Uttar Hamara logo

अपने व्यक्तित्व की चमक बिखेरते सीएम अखिलेश यादव

39b

भारत की इस पावन भूमि पर बहुत से व्यक्तियों ने राजनीति में पदार्पण कर अपने-अपने अस्तित्व को स्थापित करने प्रयास किये हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की धरती भी बड़े-बड़े राजनीतिज्ञों की जननी रही है। उत्तर प्रदेश हमेशा से भारतीय राजनीति का केन्द्र बिंदू रहा है यही कारण है कि बड़े-बड़े महापुरुषों और नेताओं ने इस प्रदेश को अपने कर्म क्षेत्र के रूप में पसन्द किया है।  प्रदेश की राजनीति में बहुत सी विभूतियों ने अपने कौशल से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इसी क्रम में प्रदेश के मौजूदा युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के साथ-साथ देश विदेश में अपने व्यक्तित्व और प्रबन्धन की अभूतपूर्व क्षमता से लोगों को बेहद प्रभावित किया है।

देश के समाजवादी पुरोधाओं में से एक मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव को राजनीति विरासत में मिली है। वो अपने पिता के राजनीतिक और सामाजिक संघर्षों को देख कर पले-बढे है यही कारण है कि राजनीति में आने से पहले ही वो राजनीति के उतार चढ़ाव से भली भांति वाकिफ हो गए थे। करोड़ों युवाओं के आदर्श अखिलेश यादव ने राजनीति के शुरूआती दौर में ही अपनी कार्यशैली और मिलनसार स्वभाव से सबको प्रभावित करना शुरू कर दिया था। परन्तु प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके व्यक्तित्व में और अधिक निखार आया है। उनकी ख्याति प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश में बढ़ी है। आज अखिलेश यादव विकास के पर्याय है। उनकी सरलता और शालीनता ने ना सिर्फ विरोधियों को प्रभावित किया है अपितु करोड़ों युवाओं को अपना दीवाना भी बनाया है। विरोधी भी दबी जुबान से ही सही मगर अखिलेश यादव के विकास और व्यक्तित्व के कायल है।

अखिलेश यादव पर लिखना समुद्र में सीपी खोजने जैसा है। पर उन खास बातों को लिखना जरुरी है जो उन्हें अन्य राजनीतिक लोगों से जुदा करती है।अखिलेश यादव के राजनीतिक व्यक्तित्व का निर्माण उसी समय शुरू हो गया था जब उन्होंने ऐतिहासिक क्षेत्र कन्नौज से अपने राजनीतिक जीवन का आगाज किया था।

सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण अभियान्त्रिकी में स्नातकोत्तर अखिलेश यादव ने अपनी राजनीतिक सम्भावनाओं का आगाज युवावस्था में ही कर दिया था। कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से ही युवाओं में बेहद लोकप्रिय अखिलेश यादव ने 2012 के विधानसभा चुनाव में धमाकेदार शुरुआत कर देश-प्रदेश की राजनीति को हिला कर रख दिया था। यह सही मायने में एक समाजवादी योद्धा का उदय था। 2012 चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को कोई सत्ता के समीप भी नहीं मान रहा था तो बहुत से लोग सपा को कांग्रेस से भी कमतर आँक रहे थे। ऐसे में उनकी कड़ी मेहनत, कुशल रणनीति और चुनावी प्रबंधन ने हताश पार्टी को नंबर एक बनाकर खड़ा कर दिया था। इस चमत्कारिक और रिकॉर्ड जीत का श्रेय सिर्फ सूबे के सबसे कम उम्र के युवा मुख्यमंत्री को जाता है।

