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सीएम अखिलेश की कैबिनेट ने 27 लाख कर्मचारियों को दी नए साल की सौगात 

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13 December 2016

केंद्र सरकार की अपरिपक्व नीतियों से बढ़ती महंगाई और नोटबंदी से त्रस्त यूपी की जनता को प्रदेश की अखिलेश सरकार ने बड़ी राहत दी है।  मंगलवार को सीएम अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश सरकार ने सूबे के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का तोहफा देने का ऐलान किया। कैबिनेट के इस फैसले के बाद कर्मचारियों को वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है। इससे उन्हें आजीविका के लिए बचत संभव होगी। इस निर्णय से राज्य के 16.52 लाख कार्मिक एवं 10.50 लाख पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर लाभान्वित होंगे। नए वेतनमान का 27 लाख प्रदेश कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारियों 1 जनवरी 2016 से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। इससे राज्य सरकार पर 17958.20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार आएगा। राज्य के विभिन्न वर्गों के कर्मियों एवं पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को केन्द्रीय कर्मियों की तरह ही पुनरीक्षित वेतनमानों में 1 जुलाई, 2016 से 02 प्रतिशत की दर से मंहगाई भत्ता या मंहगाई राहत दी जाएगी। प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों को पुनरीक्षित वेतनमानों में 10 वर्ष, 16 वर्ष तथा 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी की व्यवस्था में 03 वित्तीय स्तरोन्नयन दिए जाएंगे। वर्तमान में मिल रहे विभिन्न प्रकार के भत्ते एवं सुविधाएं पुनरीक्षित वेतनमानों में पूर्व दरों पर देय रहेंगी। ऐसे सार्वजनिक उपक्रम या निगम, जो लाभ की स्थिति में हैं, उन्हें राज्य कर्मियों के समान मंहगाई भत्ता दिए जाने हेतु सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा लगाई गई शर्त को शिथिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन में सुबह 11 बजे से कैबिनेट की मीटिंग शुरू हुई। मीटिंग में कई अहम् योजनाओं सहित करीब 80 प्रस्तावों पर हरी झंडी दे दी गयी।  इसके साथ ही अगले वित्तीय वर्ष के शुरुआती चार महीनों में शासन के कामकाज के लिए जरूरी धनराशि का इंतजाम करने की खातिर 21 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में लेखानुदान संबंधी विधेयक लाने के निर्णय पर भी मुहर लगाई गई।

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कैबिनेट की बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, ‘आज हमने वेतन समिति से जुड़ा फैसला लिया है, लाखों लाख कर्मचारियों को इससे फायदा पहुंचेगा। इससे सरकार पर कई हजार करोड़ का भार आएगा। अभी 2 महीने जब तक हमारी सरकार है हम लोगों को इसका फायदा देंगे। अगर चुनाव में वे हमें वोट देंगे तो आगे भी ऐसे फायदे हम कर्मचारियों को पहुंचाते रहेंगे।’

सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर रिटायर्ड आइएएस अधिकारी जी। पटनायक की अध्यक्षता में गठित राज्य वेतन समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट बीते बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित सातवें वेतन के ढांचे को केंद्र सरकार के समतुल्य रखने रखने की सिफारिश की है। साथ ही, सातवां वेतन पहली जनवरी 2016 से लागू करने की संस्तुति भी की है। समिति ने कर्मचारियों के वेतन (वेतन बैंड और ग्रेड वेतन को जोड़कर) को 2.57 गुना करने की सिफारिश की है। राज्य कर्मचारियों के लिए शुरुआती न्यूनतम वेतन (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए) 18,000 रुपये और अधिकतम (मुख्य सचिव स्तर) 2,25,000 रुपये करने की संस्तुति की गई है।

