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उत्तर प्रदेश में चल रही है सामाजिक सुरक्षा की सबसे बड़ी योजना

Image Source: uttamcm.com

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April 28, 2016

किसी देश या राज्य की खुशहाली का एक मात्र पैमाना है कि वहां के लोगों का विकास हो और उनमें सामाजिक सुरक्षा की भावना मजबूत हो। इस तरह दोनों की मानकों पर उत्तर प्रदेश में काफी बेहतर काम हो रहे हैं। जहां तक विकास की बात है तो एसोचैम भी स्वीकार कर चुका है कि उत्तर प्रदेश दोहरे अंकों में विकास दर की ओर बढ़ रहा है। वहीं उद्योगों की स्थापना को लेकर वल्र्ड बैंक भी देश के अंदर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू व्यवस्थाओं की तारीफ कर चुका है। अब बात सामाजिक सुरक्षा की करें तो अखिलेश सरकार समाजवादी पेंशन योजना के रूप में देश की सबसे बड़ी स्कीम चला रही है।

दरअसल, मुख्यमंत्री ने किसानों और आम लोगों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने वाले दो अहम काम किए है। पहला, किसान से लेकर गरीबों तक में जीवन की सुरक्षा का भाव पैदा करने वाली ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ लाई है। इसमें किसान हो या आम आदमी, दुर्घटना होने पर इलाज, मृत्यु होने पर परिवारीजनों को मुआवजा और अपंग होने पर कृत्रिम अंग लगवाने का बंदोबस्त किया जा रहा है। दूसरा, समाजवादी पेंशन के लाभार्थियों से लेकर समस्त बीपीएल परिवारों को ‘समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना’ का तोहफा दिया है।

प्रदेश सरकार की लैपटॉप व कन्या विद्याधन योजना पहले ही युवाओं को आकर्षित करने वाली देश की सबसे हिट स्कीम साबित हो चुकी है। अब सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत वित्त एवं बीमा विभाग ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के स्थान पर मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना का खाका तैयार किया है तो स्वास्थ्य विभाग समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना तैयार कर रहा है। सरकारी खजाने से चलने वाली इतनी बड़े आकार वाली ऐसी किसी सामाजिक सुरक्षा योजना की मिशाल नहीं मिलती।

16.5 करोड़ पाएंगे सीएम किसान एवं सर्वहित बीमा योजना का लाभ

कृषक दुर्घटना बीमा योजना में 2.5 करोड़ खातेदार और सहखातेदार किसानों को दुर्घटना में शारीरिक नुकसान के हिसाब से बीमा राशि पांच लाख रुपये का 25 से 100 प्रतिशत और मृत्यु पर पांच लाख रुपये मुआवजा मिलता है। मगर, इसके स्थान पर प्रस्तावित सीएम किसान दुर्घटना एवं सर्वहित बीमा योजना इससे बड़े दायरे वाली है। इसमें दुर्घटना होने पर तत्काल इलाज, अपंग होने पर कृत्रिम अंग और पूर्ण अपंगता व मृत्यु पर पांच लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया जा रहा है।

प्रस्ताव के मुताबिक दुर्घटना होने पर कोई भी अस्पताल व्यक्ति को प्राथमिक इलाज के लिए मना नहीं कर सकेगा। इसके लिए प्रति व्यक्ति के हिसाब से 50 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर में गंभीर इलाज के लिए 2.5 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति किए जाने का प्रस्ताव है। साथ ही किसी अंग का नुकसान होने पर सरकार कृत्रिम अंग लगवाएगी। अर्ध अपंगता पर ढाई लाख और पूर्ण अपंगता व मृत्यु पर पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रस्ताव है। इस योजना के दायरे में चार करोड़ परिवार और हर परिवार में चार सदस्य मानते हुए करीब 16 करोड़ लोग शामिल होंगे। इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

Image Source: dailymail.co.uk

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समाजवादी पेंशन योजना

समाजवादी पेंशन योजना के रूप में समाजवादी सरकार ने देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना लागू की है। इस स्कीम के तहत 3 करोड़ 6 लाख लोगों के बैंक खाते खोले गए। जबकि 45 लाख गरीब परिवारों की महिलाओं के खाते में सीधे पेंशन भेजने की व्यवस्था की गई। देश के किसी भी राज्य से ज्यादा बैंक खाते यूपी में खोले गए और लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसा भेजा गया। समाजवादी पेंशन योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन 39 लाख, विधवा पेंशन योजना 16 लाख तथा विकलांगता पेंशन 8 लाख लाभार्थियों को मिल रहा है। इस प्रकार इन योजनाओं से 1 करोड़ 18 लाख से अधिक लोगों को सीधे लाभ मिल रहा है। प्रदेश की पूरी आबादी करीब 20 करोड़ हैं। इनमें से करीब सवा करोड़ जनसंख्या आर्थिक रूप से दुर्बल है। समाजवादी पेंशन योजना के जरिये प्रदेश सरकार ने इन्हें सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों से जोड़ने का काम किया है।