39

सरकार बनने के बाद से ही अखिलेश यादव का व्यक्तित्व और अधिक निखरने लगा था। अखिलेश यादव प्रदेश के विकास और परिवर्तन का लक्ष्य लेकर सत्ता में आये थे ना कि बदले की भावना से कार्य करने के लिए, उन्होंने शुरुआत में ही ये संकेत दे दिए थे कि सरकार बदले की भावना से नहीं अपितु विकास की भावना से काम करने को कटिबद्ध है। उन्होंने पूर्व में मायावती सरकार द्वारा निर्मित मूर्ति और स्मारकों को तोड़ने के स्थान पर उनका सदुपयोग करने का निर्णय लिया, उनका ये निर्णय उन्हें महान व्यक्तित्व की श्रेणी में शुमार करता है जो बदले की भावना से नहीं अपितु विकास की भावना से कार्य करते है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही जनता से किये गए वादों को एक-एक करके पूरा करना शुरू कर दिया था जिन्हें पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सम्मलित  किया था। ठीक से आकलन किया जाए तो अखिलेश सरकार देश की एकमात्र सरकार है जिसने जनता से किये गए वादों को अक्षरशः पूरा किया है या कर रहे है।

अखिलेश जी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की सोच लेकर राजनीति में आये है। उनकी शुरू से ही कोशिश रही है कि मतदाताओं की जाति-धर्म और संप्रदाय के आधार पर वोट देने की परपंरागत मानसिकता को बदल कर उसे विकास की तरफ उन्मुख किया जाए। इसके लिए उन्होंने अध्ययन किया और रणनीति बनाई और इसमें वो काफी हद तक सफल भी रहे है। समाजवादी सरकार ने अपने अभी तक के कार्यकाल में विकास को ही केंद्र बिंदू में रख कर कार्य किया है। नतीजन प्रदेश में रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कार्य हुए है।

अखिलेश यादव ने पार्टी की तकनीकी और अंग्रेजी विरोधी छवि को बदल कर पार्टी को आधुनिक कलेवर दिया है। इसी क्रम में सरकार ने लाखों लैपटॉप बाँट कर छात्रों को देश दुनिया से जोड़ने का कार्य किया है। तो वहीँ पार्टी की गुण्डा बदमाश की छवि को बदलने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने बाहुबली डीपी यादव को ठुकराकर चुनाव से पहले ही गुण्डे, बदमाशों को नसीहत दे डाली थी। अपने अभी तक के स्वर्णिम कार्यकाल में वो  पार्टी की छवि सुधारने में काफी हद तक कामयाब भी रहे है।

अखिलेश यादव पूर्णत बेदाग व्यक्तित्व है। जिन पर आज तक किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगा है। वह ऐसे मुख्यमंत्री है जो सर्वगुणों से परिपूर्ण है। वो ना सिर्फ मजबूत चरित्र के धनी है अपितु एक संस्कारी और आज्ञाकारी पुत्र भी है। अखिलेश जी एक शासक की तरह नहीं अपितु एक सेवक की तरह प्रदेश का संचालन कर रहे है, और ये कई मर्तबा साबित भी हो चुका है। वो ना सिर्फ रिश्तों को अहमियत देते है अपितु बुजुर्गों के संस्कार में भी अग्रणी है। प्रदेश के विकास को समर्पित अखिलेश यादव  समुद्र की तरह शान्त, क्षमाशील और दयावान भी है। सरकार के अब तक के कार्यकाल से आप उनके गम्भीर व्यक्तित्व का आकलन कर सकते है जहाँ विरोधी उनके विरुद्ध बयानबाजी और षड्यंत्र रचने में अपना समय जाया करते रहे  है। उधर अखिलेश यादव बेहद शांत होकर विकास कार्यों को गति दे रहे है।