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कैबिनेट मीटिंग के एजेंडे में समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव भी शामिल था, जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी। इस योजना से किसानों को 2 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के 4 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गयी है। इसके अलावा प्रादेशिक स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेवानिवृत्ति के बाद 70 साल की उम्र तक पुनर्योजन के अलावा सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न संवर्गों की सेवा नियमावलियों या उनमें संशोधनों के प्रस्तावों को कैबिनेट अनुमोदित किया गया है। उप्र अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति के तहत मेगा परियोजनाओं को रियायतें देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।

इसके अलावा बहराइच में मिहींपुरवा को नई तहसील का दर्जा देने, इटावा की सैफई तहसील में जसवंतनगर तहसील के नौ गांवों को जोडऩे, जौनपुर नगर पालिका परिषद की सीमा विस्तार संबंधी प्रस्तावों को कैबिनेट मंजूरी दे सकती है। पीलीभीत-बरेली-बदायूं-मथुरा-भरतपुर (राज्य मार्ग संख्या-33) को चौड़ा व सुदृढ़ करने और फैजाबाद-अकबरपुर-बसखारी मार्ग के कुछ हिस्सों को चार लेन में तब्दील करने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिल गयी है।

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इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

  • गोरखपुर में रामगढ़ ताल का सौन्दर्यीकरण

कैबिनेट ने गोरखपुर जिले में रामगढ़ ताल के सौन्दर्यीकरण की परियोजना में उच्च विशिष्टियों के प्रयोग को मंजूरी प्रदान कर दी है। परियोजना में मार्बल स्टोन, ग्रेनाइट स्टोन, डेकोरेटिव पोल आदि लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित विशिष्टियों से उच्च विशिष्टियों का प्रयोग किया जाना है। इसके अलावा परियोजना के तहत जाॅगिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, दिव्यांगजन हेतु रैम्प, विजिटर्स बेंच, फाउण्टेन, महापुरुषों की मूर्ति, घाट सीढ़ी, एलईडी लाईट हेतु सजावटी पोल, लैण्ड स्केपिंग कार्य, पार्किंग प्लेटफार्म, लेक फ्रण्ट रेलिंग आदि का निर्माण कार्य कराया जाना है। इस सौन्दर्यीकरण परियोजना की लागत 1885.88 लाख रुपये आंकी गयी है।

  • बरेली में 300 बेड वाले मण्डलीय चिकित्सालय का निर्माण

बरेली जिले में 300 बेड वाले मण्डलीय चिकित्सालय के भवन निर्माण में फाॅल्स सीलिंग तथा माॅड्यूलर ओटी कार्यों जैसी उच्च विशिष्टियों के प्रयोग को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। निर्माण कार्य के लिए उप्र राजकीय निर्माण निगम कार्यदायी संस्था नामित की गई है। इस भवन की पुनरीक्षित निर्माण लागत 7250.66 लाख रुपये आने का अनुमान है।

  • बहराइच में तहसील मिहीपुरवा (मोतीपुर) का सृजन

बहराइच में एक नई तहसील मिहीपुरवा (मोतीपुर), के सृजन का निर्णय लिया गया है। इसका मुख्यालय मोतीपुर होगा। यह निर्णय प्रशासनिक दक्षता तथा व्यापक जनहित के दृष्टिगत मानक में शिथिलीकरण करते हुए लिया गया है।

  • बन्द सिनेमाहॉलों को दोबारा चलाने के लिए प्रोत्साहन योजना

प्रदेश में बन्द सिनेमाहॉलों को दोबारा चलाने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत 31 मार्च, 2015 तक बन्द सिनेमाहॉलों को इस योजना में शामिल किया गया है। पुनर्संचालन हेतु इच्छुक सिनेमा हॉल मालिकों को अनुदान की अवधि समाप्त होने के बाद कम से कम 5 साल तक संचालन किया जाना अनिवार्य होगा, इस अवधि में अनुदान की अवधि में संचालित नियमित प्रदर्शनों की संख्या में कमी नहीं की जाएगी। वरना अनुदान के रूप में दी गई समस्त धनराशि 18 प्रतिशत ब्याज के साथ भू-राजस्व के बकाए की भांति वसूल की जाएगी।

