Uttar Hamara logo

सादगी और जनसामान्य के प्रति संजीदगी ने बनाया सीएम अखिलेश को हर दिल अजीज

main_uttar-hamara-hindi_28-12-2016

28 December 2016

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जब राष्ट्रपति थे तो राष्ट्रपति भवन में बच्चों का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। डॉ. कलाम ने बच्चों से पूछा था कि वे क्या बनाना चाहते हैं। बच्चों ने अपने-अपने सपने बताए, लेकिन किसी ने भी राजनेता बनकर देश सेवा करने की बात नहीं की थी। दरअसल मौजूदा दौर के नेताओं को देश के सामने जो आदर्श पेश करना चाहिए था वैसा उन्होंने नहीं किया। पर ये तस्वीर अब बदल रही है। गुड गवर्नेंस के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमत्री अखिलेश यादव के व्यक्तित्व का मानवीय पहलू सामने आया है वह निःसंदेह देश और समाज में राजनेताओं की बनी धारणा को बदलने का काम करेगा। मौजूदा राजनीति में उनके जैसा बेदाग, निर्मल छवि और संवेदनशील व्यक्तित्व कम ही दिखता है। इसकी वजह यह है कि अखिलेश यादव ने राजनीति को सेवा के माध्यम के रूप में चुना है।

2-uttar-hamara-hindi_28-12-2016

अखिलेश की ये खूबियां जनता का दिल तो जीतती ही हैं, विरोधियों को भी उनकी तारीफ करने के लिए मजबूर कर देती हैं। अखिलेश दावा भी करते हैं कि अगर कोई जरूरतमंद उनकी संज्ञान में आ जाता है तो वे बिना कोई भेदभाव किए उसकी हरसंभव मदद करते हैं। मददगार सीएम के रूप में स्थापित हो चुके अखिलेश के मानवीय व्यक्तित्व के ऐसे तमाम उदाहरण मिल जाएंगे। अकेले इस दिसंबर माह में उन्होंने 20 से ज्यादा परिवारों की आर्थिक मदद की है। तो ये उनकी ही पहल है कि देश में यूपी इकलौता राज्य है जहां नोटबंदी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को आर्थिक रूप से सरकार का सहारा मिल रहा है।

1-uttar-hamara-hindi_28-12-2016

पिछले दिनों उन्होंने देश की सुरक्षा में शहीद होने वाले चार जवानों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। साथ ही घोषणा के अनुरूप शहीदों के माता-पिता की भी 5-5 लाख रुपये देकर मदद की। आजमगढ़ के सिनोद कुमार, कुशीनगर के हरिकेश प्रसाद, आगरा के मुल्तान सिंह तथा बलिया के हरवेन्द्र यादव ने देश की सुरक्षा में अपना जीवन न्योछावर कर दिया था।

6-uttar-hamara-hindi_28-12-2016

सीएम अखिलेश ने नोटबंदी के दौरान धनराशि निकालने के लिए एटीएम लाइन में मृत हुए व्यक्तियों के परिवारों को भी आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए। 08 नवम्बर को बिना किसी ठोस तैयारी के केंद्र की सरकार ने देश भर में नोटबंदी का ऐलान कर दिया था। इस दौरान अपनी कमाई का पैसा निकलने के लिए बैंकों और एटीएम की लाइन में लगे तमाम लोगों को जीवन गंवानी पड़ी थी। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी कई लोग मरे गए। सीएम अखिलेश ने इन परिवारों से सांत्वना जताते हुए एटीएम लाइन में मृत 14 व्यक्तियों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये के चेक प्रदान किए।

5-uttar-hamara-hindi_28-12-2016

एटीएम लाइन में अलीगढ़ की रज़िया, सीतापुर के वीरेन्द्र कुमार, कुशीनगर की तीर्थराजी, महोबा के बालादीन, लखीमपुर खीरी के पैकरमा, बरेली के खलील अहमद, प्रतापगढ़ की करमईता, हमीरपुर के बबलू यादव तथा घसीटा, आगरा के राकेश चन्द्र, औरैया के राधा रमण, जालौन के गंगा चरण, बुलन्दशहर के मीर सिंह तथा कानपुर देहात की सर्वेशा देवी की मौत हो गयी थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीदों और एटीएम लाइन में मृत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की।

4-uttar-hamara-hindi_28-12-2016

इससे पहले भी वे आमजनता की मदद के लिए सुर्ख़ियों में आ चुके हैं। इंडियन एक्‍सप्रेस को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव ने मार्च 2012 से नवंबर 2015 के बीच 300 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की सहायता राशि बांटी थी। एक साल पहले तक ही यह रकम मायावती सरकार के पूरे कार्यकाल में दी गई सहायता राशि से तीन गुना थी। अब दिसंबर तक यह और ज्यादा हो चुकी है।

3-uttar-hamara-hindi_28-12-2016

राजनेताओं में ऐसी सादगी की मिसालें कम ही देखने को मिलती हैं। अखिलेश यादव के व्यक्तित्व का यह मानवीय पहलू बताता है कि एक मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कैसे हर आम-खास का दिल में अपनी जगह बना ली है।

उत्तर हमारा

सीएम अखिलेश की दरियादिली की बहुत लम्बी है फेहरिस्त, जानने के लिए पढ़ें

सीएम अखिलेश के मानवीय पहलू चौंकाते भी हैं और अचरज में भी डालते हैं

अखिलेश के पास मदद मांगने आया कोई शख्स खाली हाथ नहीं लौटा

सोशल मीडिया के जरिये जनता से सीधे जुड़ रहे सीएम

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news