समाजवादी सर्वहित बीमा योजना

प्रदेश में कृषक दुर्घटना बीमा योजना में ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन परिवारों के 18 से 59 वर्ष तक की उम्र मुखिया सदस्य के आश्रितों को आम आदमी बीमा योजना में लाभ दिया जाता है। अब प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016-17 में कृषक दुर्घटना बीमा की जगह समाजवादी सर्वहित बीमा योजना लाने की घोषणा की है। इस योजना में मृतक के परिवार को और दुर्घटना में गंभीर रूप से विकलांग हुए व्यक्ति को भी 5 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज के लिए भी 2.5 लाख रुपये देने का प्रावधान भी इस योजना के माध्यम से बजट में किया गया है। किसी घायल व्यक्ति को यदि कृत्रिम अंग लगाया जाता है तो उसके लिए 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। जबकि पुरानी योजना में केवल मृतक के परिवारजनों को 5 लाख रुपये अनुदान दिया जाता था। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति व जनजाति, अल्पसंख्यक तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक मदद भी दिया जाएगा।

समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा बीमा योजना खत्म कर दी है। प्रदेश सरकार ने इसके स्थान पर बड़े दायरे वाली ‘समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना’लाने का फैसला किया है। इसमें समाजवादी पेंशन योजना के सभी लाभार्थियों को जोड़ने का प्रस्ताव है तो गरीबी रेखा के नीचे वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा। इसमें सरकार हर तरह की बीमारी पर इलाज में मदद करेगी। 2.5 लाख रुपये तक इलाज में मदद का प्रस्ताव है। इसके दायरे में करीब 1.5 करोड़ परिवार और 6 करोड़ लोग लिए जाएंगे।

वृद्धावस्था/ किसान पेंशन योजना

राज्य सरकार द्वारा 60 वर्ष या उससे ऊपर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले वृद्धों को प्रतिमाह 300 रुपये पेंशन दी जा रही है। पेंशन स्वीकृत किये जाने हेतु लाभार्थी का नाम बीपीएल सूची में सम्मिलित होना आवश्यक है। पेंशनरों को पेंशन का भुगतान दो छमाही किश्तों में बैंको में खुले खातों के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में 3854824 वृद्धजनों को पेंशन उपलब्ध करायी जा रही है।

शादी एवं बीमारी हेतु अनुदान

अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी एवं उनके परिजनों की बीमारी के इलाज के लिए शादी एवं बीमारी हेतु अनुदान योजना चलाई जा रही है। इस योजना में अनुसूचित जाति की पुत्रियों की शादी हेतु के लिए 10 हजार रुपये और उनके परिजनों के इलाज हेतु के लिए 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। अनुसूचित जाति की पुत्रियों की शादी योजना में बुन्देलखण्ड डिवीजन में 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना

इस योजना में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के मुख्य जीविकोपार्जन करने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर 30 हजार रुपये की एक मुश्त सहायता दिये जाने की व्यवस्था है। इसके लिए आवेदक की आयु सीमा 18 वर्ष से अधिक एवं 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। योजना में पूर्व में निर्धारित 20000 रुपये की आर्थिक सहायता को बढ़ा कर दिनांक 3 सितम्बर, 2013 से 30000 रुपये कर दिया गया है।

ये काम भी काबिल-ए-तारीफ

  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी हेतु आर्थिक सहायता के रूप में क्रमशः 121 करोड़ रुपये, 1.30 करोड़ रुपये, 154 करोड़ रुपये, 82 करोड़ रुपये तथा 41 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।
  • सीवर सफाई के दौरान मृत होने वाले सफाई कर्मियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की नई योजना बनाई गई है।
  • आसरा योजना (आवासीय भवन) के अन्तर्गत निःशुल्क आवास उपलब्ध कराने हेतु 340 करोड़ रुपए की व्यवस्था बजट में की गई है।
  • सरकार शहरी गरीबों कामगारों को सरकार मोटर या बैटरी से चलने वाले मुफ्त ई-रिक्शा दे रही है।

 

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