  • पीलीभीत-बरेली-बदायूं-मथुरा-भरतपुर मार्ग का 04 लेन चौड़ीकरण

मंत्रिपरिषद ने जिला मुख्यालयों को 04 लेन से जोड़े जाने की योजना के अंतर्गत जनपद बरेली एवं बदायूं में पीलीभीत-बरेली-बदायूं-मथुरा-भरतपुर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-33) का 04 लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य से सम्बन्धित पुनरीक्षित प्रायोजना प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। जनपद बरेली एवं बदायूं में पीलीभीत-बरेली-बदायूं-मथुरा-भरतपुर (राज्य मार्ग संख्या-33) के कि0मी0 55 से 98 में 04 लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य (लम्बाई 44.800 किमी) की लागत 24434.60 लाख रुपए निर्गत की गई थी।

  • फैजाबाद-अकबरपुर-बसखारी 04 लेन मार्ग का निर्माण

जिला मुख्यालयों को 04 लेन की योजना से जोड़े जाने के मंत्रिपरिषद ने अंतर्गत जनपद फैजाबाद/अम्बेडकरनगर फैजाबाद-अकबरपुर-बसखारी मार्ग के 04 लेन के कार्य की लागत को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस 04 लेन मार्ग के बन जाने से आजमगढ़, अम्बेडकरनगर, जौनपुर आदि जनपदों से आने वाले यातायात का सीधा सम्बन्ध प्रदेश के मुख्यालय लखनऊ से हो जाएगा, जिससे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।

  • बदायूं में एक 400 केवी उपकेन्द्र को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने जनपद बदायूं में एक 400 केवी उपकेन्द्र के निर्माण सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। जनपद बदायूं, जनपद मुरादाबाद एवं जनपद बरेली की सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति एवं रोजा तापीय परियोजना से अधिक सुचारु ऊर्जा निकासी सुनिश्चित करने हेतु 400 केवी उपकेन्द्र बदायूं एवं तत्सम्बन्धी लाइनों के निर्माण से जुड़ा कार्य किया जाएगा।

  • मथुरा में कोसी, नन्दगांव, बरसाना, गोवर्धन, सौंख, मथुरा राया तक 4-लेन चौड़ीकरण

मथुरा में कोसी, नन्दगांव, बरसाना, गोवर्धन, सौंख, मथुरा राया (यमुना एक्सप्रेस-वे मार्ग तक) 86.913 किमी के मार्ग के 4-लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। बरसाना और गोवर्धन दोनों ही ऐतिहासिक धार्मिक स्थल हैं। जनपद मथुरा में कोसी, नन्दगांव, बरसाना, गोवर्धन, सौंख, मथुरा राया से निकलकर नन्दगांव बरसाना होते हुए गोवर्धन, सौंख, मथुरा होते हुए राया कट (यमुना एक्सप्रेस-वे) पर मिल जाता है। इस निर्णय से आवागमन में सुविधा होगी तथा समय व धन दोनों की बचत होगी।\

  • इलाहबाद में सैम हिग्गिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय बनाए जाने का फैसला

मंत्रिपरिषद ने ‘सैम हिग्गिनबाॅटम एजुकेशनल एण्ड चौरिटेबल सोसाइटी, इलाहाबाद’ द्वारा संचालित ‘सैम हिग्गिनबाॅटम इंस्टीट्यूट आॅफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलाॅजी एण्ड साइंसेज (डीम्ड विश्वविद्यालय) इलाहाबाद’ को उच्चीकृत एवं पुनर्गठित करते हुए ‘सैम हिग्गिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय’ बनाए जाने का फैसला लिया है।

  • कई ग्रामों को नगर पंचायत बनाने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने जनपद फर्रूखाबाद के ग्राम नवाबगंज को नगर पंचायत बनाए जाने का निर्णय लिया है। इसी तरह सिद्धार्थनगर के इटवा को नगर पंचायत इटवा बनाए जाने का फैसला लिया गया है।

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