Uttar Hamara logo

उत्तर प्रदेश की एंबुलेंस सेवाएं बनीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की ‘लाइफलाइन’

उत्तर प्रदेश में 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 14 सितंबर 2012 को की थी। photo_ www.royalbulletin.in

उत्तर प्रदेश में 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 14 सितंबर 2012 को की थी। photo_ www.royalbulletin.in

May 13, 2016

उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर और जनसामान्य के लिए सुगम बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी की दूरदर्शिता की ही परिणाम है कि देश के सबसे बड़े आबादी वाले उत्तर प्रदेश में सुदूर ग्रामीण से लेकर हर हिस्से में आज एम्बुलेंस की सुगम एवं बेहतर सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई भी व्यक्ति 108 या 102 नम्बर पर काॅल करके निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए घर से अस्पताल लाने और वापस घर तक छोड़ने की व्यवस्था से मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना को नहीं करना पड़ता।

1.5 करोड़ लोगों के लिए वरदान बनीं एम्बुलेंस सेवाएं

108 एम्बुलेंस सेवा से अब तक 57 लाख 62 हजार 455 लोगों को मदद पहुंचाई गई है Photo_upnrhm.gov.in

108 एम्बुलेंस सेवा से अब तक 57 लाख 62 हजार 455 लोगों को मदद पहुंचाई गई है Photo_upnrhm.gov.in

उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों खासकर ग्रामीण इलाकों की लाइफलाइन बन चुकी एम्बुलेंस सेवा से अब तक डेढ़ करोड़ लोग फायदा उठा चुके हैं। अखिलेश सरकार ने इस सेवा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों को मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ने की योजना बनाई है। प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सेवा (समाजवादी स्वास्थ्य सेवा) और 102 एम्बुलेंस सेवा (नेशनल एम्बुलेंस सर्विस) का संचालन करने वाली संस्था जीवीके ईएमआरआई के मुख्य परिचालन अधिकारी संजय खोसला ने की मानें तो प्रदेश में 102 एम्बुलेंस सेवा से अब तक एक करोड़ एक लाख 70 हजार 819 लोगों तथा 108 एम्बुलेंस सेवा से अब तक 57 लाख 62 हजार 455 लोगों को मदद पहुंचाई गई है। ये दोनों ही सेवाएं जनता की सेवा के लिए 24 घंटे मुफ्त उपलब्ध हैं।

लगातार बेहतर हो रहा है रिस्पांस टाइम

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फ़ैलाने से लिए उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सन्देश वाहिनी भी चलवा रही है Photo_upnrhm.gov.in

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फ़ैलाने से लिए उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सन्देश वाहिनी भी चलवा रही है Photo_upnrhm.gov.in

उत्तर प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा के लिए 1,488 और 102 एंबुलेंस सेवा के लिये 2,268 वाहन इस्तेमाल किये जा रहे हैं। एम्बुलेंस की उपलब्धता को और बेहतर करने के लिये उन्हें मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ा गया है। अभी यह प्रणाली प्रदेश 55 जिलों में लागू है। जल्द ही इसे सभी 75 जिलों में लागू कर दिया जाएगा। तमाम चुनौतियों के बावजूद एम्बुलेंस के मौके पर पहुंचने के औसत समय में काफी सुधार आया है। पिछले साल जहां यह समय 25 मिनट 59 सेकेंड का था, वह अब घटकर 22 मिनट 58 सेकेंड हो गया है।

प्रदेश में आपात सेवाएं बेहतर हुईं

इससे पहले उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की बीमारी अथवा किसी दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में एम्बुलेंस सेवा मिलना नामुमकिन था, लेकिन मौजूदा सरकार ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए जनहित को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ीकरण करने के साथ ही साथ एम्बुलेंस सेवा पूरे प्रदेश में स्थापित किया, जो प्रदेश के हर जिले में दौड़ रही है। आज उत्तर प्रदेश की 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा देश की सबसे बड़ी सेवा बन गई है। देश के किसी प्रदेश में इतनी एम्बुलेंस सेवा का नेटवर्क नहीं है।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी आई कमी