39a

अखिलेश यादव ने विकास के साथ-साथ अपनी सफल दूरदर्शिता का परिचय भी दिया है। उनकी दूरदर्शी नीतियों का ही असर है जो आज प्रदेश विकासशील राज्यों की कतार में खड़ा है। विरोधी मुँह से कुछ भी अफवाह फैलाएं पर आँकड़े उनका मुँह बन्द कर देते है। युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की विकास दर में लगातार इजाफा हुआ है और प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ोतरी हुई है। उनकी दूरदर्शी नीतियों का ही परिणाम है कि प्रदेश में रिकॉर्ड उद्योगिक निवेश बढ़ा है। और छोटे उधमियों को प्रोत्साहन मिला है। इनकी नीतियों ने देश विदेश के बड़े और सफल उद्यमियों को प्रदेश में निवेश करने को आकर्षित किया है। यही कारण है की रतन टाटा जैसे बड़े कारोबारी मुक्त कण्ठ से अखिलेश यादव की नीतियों की सराहना करते नहीं थकते है। पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय अब्दुल कलाम ने भी मुक्त कण्ठ से अखिलेश यादव की नीतियों की तारीफ की थी। प्रदेश में पर्यटन में इजाफा हुआ है, और प्रदेश ने देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी तरफ लुभाया है। राजधानी में बन रही फिल्म सिटी ने बॉलीवुड को प्रदेश में आने को मजबूर किया है। अखिलेश यादव ने फिल्मों को कर मुक्त और सब्सिडी देकर ना सिर्फ कलाकारों को प्रोत्साहित किया है अपितु निर्माताओं का विश्वास भी जीता है। इसलिए आज बॉलीवुड उनका मुरीद है।

प्रदेश सरकार की दूरगामी नीतियों का परिणाम है कि आज प्रदेश दुग्ध उत्पादन में शीर्ष पर है। 2015-16 में यूपी 23.33 मिलियन टन उत्पादन के साथ भारत में पहले नंबर पर रहा है। अखिलेश यादव का कुशल प्रबन्धन भी देश विदेश के शोधकर्ताओं की नजर में चर्चा का केन्द्र बिन्दू रहा है। कुम्भ जैसे विशाल आयोजन की सफलता का अध्ययन विश्व प्रसिद्ध अमरीकी विश्वविद्यालय हॉवर्ड ने किया और इस विशाल आयोजन की सफलता से हतप्रभ विश्वविद्यालय ने उनको सादर आमन्त्रित भी किया था। इसी तरह प्राकृतिक आपदाओं का सफल प्रबन्धन कर उन्होंने किसानों का दिल जीता है। उनके कुशल प्रबन्धन और किसान हितकारी नीतियों का ही परिणाम है जो प्रदेश किसान आत्महत्याओं के मामले में भाजपा शाषित राज्यों से बेहद पीछे है।

बचपन से ही वृक्षारोपण के पक्षधर पर्यावरण प्रेमी अखिलेश यादव ने एक ही दिन में पाँच लाख से अधिक पेड़ लगवाकर अपना नाम गिनीज़ बुक के वर्ल्ड रिकॉर्ड में सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराया था हॉल में ‘कौशल विकास मिशन’ में अहम योगदान देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की शैक्षिक इकाई ‘यूनेस्को’ ने राज्य को ‘बेस्ट स्टेट’ का खिताब दिया है। अखिलेश यादव की सोशल मीडिया पर सक्रियता उनको दुनिया के बेहतरीन नेताओं में शुमार करती है। वो देश के ऐसे मुख्यमंत्री है जो सोशल मीडिया पर सर्वाधिक सक्रीय है। उनकी सोशल मीडिया पर सक्रियता का नतीजा है की सैकड़ों को इस माध्यम से न्याय मिला है तो हजारों पीड़ितों को आर्थिक सहायता मिली है।

प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री ना सिर्फ समाजवाद के भविष्य है अपितु देश और प्रदेश की राजनीति के भविष्य भी है। निसंदेह अखिलेश यादव का कोई विकल्प नही, अखिलेश यादव देश, दुनिया के बेहतरीन नेताओं में से एक है। उन्होंने विकास की नयी परिभाषा रच कर विकास के नए आयाम स्थापित किये है। उनके महान कार्यों को एक दिन इतिहास के सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।

उत्तर हमारा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news