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राजनीति में उदय से अभूतपूर्व नेता बनने तक की सीएम अखिलेश की कहानी

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अखिलेश यादव भारत के जाने माने राजनीतिक और उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं। मार्च 2012 के चुनावों में  समाजवादी पार्टी ने भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अपने पुत्र अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद देने की घोषणा की। सिर्फ 38 वर्ष के अनुभवविहीन अखिलेश यादव के सामने यह एक चुनौती के समान थी क्योंकि अखिलेश को राजनीति का कोई पुराना अनुभव नहीं था। इसके बावजूद अखिलेश ने यह चुनौती स्वीकार की और सिर्फ 5 सालों के अंदर उन्होंने सबसे अपना लोहा मनवाया।

अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी का इस समय एक जाना माना चेहरा बन चुके हैं और उत्तर प्रदेश की जनता के बीच उनकी अच्छी पहुंच है। उनके सतत प्रयासों और विकास कार्यों को जनता ने सराहा और प्रशंसा किया है। शायद यही कारण है कि आगामी होने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता उनको होने वाले मंत्री मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहती है। अखिलेश यादव ने 5 साल के शासन में विकास कार्यों में भूतपूर्व योगदान दिया है। अखिलेश यादव ने शहरी विकास कार्यों के साथ-साथ ग्रामीण और निचले तबके जैसे किसानो और गरीबों की हर संभव मदद के लिए तमाम प्रयास किए हैं जो की जनता के सामने हैं।

भारतीय राजनीति में अखिलेश यादव को एक युवा और उभरता हुआ चेहरे के रूप में देखा जा रहा है जिससे भारतीय राजनीति व् साथ ही साथ उत्तर प्रदेश की आम जनता को भी काफी उम्मीदें है।

अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई सन 1973 में इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। उनके पिताजी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव जी हैं। श्री मुलायम सिंह यादव जी ने समाजवादी पार्टी की नींव रखी जिसके व आज भी सदस्य हैं। अखिलेश यादव के माता जी का नाम श्री मालती देवी है। अखिलेश ने अपने बचपन की पढ़ाई धौलपुर मिलिट्री स्कूल, राजस्थान से पूरी की। उसके बाद उन्होंने बैचलर और मास्टर डिग्री लेने के लिए मैसूर चले गए जहां वे सिविल एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग मैसूर यूनिवर्सिटी से पूरा किया। बाद में एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग करने के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए और यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिडनी में उन्होंने एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग का कोर्स किया। अखिलेश यादव प्रोफेशन से इंजीनियर, कृषि विशेषज्ञ और सामाजिक राजनीतिज्ञ है।

24 नवंबर 1999 को उन्होंने डिंपल यादव से शादी की। उनको दो लड़कियां अदिति और टीना साथ ही साथ एक लड़का अर्जुन भी है। अखिलेश यादव का खेलों में बहुत रुचि रहा है, फुटबॉल और क्रिकेट के वह बहुत दीवा ने भी रहे हैं। अखिलेश यादव का फेवरेट टाइमपास पढना, गाने सुनना और फिल्में देखना है।

फुटबॉल खेलते खेलते एक बार फुटबॉल इनके नाक पर इतनी तेज लगी के इनकी नाक टेढ़ी हो गयी। हाश्य पत्रकार अपने कार्टूनों में इस बात का भरपूर मजाक बनाते है उनकी चित्रकारी करते है। सन 2000 में अखिलेश यादव ने पहली बार कन्नौज से लोकसभा का चुनाव लड़ा और उन्हें लोकसभा की सदस्यता हासिल हुई। उसके बाद अगले दो बार लगातार वह लोकसभा का चुनाव जीतते रहे।

अखिलेश यादव सिविल सप्लाई फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन कमेटी के मेंबर भी रह चुके हैं। सन 2000 से 2001 तक कमेटी ऑफ एथिक्स के सदस्य भी रह चुके हैं। सन 2002 से 2004 तक कमेटी ऑफ एनवायर्नमेंटल इन फारेस्ट और कमेटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के भी सदस्य रह चुके हैं। सन 2004 में 14वी लोकसभा चुनाव में उन्हें फिर से विजय हासिल की।

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अखिलेश यादव पूरी तल्लीनता से ग्रामीण विकास कार्यो, किसानों और गरीबों के जीवन सुधार में लगे हुए हैं। भारतीय राजनीति में अखिलेश यादव को एक बहुत ही युवा चेहरा के तौर पर देखा जाता है जिनसे आने वाले समय में काफी उम्मीदें भी लगाई जा रही हैं। अखिलेश यादव को विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का कैंपेन करने के लिए बहुत ही योग्य उम्मीदवार के तौर पर देखा जाता है। पूरे राज्य में उनका विशेष कैंपेन करने का तरीका जैसे साइकिल की रैलियाँ निकालना और लोगों को अपने किए गए विकास कार्यों की झलक दिखाना आदि। समाजवादी पार्टी के बड़े नेता भी उनकी योग्यता से सहमत है।

अखिलेश यादव द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए उनकी दूर दूर तक पहुँच हो गयी है। आजकल की युवा पीढ़ी अखिलेश यादव को बहुत पसंद करती है और साथ ही साथ निचले और गरीब तबके के लोग अपने जीवन स्तर में सुधार को देखकर अखिलेश यादव को बहुत पसंद करते हैं। ग्रामीण पेंशन योजना, किसानों के हित में किए गए कार्य, युवाओं को तकनिकी ज्ञान देने के लिए लैपटॉप बांटने का कार्य, बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का कार्य, पिछड़े तबके का जीवन स्तर सुधार करने में किए गए कार्य और किसानों को बीज बांटने में दी गई रियायत उनके द्वारा किये गए विशेष कार्यो में से एक है।

अखिलेश यादव जी का पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ मेट्रो, भारत का सबसे तेजी से बनने वाले मेट्रो में शुमार हुवा। अपने शासनकाल में प्रदेश के लोगो की सुविधा के लिए किये गए वादे पर अखिलेश सरकार बिलकुल खरी उतरी। भारत का सबसे बड़ा लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे का सिलान्याश हुवा ही था और सबने उम्मीदें छोड़ दी की अखिलेश के शासन में यह बन पायेगा। यह अखिलेश के लिए मानो सपनों जैसा हो। उन्होंने हार नही मानी और इस चुनौती को स्वीकार किया। लेकिन यह एक अदबुध चमत्कार की भांति लगने वाला लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे इतना जल्दी बन कर खड़ा हो गया की सब अवाक रह गए। अखिलेश के प्रतिभा के सभी राजनितिक और ज्ञानी कायल बन गए।

उत्तर प्रदेश को हरित बनाने के फैसले पर अडिग अखिलेश सरकार ने मुहीम छेड़ी और सिर्फ एक ही दिन में 10 लाख से अधिक पौधे लगाकर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया। इसके लिए इन्हें ग्रीम सीएम भी कहा जाने लगा।

उत्तर प्रदेश के ज्यादातर विभागों की वेबसाइट  है। अखिलेश ने ई गवर्नेंस पर पूरा जोर दिया है और बहुत सारे विधागो के लिए तो मोबाइल एप भी बने हैं। नित नए विचारों के समागम कर प्रदेश को ऊंचाईयों पर ले जाने के सपना लिए अखिलेश यादव जनता के बेहद ही प्रिय नेता बन चुके हैं।

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