Photo_upnrhm.gov.in

Photo_upnrhm.gov.in

108 और 102 एम्बुलेंस में अत्याधुनिक फस्र्टएड सुविधा मुहैया कराई गई है, जिसमें एक प्रशिक्षित चिकित्सक विशेषज्ञ तथा जरूरी दवाओं के साथ ही स्ट्रेचर, आक्सीजन सिलेण्डर और चिकित्सीय उपकरणों से सभी एम्बुलेंसों को लैस किया गया है। चिकित्सा सेवा में सुधार और एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी तेजी से कमी आई है। एम्बुलेंस सेवा को गुणवत्तापूर्ण बनाये रखने के साथ ही किसी लापरवाही को दूर करने तथा निरन्तर निगरानी के लिए विश्वस्तरीय संस्था जीवीके ईएमआरआई  को दिया गया है। लोगों को एम्बुलेंस सेवा तत्काल उपलब्ध करवाने के लिए अत्याधुनिक कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा के लिए कॉल सेंटर का संचालन जीवीके ईएमआरआई कर रही है और 102 एम्बुलेंस सेवा के लिए बनाए गए कॉल सेंटर का संचालन जीवीके जेएसएस द्वारा किया जा रहा है।

क्या है 108 एम्बुलेंस सेवा

Photo_upnrhm.gov.in

Photo_upnrhm.gov.in

  • उत्तर प्रदेश में 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 14 सितंबर 2012 को की थी।
  • 108 तीन अंकों का निःशुल्क नंबर है। इसका उपयोग चिकित्सा, पुलिस और आग से संबंधित आपात कालीन स्थितियों में किया जाता है।
  • 108 सेवा एक निःशुल्क सेवा है जो 24 घंटे और 365 दिन जनहित के लिए उपलब्ध है।
  • 108 नंबर पर किसी भी मोबाइल फोन या लैंडलाइन से डायल किया जा सकता है।
  • 108 सेवा समाज के हर वर्ग के लिए है, इसमें एपीएल और बीपीएल का कोई बंधन नहीं है।

कब डायल करें 108 नंबर

  • दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक पड़ने पर
  • तेज पेट दर्द, सांस में तकलीफ होने पर
  • किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर
  • जानवरों के काटने, अचानक बेहोश होने पर
  • जब कोई अपराध हो रहा हो या आग लग गई हो, उस समय फायर बिग्रेड और एम्बुलेंस की जरूरत हो
  • किसी अन्य प्रकार की इमरजेंसी की स्थिति में

क्या है 102 एंबुलेंस सेवा

Photo_upnrhm.gov.in

Photo_upnrhm.gov.in

  • 102 एंबुलेंस सेवा की शुरुतार 17 जनवरी 2014 को हुई थीं
  • 102 भी तीन अंकों का टोल फ्री नंबर है, इस पर कॉल करने वाले का कोई पैसा नहीं लगता है
  • 102 सेवा निःशुल्क एंबुलेंस सेवा है, इस पर 24 घंटे 365 दिन फोन किया जा सकता है
  • 102 नंबर लैंडलाइन और मोबाइल दोनों से कॉल की जा सकती है

कब डायल करें 102 नंबर

Photo_upnrhm.gov.in

Photo_upnrhm.gov.in

  • 102 एंबुलेंस सेवा में गर्भवती महिला का घर से अस्पताल तक लाने और वापस छोड़ने की व्यवस्था की गई है
  • बेहतर इलाज के लिए भी गर्भवती महिला व शिशु को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक छोड़ने के लिए
  • एक साल तक के बच्चों को किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर घर से अस्पताल ले जाने और वापस अस्पताल से घर छोड़ने के लिए

 

उत्तर हमारा

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news