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सीएम अखिलेश ने किसानों को आगे बढ़ाया और तरक्की करने लगा उत्तर प्रदेश

June 13, 2016

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किसानों के विकास के बिना सिर्फ तकनीक और अनुसंधान के बूते कोई देश समृद्ध नहीं हो सकता है।
– अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश

ये वही सोच है जो उत्तर प्रदेश के किसानों को खुशहाल बना रही है। किसानों का कर्ज माफ करने का मामला हो, या फिर 30 वर्षों से प्यासे खेतों तक पानी पहुंचाना, अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के चार वर्षों में ही किसानों की तरक्की का ऐसा खाका तैयार कर दिया है कि अन्नदाता भी प्रदेश के विकास में बढ़-चढकर भाग लेने लगे हैं। उदाहरण सामने है। वर्ष 2012 में जहां प्रदेश में प्रति हेक्टेयर औसत 23.91 कुन्टल उपज प्राप्त की गई, वहीं वर्ष 2015 में प्रति हेक्टेयर औसत उपज 25.11 कुन्टल हुई। इतना ही नहीं पिछले चार साल में कुल बोये गए क्षेत्रफल में वाणिज्यिक फसलों का हिस्सा करीब 258 प्रतिशत बढ़ा। ये उन कार्यक्रमों और नतीजों को बताता है जो पिछले चार साल के दौरान सरकार के प्रयासों से प्राप्त हुए। ऐसे में यह जानना भी रोचक है कि आखिर किसानों के लिए सीएम अखिलेश ने कौन से काम किए।

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समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना को और अधिक लोकप्रिय एवं व्यापक बनाने हेतु पूर्व में लागू योजना में संशोधन किया। इससे प्रदेश के करीब 3 करोड़ परिवारों को लाभ मिलने का रास्ता तैयार हुआ। यहां यह जान लेना भी आवश्यक है कि उत्तर प्रदेश में करीब 3.3 करोड़ किसान हैं। इस योजना का लाभ समाजवादी पेंशन धारकों, बीपीएल कार्ड धारकों और खातेदारों को बिना आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए मिल रहा है। चूंकि इस योजना से सभी खातेदार 75,000 रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवार हैं। इसलिए उनसे निवास प्रमाण-पत्र लिए जाने की पूर्व व्यवस्था को भी बाद में हटा दिया गया।

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दुर्घटना पर इलाज अब बीमा कंपनी की जिम्मेदारी

संशोधित योजना में व्यवस्था की गई है कि बीमित व्यक्ति की प्रदेश में या प्रदेश से बाहर दुर्घटना होने पर फौरी तौर पर नजदीक के किसी भी चिकित्सालय में इलाज पर व्यय का भुगतान अब बीमा कम्पनी करेगी। बीमित व्यक्ति की प्रदेश के बाहर दुर्घटनावश मृत्यु होने पर आश्रितों को तथा बीमित व्यक्ति के विकलांग होने की दशा में उसे योजना का लाभ मिलेगा।

सिचाईं के लिए सौर ऊर्जा आधारित नलकूप

किसानों के सामने पहले सिचाईं पर बिजली का खर्च बड़ी समस्या होती थी। अखिलेश सरकार ने इसका हल सौर ऊर्जा आधारित नलकूपों की स्थापना के माध्यम से निकाला गया। राजकीय नलकूपों तथा लघु डाल नहरों को सौर ऊर्जा एवं ग्रिड ऊर्जा के हाइब्रिड मॉडल से संचालित करने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में ग्रिड संचालित 32,047 राजकीय नलकूपों एवं 249 लघु डाल नहरों के संचालन में आने वाली लो वोल्टेज, फ्लक्चुएशन एवं ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल रही है। इतना ही नहीं, गुणवत्तापूर्ण विद्युत की उपलब्धता न होने के कारण विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा एवं ग्रिड ऊर्जा के हाइब्रिड मॉडल से संचालित करने का अवसर भी मिल रहा है।

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इस परियोजना में नवीनतम तकनीक का प्रयोग करते हुए फोटो वोलेटिक सोलर पैनल्स, सोलर सममसिबल पम्प सेट, सोलर पम्प कण्ट्रोलर, इनवर्टर, फ्लोमीटर, मॉडम, कैमरा एवं नेट ऊर्जा मीटर की स्थापना आदि के कार्य सम्पादित किए जाएंगे। हाइब्रिड सिस्टम से 10 से 12 घण्टे राजकीय नलकूपों एवं लघु डाल नहरों का संचालन की व्यवस्था उपलब्ध होने लगी है।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने विभिन्न जनपदों में हादसों से प्रभावित किसानों की बड़े पैमाने पर मदद की ताकि किसानों के माध्यम से प्रदेश की तरक्की में कोई रुकावट नहीं आए।

 

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