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बुनकरों की बेहतरी संग हथकरघा को नया जीवन दे रहे सीएम अखिलेश

यूपी में समाजवादी हथकरघा बुनकर पेंशन योजना शुरू, बुजुर्ग बुनकरों को हर माह मिलेंगे 500 रुपये

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July 22, 2016

उत्तर प्रदेश कलात्मक विविधताओं को राज्य है। यहां की दस्तकारी अपने साथ ऐतिहासिक विरासत को समेटे हुए है तो उनकी देश ही नहीं विदेशों में भी मांग है। ऐसे में दस्तकारी या हथकरघा उद्योग का प्रदेश की सांस्कृतिक उन्नति के साथ यहां आर्थिक प्रगति में भी विशेष महत्व है। है। इसके अलावा कलात्मक, पारम्परिक वस्तु उत्पादन करने में इस उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर इन उद्योगों को जीवित रखने वाले बुनकरों की स्थिति पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के चलते बिगड़ती गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने   बुनकरों को अन्य व्यवसाय की ओर पलायन से रोकने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु समाजवादी हथकरघा बुनकर पेंशन योजना शुरू की है।

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समाजवादी हथकरघा बुनकरयोजना प्रदेश के समस्त हथकरघा बुनकर परिवारों के लिए संचालित की जा रही है, जो हथकरघा क्षेत्र के उत्पादन में निरन्तर अपना योगदान देते आ रहे हैं। इससे बुनकरों की न सिर्फ आर्थिक स्वावलंबन मिलेगा, बल्कि उनका पुराना गौरव भी लौटेगा। इसी क्रम में उन्होंने समाजवादी बुनकर पेंशन योजना की शुरुआत की है। यहां यह जान लेना भी जरूरी है कि उत्तर प्रदेश में कृषि के बाद हथकरघा उद्योग सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला विकेन्द्रित कुटीर उद्योग है। उत्तर प्रदेश करीब ढाई लाख हथकरघा बुनकर हैं तो 80 हजार से ज्यादा हथकरघे हैं।

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सामाजिक सुरक्षा की देश की सबसे बड़ी योजना समाजवादी पेंशन योजना चलाने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी बुनकर पेंशन योजना को बुनकरों की बेहतरी की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पेंशन से बुनकरों के माली हालत बेहतर होने और उनमें आत्मविश्वास का संचार होने से इसका हथकरघा उद्योग पर सीधे असर पड़ेगा। और इसकी परिणति प्रदेश की आर्थिक प्रगति के रूप में होगा। इस योजना के तहत प्रथम वर्ष में पेंशन के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। योजना के अगले वर्षों में लाभार्थी बुनकरों की संख्या के आधार पर नए सिरे से बजट का प्रावधान किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बजट की राशि बढ़ाई जाएगी।

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अखिलेश सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता बनाने के लिए लाभार्थी बुनकरों के खाते में पेंशन की राशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक परिवार से 60 वर्ष की आयु पूरा कर चुके एक हथकरघा बुनकर को पेंशन योजना का लाभ प्राप्त होगा। पेंशन की धनराशि एक वर्ष में दो बार जून और जनवरी में भेजी जाएगी। पात्रता की विभिन्न शर्तों के साथ शारीरिक तथा दृष्टि विकलांग हथकरघा बुनकर होने की स्थिति में न्यूनतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट भी दी गई है।

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समाजवादी बुनकर पेंशन योजना के अंतर्गत उन बुनकरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो हथकरघा पुरस्कार योजना से पुरस्कृत हो चुके हैं। इसके अलावा सोसाइटी के सदस्य रहे एवं अधिक आयु वाले बुनकरों को प्राथमिकता दी जाएगी। पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जो परिक्षेत्रीय कार्यालयों में प्रस्तुत की जा सकेगी। लाभार्थियों के चयन की भी प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है।

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बुनकरों के कल्याण के लिए अखिलेश सरकार कुछ अच्छी योजनाएं पहले से ही चला रही है। जनेश्वर मिश्र राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना देश बुनकरों को पुरस्कृत करने की योजना शुरू की गई है। इसमें प्रथम पुरस्कार की राशि 50,000 से बढ़ाकर एक लाख, द्वितीय 35,000 से 50,000 रुपये कर दी है। तृतीय पुरस्कार की राशि 25,000 रुपये रखी गई है।

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