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रथयात्रा स्पेशल : 10 मिनट में एम्बुलेंस, 11 नए मेडिकल कॉलेज, 700 एमबीबीएस सीटें ; जैसा अखिलेश ने कर दिखाया वो किसी और ने क्यों नहीं सोचा?

15 November 2016

उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार का सपना है कि उसके प्रदेश के नागरिक हमेशा स्वास्थ्य चिंताओं से दूर रहें। इसके लिए सरकार लगातार कोशिश भी कर रही है।राज्य सरकार का सपना है कि उसके प्रदेश के नागरिक हमेशा स्वास्थ्य चिंताओं से दूर रहें। इस कड़ी में सरकार गरीबों को अच्छा और सस्ता इलाज मुहैया कराने की दिशा में लगातार बेहतर कार्य कर रही है। अखिलेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्य आज पूरे देश और प्रदेश के लिए मिसाल बन चुके हैं। चाहे वह 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा के रूप में देश का सबसे बड़ा सरकारी आपातकालीन बेड़ा होगा या फिर मरीजों को मुफ्त दवाएं मुहैया कराने की बात, प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने जितना काम किया है, वैसे उत्तर प्रदेश के इतिहास में नहीं हुआ है। ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस, 11 नए मेडिकल कॉलेज, 700 एमबीबीएस सीटें ;  जो अखिलेश ने कर दिखाया वो पहले किसी ने क्यों नहीं सोचा?

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एम्बुलेंस सेवाएं बनीं वरदान

अखिलेश यादव सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सुदूर ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार करने में सफल रही है। 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाचर्चा में है। इन एम्बुलेंस के माध्यम से गरीब एवं दूरदराज के इलाकों में रहने वाले रोगियों एवं गर्भवती माताओं को काफी सहूलियतें मिली हैं। मौजूदा व्यवस्था चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं को राज्य सरकार आम जनता तक पहुंचाने में पूरी तरह सफल रही है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार की ओर से हर जनपद मुख्यालय और विकास खंड पर 108 एम्बुलेंस सेवा की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। इसके तहत बीस मिनट में जरूरतमंद लोगों को एंबुलेंस सेवा मुहैया कराई जा रही है। इससे अब तक 48 लाख से अधिक लोग फायदा उठा चुके हैं। वहीं, 102 नेशनल एम्बुलेंस सेवा से अब तक 46 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को लाभान्वित किया जा चुका है।

डायलिसिस मुफ्त

उत्तर प्रदेश के मण्डल मुख्यालयों पर स्थापित सरकारी चिकित्सालयों में किडनी रोगियों की सुविधा के लिए निःशुल्क डायलिसिस मशीन लगा कर अखिलेश सरकार ने गंभीर रोगियों को बड़ी रहत दी है. इस निर्णय से किडनी के रोगियों को डायलिसिस के लिए दूसरे शहरों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी। राज्य सरकार अपने इसी उद्देश्य को पूरा करने के तहत राजधानी में कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना भी कर रही है।

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अस्पतालों में दवाएं मुफ्त

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनसामान्य के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए मुफ्त दवा की व्यवस्था की है। इस योजना के तहत मरीजों को अब तीन दिन के स्थान पर पांच दिन की मुफ्त दवा दी जा रही है। वहीं दूरदराज के इलाकों से अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को 15 दिन का दवा मुफ्त दी जा रही है। इतना ही नहीं अस्पतालों में जो दवाएं उपलब्ध नहीं होती है, मरीजों के हित में उन दवाओं को स्थानीय स्तर पर खरीद का निशुल्क उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था अखिलेश सरकार ने की है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकारी अस्पताल में सभी प्रकार की जांच भी निःशुल्क कर दिया है। इससे पहले जब समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान अस्पताल की पर्ची का शुल्क घटाकर एक रुपये कर दिया था।

भर्ती शुल्क माफ़, गरीबों का इलाज भी फ्री

राज्य के सभी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों का भर्ती शुल्क माफ कर दिया है। इसके साथ ही गंभीर और असाध्य रोगों जैसे किडनी, लीवर, हृदय और कैंसर से पीड़ित गरीब परिवारों के मरीजों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी की है। गरीबी रेखा से नीचे आने वाले रोगियों के सभी इलाज और जांचें भी फ्री कर दी गई है। वहीं गंभीर रूप से पीड़ित बीपीएल कार्ड धारक मरीजों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक मदद देने की व्यवस्था की है।

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सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण, एम्स लाने में कामयाब

चिकित्सा को उच्च स्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। कन्नौज में जहां कैंसर और हृदय रोगियों के इलाज के लिए राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग कैंसर और हार्ट सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटलों का निर्माण किया जा रहा है। राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, बांदा को उच्च विशिष्टियों से लैस किया जा रहा है। अखिलेश सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम में भी 11 सीटों को इजाफा कर रोगों के इलाज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने की कोशिश की है। इसके अलावा रायबरेली और गोरखपुर में एम्स की स्थापना के लिए अखिलेश सरकार ने पहल करते हुए नि:शुक्ल भूमि की व्यवस्था की है। बड़ी उपलब्धियों में लखनऊ में कैंसर इस्टिट्यूट का निर्माण भी उल्लेखनीय है. सीजी सिटी में 100 एकड़ भूमि पर उच्च स्तरीय कैंसर संस्थान का निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद प्रदेश में कैंसर से ग्रसित रोगियों को इलाज के लिए दूसरे प्रदेश के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

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नए मेडिकल कॉलेज खोले, एमबीबीएस की सीटें बढ़ाईं

अखिलेश यादव के कार्यकाल में चिकित्सा के क्षेत्र में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना कर उत्तर प्रदेश के इतिहास में कीर्तिमान कायम किया गया है। प्रदेश में पिछले चार वर्षों में 11 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए है। इस प्रकार प्रदेश में राजकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 16 हो गई है। वहीँ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए पिछले चार वर्षों के दौरान एमबीबीएस की सीटों में 700 की वृद्धि की है।

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स्कूलों में साल में दो बार मेडिकल कैंप

अखिलेश सरकार ने नौनिहानों की सेहत का ख्याल रखने की लिए साल में दो बार स्कूलों में मेडिकल कैंप लगाने का ऐलान किया है। इसके तहत 14 साल से कम उम्र के स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए यूपी के सभी 820 ब्लॉकों में 2 डॉक्टरों और 2 पैरा मेडिकल कर्मचारी की टीम गठित की गई हैं। मेडिकल कैंप में बच्चों के लंबाई, वजन और खान-पान का रिकार्ड तैयार किया जाता है और दांतों व आंखों की जांच भी की जाती हैं। योजना के तहत स्कूली बच्चों में खून की कमी दूर करने के लिए आयरन की गोलियां और क्रीमिनाशक बांटी जाती हैं। जांच में यदि बीमारी गंभीर पाई जाती है तो बच्चे को विशेषज्ञ को दिखाया जाता हैं। फिर भी हालत में सुधार नहीं हाने पर उसे बड़े अस्पताल में रेफर किया जाता है। बच्चे के इलाज में जो भी खर्च आता है, उसे सरकार वहन करती है।

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