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पूर्वांचल की तस्वीर और तकदीर बदल रहे सीएम अखिलेश

02 March 2017

उत्तर प्रदेश की क्षेत्रवार अगर समझा जाए तो पूर्वांचल प्रदेश का सबसे बड़ा इलाका है। गन्ने की मिठास और लोक संस्कृति की खुशबू यहाँ की सरजमीं में तारी है। सियासत के लिहाज से भी ये इलाका खास रहा है। पूरब के इस इलाकें में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने से पहले विकास का सूरज कम ही उजाला फैलाया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव  ने जहां इस क्षेत्र को विकास की नयी धारा से जोड़ा वहीँ इलाके के कायाकल्प के भी सफलतापूर्वक प्रयास किये हैं।

अखिलेश यादव ने 2012 मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कुछ ही माह बीते थे कि जापान की  संस्था ने कुशीनगर से मैत्रेय प्रोजेक्ट बिहार के गया में ले जाने का ऐलान कर दिया। दरअसल पिछली सरकारों के इस प्रोजेक्ट में कम दिलचस्पी लेने और स्थानीय भाजपा नेता के अडंगा डालने से संस्था ने दूसरे राज्य में प्रोजेक्ट लगाने का मन बना लिया था, लेकिन ऐन वक़्त पर सीएम अखिलेश यादव ने दखल दी और प्रोजेक्ट की हर रुकावटें दूर की। इसके बाद उन्होंने कुशीनगर में मैत्रेय प्रोजेक्ट का भव्य शिलान्यास भी किया। यह प्रोजेक्ट कुशीनगर में भगवान बुद्ध की 250 फीट ऊँची प्रतिमा लगाने का था। जिसके पूरा होने पर बड़े पैमाने पर पर्यटन में विकास की संभावना है। इसी क्रम में अखिलेश यादव ने कुशीनगर के पास कसया में साढ़े तीन किलोमीटर लम्बी हवाई पट्टी का भी निर्माण शुरू कराया। इन विकास कार्यों से आने वाले दिनों में न सिर्फ कुशीनगर, बल्कि इसके आसपास के इलाकों में भी तरक्की की रफ़्तार तेज़ होगी।

पूर्वांचल में जापानी इंसेफेलाइटिस की बीमारी अब महामारी का रूप ले चुकी है। पिछले 35वर्षों में इस बीमारी से हजारों बच्चों की आकाल मौत हो चुकी है तो उससे भी ज्यादा आजीवन अपंगता के शिकार हो चुके हैं। इस बीमारी की रोकथाम के लिए स्थानीय बाशिंदों से हर दर खटखटाए, लेकिन बीमारी से बच्चों के बचाने के प्रयास सिर्फ अखिलेश सरकार में ही हुए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के बाल रोग चिकित्सालय का निर्माण खास तौर पर इन्हीं बच्चों के समुचित इलाज के लिए कराया है। इतना ही नहीं इस क्षेत्र को बेहतर इलाज की सुविधा दिलाने के लिए अखिलेश सरकार ने एम्स के लिए 100 एकड़ जमीन भी केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई है। इस जमीन पर केंद्र सरकार को एम्स का निर्माण करना है, हालाँकि केंद्र सरकार के सुस्त रवैये के कारण उस पर अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो सका हैं।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अक्सर एक बात का जिक्र करते हैं कि अमेरिका ने सड़कें बनाई और सडकों ने अमेरिका को। इस बात को अमल में लाते हुए उन्होंने पूर्वांचल में सड़कों का जाल बिछाने के प्रयास किये हैं। 23 महीने में देश का बेहतरीन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस तैयार करने की बाद अखिलेश यादव इसी सड़क का विस्तार समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के रूप में आजमगढ़-गाजीपुर-बलिया तक करने जा रहे हैं। उन्होंने इस सड़क का भी निर्माण 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इस एक्सप्रेस वे के लिए 60 प्रतिशत जमीन भी ली जा चुकी है। समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा होने से पूरा पूर्वांचल प्रदेश के दूसरे इलाकों से बेहतरीन आवागमन के साधन से जुड़ जाएगा। इससे यूपी के एक हिस्से में बही विकास की बयार दूसरे इलाके में बेहद तेजी से पहुंचेगी। इसके अलावा इस क्षेत्र में 4 लेन सड़कों का भी सर्वाधिक निर्माण हुआ है। आजमगढ़ और मऊ तथा देवरिया-कुशीनगर अब 4 लेन सड़कों से जुड़ गए हैं, वहीं देवरिया और कसया के बीच नए मार्ग का निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग, गोरखपुर-महराजगंज मार्ग व कुशीनगर-तमकुहीराज मार्ग का चौड़ीकरण भी अखिलेश सरकार में कराया गया है। मऊ से बलिया जिला मुख्यालय टू लेन विद पेव्ड शोल्डर का निर्माण कराया।

बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पूर्वांचल के लगभग सभी इलाकों में बिजली घरों की स्थापना की गयी है। आजमगढ़ के मेहनगर, अतरौलिया, मुबारकपुर, रानी की सराय, बिन्दवल जयराजपुर में जहां 132 केवी के सब स्टेशन खोले गए। वहीं आजमगढ़ शहर 220 केवी का उपकेन्द्र स्थापित किया गया। आजमगढ़ शहर में बिजली के तार भी अंडर ग्राउंड किए गए हैं। वहीं मऊ के कटघर महलू, महराजगंज के नौतनवां, गोरखपुर के मोहद्दीपुर एवं भटहट, बलिया के रसड़ा, देवरिया के रूद्रपुर और पूर्णाछापर में 132 केवी के सब स्टेशन स्थापित किये गए तो वहीं गोरखपुर के गोला में 220 केवी, कुशीनगर के हाटा में 200 केवी और बलिया के कताई मिल में 400 केवी का बिजली घर बनाया गया।

यह क्षेत्र गन्ना के उत्पादन का बड़ा इलाका रहा है। गन्ना किसानों को सहूलियत देने के लिए अखिलेश यादव को सरकार ने जहां मात्र 9 के भीतर सठियांव में चीनी मिल का शुभारम्भ किया, वहीँ बलिया के रसड़ा में भी नए चीनी मिल के संचालन की प्रकिया शुरू हो गई है। वहीं मुबारकपुर में साड़ी के बुनकरों के कारोबर को बढ़ावा देने के लिए 150 दुकानों वाला मुबारकपुर बुनकर विपणन केंद्र खोला।

शिक्षा के क्षेत्र में अखिलेश सरकार ने पूर्वांचल में उल्लेखनीय काम किए हैं। आजमगढ़ में जहां कृषि यूनिवर्सिटी कैंपस, अहिरौला में महिला डिग्री कॉलेज, राजकीय पॉलीटेक्निक, आईटीआई का निर्माण कराया गया। वहीं महराजगंज में आश्रम पद्धति विद्यालय, पॉलीटेक्निक, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, कुशीनगर के सुकरौली में राजकीय डिग्री कॉलेज, बलिया में श्री चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलीटेक्निक और महिला डिग्री कॉलेज, नगवा का निर्माण कर अखिलेश सरकार ने शिक्षा की पहुँच हर वर्ग के युवाओं तक पहुंचाई।

ये तो पूर्वांचल के लिए विशेष रूप से किए गए काम हैं। इसके अलावा अखिलेश सरकार की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ भी इस इलाके को भरपूर मिला। मेधावी छात्र-छात्राओं को फ्री लैपटॉप योजना का लाभ मिला तो गरीब महिलाओं को समाजवादी पेंशन का लाभ मिला। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में भी इस इलाके में झाँसी-महोबा-सुल्तानपुर से कुशीनगर तक एक्सप्रेस वे 6 लेन का एक्सप्रेस वे बनाने की तैयारी है। पूर्वांचल  में औद्योगिक गतिविधियों की और बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। इसके साथ बुनकरों को प्रोत्साहन और उन्हें बड़ा बाज़ार मुहैया करने का वादा भी घोषणा पत्र में किया गया है। समग्र रूप से देख जाए तो अखिलेश यादव ने पूर्वांचल की तस्वीर और तकदीर बदलने को ओर कदम बढ़ा दिए हैं।

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