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बुंदेलखंड की जनता को हर जरूरत में मदद पहुंचा कर उनके चहेते बने सीएम अखिलेश

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03 February 2017

बुंदेलखंड ने कुछ साल पहले प्राकृतिक आपदाओं की जो मार झेली उससे ये इलाका बुरी तरह टूट गया था। सूखा ने कुछ ऐसा कहर बरपाया कि यहाँ का जीवन ही पटरी से उतर गया था। उस दौर में तमाम राजनीतिक पार्टियों ने अपने अपने लाभ के लिए बुंदेलखंड की बदहाली का फायदा उठाया। भाजपा ने मदद के नाम पर पानी देने की बात कही, लेकिन जब रेल के टैंकर पहुंचे तो वो खाली निकले, उसमें पानी की एक बूँद तक नहीं थी। भला इससे ज्यादा और क्रूर मजाक बुंदेलखंड की प्यासी धरती के साथ और क्या हो सकता था। बसपा के नेताओं ने तो बुंदेलखंड जाना भी ज़रूरी नहीं समझा और अपने एसी कमरों में बैठ केवल बयान पर बयान देते रहे। पर इन सबके बीच कोई था जिसने बुंदेलखंड की सूख चुकी धरती में उम्मीद के बीज बोये थे। जी, ये कोई और नहीं था, उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव थे।

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केंद्र सरकार से जब कोई सहयोग नहीं मिला तो उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार ने खुद बीड़ा उठाया और पूरा प्रशासनिक अमला दिन रात एक करके बुंदेलखंड में जुट गया। अखिलेश यादव ने खुद हर काम पर नज़र रखी, लगातार दौरे किये और उनके प्रयासों का नतीजा रहा कि बुंदेलखंड की धरती एक बार फिर से लहलहाने लगी, पानी की पर्याप्त उपलब्धता करवाई गयी, खेतों से लेकर खलिहानों तक पानी पहुँचाया गया और कुछ ही दिनों में बुंदेलखंड ने हरियाली की चादर ओढ़ ली। किसान अपने बैलों के साथ खेतों में जाने लगे और एक बार फिर से वहां का जीवन चल निकला। व्यापार बढ़ा, लोगों की आमदनी बढ़ी, और तमाम योजनाओं से किसान दिनों दिन मजबूत होके उभरा। और अगर आज आप देखें तो बुंदेलखंड प्रगति के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है।

अब जबकि कुछ दिनों के बाद यूपी में चुनाव होने वाले हैं तो बुंदेलखंड की जनता ने अखिलेश यादव को एक बुलावा भेजा है, ये बुलावा है उनके यहाँ से चुनाव लड़ने का। बुंदेलखंड ने देखा है कि उनके दुर्दिन में भाजपा से लेकर बसपा तक ने उसका मजाक उड़ाया पर अखिलेश यादव ने उनको सहारा दिया, उनके लिए अपना सब कुछ झोंक दिया और उन्हें प्राकृतिक आपदा से बाहर निकाल लिया।

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आज बुंदेलखंड ने अपने मसीहा को बुलावा भेजा है, कि अखिलेश यादव यहाँ से चुनाव लड़ें और उनको ऐतिहासिक मतों से जीताकर भेजा जाए। इससे पहले लोकसभा चुनावों में भी कन्नौज की जनता ने अखिलेश यादव को सिर आँखों पर बिठाया था। तब वहाँ की जनता ने टीपू को सुल्तान बनाने का नारा दिया था। आज यही उत्साह बुंदेलखंड की जनता में दिख रहा है। एक मीडिया ग्रुप के कार्यक्रम में उन्होंने यह संकेत दिया कि जनता की ओर से इस तरह का प्रस्ताव आया है। जनता चाहती है कि वे बुंदेलखंड से चुनाव लड़ें। वैसे देखा जाये तो अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड की खुशहाली के रास्ते पर लाने के लिए जो काम किये हैं, उससे वहाँ की जनता बेहद खुश है। इसी वजह से जनता चाहती है कि अखिलेश यादव को भरी बहुमत से जीता कर उनके प्रति धन्यवाद जाहिर कर सके। हालाँकि अखिलेश यादव विधान परिषद् सदस्य है और उनका कार्यकाल 2018 तक है, लिहाज़ा वो चुनाव नहीं लड़ रहे, फिर भी उन के प्रति जनता का ये प्यार बहुत कुछ कह जाता है।

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