी तथा केन्द्र का प्रशासक सम्बन्धित विभागों की सेवाओं में तालमेल रखेगा।

मान, अभिमान का महिला सम्मान कोष

mahila samman prakoshth

राज्य सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष की स्थापना की है। लड़कियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए जहां सरकार रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार दे रही है, वहीं लड़कियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ‘हमारी बेटी-उसका कल योजना और बालिकाओं को कन्या विद्याधन भी उपलब्ध करा रही है, जिससे लड़कियां अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसके पहले सरकार आशीर्वाद योजना के तहत छात्राओं को 20-20 हजार रुपये की एफडी व साइकिल बांट चुकी है।

नई तकनीकी से कदमताल

वाराणसी में एक समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लैपटॉप प्राप्त करने के बाद उत्साहित छात्राएं - english.pradesh18

वाराणसी में एक समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लैपटॉप प्राप्त करने के बाद उत्साहित छात्राएं – english.pradesh18

प्रदेश सरकार की ओर से जो 15 लाख नि:शुल्क लैपटॉप बांटे गये हैं, उसमें बड़ी संख्या में लैपटॉप छात्राओं को दिया गया है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार समाजवादी पेंशन योजना के तहत परिवार की महिला मुखिया के खाते में हर महीने सीधे 500 रुपये की सहायता मुहैया करायी जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में ऐसे ही 55 लाख गरीब परिवारों को समाजवादी पेंशन मिलने जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में इसे राज्य सरकार का एक गंभीर प्रयास माना जा रहा है।

सहज हुईं एंबुलेंस सेवाएं

राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने और वापस लाने के लिए ‘102’ और इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 नेशनल एम्बुलेंस सर्विस उपलब्ध करा रही है। ग्रामीण क्षेत्र से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में 102 एम्बुलेंस महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है, इससे महिलाओं के इलाज में काफी मदद मिल रही है। इसी तरह राज्य सरकार प्रतिवर्ष महिलाओं को यश भारती तथा रानी लक्ष्मीबाई वीरता सम्मान से सम्मानित कर रही है।

वूमन पॉवर लाइन 1090 ने किया कमाल

woman power line - 1090up.in

woman power line – 1090up.in

राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्थापित 1090 वूमन पॉवर लाइन महिला उत्पीड़न रोकने में काफी मददगार साबित हो रही है, इससे महिला उत्पीड़न के करीब पांच लाख मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुएसरकार जहां महिला थानों की संख्या बढ़ाने में जुटी है वहीं आने वाले दिनों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, समेत प्रमुख शहरों में सड़कों के किनारे वाशरूम स्थापित करने पर भी विचार कर रही है।

अब कोख में दम न तोड़ेगी बेटी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पत्नी और सांसद डिंपल यादव महिला सशक्तिकरण के एक कार्यक्रम में - thehindu

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पत्नी और सांसद डिंपल यादव महिला सशक्तिकरण के एक कार्यक्रम में – thehindu

कन्या भ्रूण हत्या पर राज्य सरकार का रवैया पहले से ही सख्त है। इस मामले में सरकारी और निजी अस्पतालों को पहले से ही चेतावनी दी जा चुकी है। इस मामले में विभिन्न जिलों में दो दर्जन से ज्यादा अस्पतालों पर राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए नर्सिग होम्स के लाइसेंस निरस्त भी किये हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि जिन अस्पतालों में कन्या भ्रूण हत्या की शिकायतें मिलें उनसे मौजूदा नियम-कानूनों के तहत कठोरता से निपटा जाये।

 

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