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सूखे से समृद्धि की ओर बुंदेलखंड, वादे नहीं मजबूत इरादों से बदली तस्वीर

CM-Bundelkhand

 बुंदेलखंड, उत्तरप्रदेश की धरा का एक ऐसा क्षेत्र जिसका नाम जेहन में आने पर सूखा, प्यास, अंधेरा,बेरोजगारी, भुखमरी जैसे शब्द बरबस याद आने लगते हैं। और ऐसा हो भी क्यों ना, कभी कुदरत ने तो कभी राजनीतिक हुक्मरानों की नाकामी ने बुंदेलखंड को बदहाल होने पर मजबूर किया। देश बदला, प्रदेश बदला लेकिन नहीं बदली तो बुंदेलखण्ड की बदकिस्मती। सबने बड़े-बड़े वादे किए लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। घोर निराशा के बीच युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व ने बुंदेलखंड की समस्या को गंभीरता से लिया।

बुंदेलखंड को विशेषखंड बनाने के लिए सीएम अखिलेश ने ना सिर्फ फौरी तौर पर बल्कि दीर्घकालीन राहत के लिए भी नीतियां तय कीं। बीते दिनों सूखे से भुखमरी के कगार पर पहुंचे परिवारों के लिए राहत सामग्री बांटने का काम शुरू किया गया है। ताकि पीड़ित परिवारों को तत्काल मदद की जा सके। इतना ही नहीं राहत सामग्री वितरण की निगरानी निजी तौर पर सीएम खुद कर रहे हैं। ताकि किसी तरह की घपलेबाजी ना हो।

साथ ही उन्होंने बुंदेलखण्ड क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि जिन जनपदों में राहत सामग्री वितरित नहीं की गई है, उस जनपद से सम्बन्धित अधिकारी राहत पैकैट वितरित करें या कड़ी कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें। भुखमरी के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है राहत सामग्री

सूखे की स्थिति को देखते हुए 2 लाख 30 हजार अन्त्योदय पात्र परिवारों को 10 किलो आटा, 05 किलो चावल, 05 किलो चने की दाल, 25 किलो आलू, 05 लीटर सरसों का तेल, 01 किलो शुद्ध देशी घी तथा बच्चों के लिए प्रति परिवार 01 किलो मिल्क पाउण्डर अतिरिक्त राहत सामग्री के रूप में भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मनरेगा के कार्य दिवस में बढ़ोत्तरी

मनरेगा के तहत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में रोजगार दिवसों को 100 से बढ़ाकर 150 दिवस करने का फैसला भी लिया गया है। इसके अलावा अधिकारियों को बुन्देलखण्ड क्षेत्र को समाजवादी पेंशन योजना के अन्तर्गत शत-प्रतिशत आच्छादित करने तथा पीने के पानी की समस्या दूर करने के लिए हर सम्भव उपाय किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीण इलाकों को 24 घंटे बिजली

सीएम अखिलेश ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समस्त जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पारेषण स्कन्ध द्वारा विभिन्न कार्य सम्पादित कराए जा रहे हैं इसमें 25 करोड़ रुपए की लागत से 132 के0वी0 उपकेन्द्र पनवाड़ी, जनपद महोबा का उर्जीकरण किया गया है। इसके अलावा 220 के0वी0 उपकेन्द्र बांदा, 132 के0वी0 उपकेन्द्र औगासी, जनपद बांदा की क्षमता वृद्धि का कार्य पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त बांदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट में उपकेन्द्र तैयार कराए जा रहे हैं जिससे अबाध बिजली आपूर्ति होगी।

जल संरक्षण के पुख्ता इंतज़ाम

बुंदेलखंड में जल संरक्षण तथा तेजी से घटते भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए ‘मुख्यमंत्री जल बचाओं अभियान’ चलाया जा रहा है जिसके अन्तर्गत 1507 तालाबों पर कार्य पूरा किया जा चुका है। बाकी चयनित तालाबों को भी विकसित करने का कार्य जारी है। इसके पूरा होने पर यहां के वासियों की पेय जल के साथ-साथ सिंचाई की समस्या भी बहुत हद तक दूर हो जाएगी।

– वृजनन्दन चौबे, गेस्ट राइटर

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