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विकास कार्यों से अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की बना दी खास पहचान

NEW DELHI, INDIA - JUNE 12: Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav during the investors conclave at Taj Palace on June 12, 2014 in New Delhi, India. Twenty memoranda of understanding (MoU) worth around Rs.54,606 crore were signed by 23 companies in the inaugural session of an investor conclave organized by the Uttar Pradesh government. (Photo by Sushil Kumar/Hindustan Times via Getty Images)

27 January 2017

कभी समाजवादी पार्टी को ग्रामीण जनाधार वाली पार्टी माना जाता था। आमधारणा थी कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने पर किसानों की बेहतरी के काम होंगे ही। अखिलेश यादव ने जब मुख्यमंत्री का पदभार संभाला तो किसानों के हित के काम किये ही अपनी सरकार के माध्यम से उत्तर प्रदेश को आधुनिक दौर के विकास से भी जोड़ा। आज उत्तर प्रदेश न सिर्फ ग्रामीणों और किसानों के विकास में अग्रणीय है बल्कि रोजगार, निवेश, उद्योगों की स्थापना से लेकर विकास कार्यों की लम्बी फेहरिस्त भी इसी सरकार में तैयार हुई हैं।

अखिलेश यादव सरकार ने जहां प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने के कई अच्छे प्रयास किये वहीं उत्तर प्रदेश में कामकाज को डिजिटल बनाने में भी महती योगदान दिया है। चुनावी साल में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने घोषणापत्र के वे जटिल वादे पूरे करने की होती है, लेकिन अखिलेश यादव शायद देश के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने अपने घोषणा पत्र किये सभी वादे पूरे किये हैं। यही वजह रही कि पांच साल में कभी भी उनकी सरकार की नीति और नीयत का प्रश्न नहीं उठे।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एसआरएस यादव कहते हैं प्रशासनिक दृष्टि से देखें तो यह उत्तर प्रदेश की सफलतम सरकार है, जिसने अपने कार्यों से दूसरे राज्यों के लिये आदर्श और मानक तय किये हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कोशिश रही है कि समाज का हर वर्ग योजनाओं से लाभान्वित हो। जनता के बीच अखिलेश की छवि बेदाग और ईमानदार मुख्यमंत्री की है। अखिलेश ने पूर्ववर्ती मायावती सरकार के कार्यकाल में कत्ल किये जा चुके लोकतंत्र को फिर से जिंदा किया है। अगर किसी को तुलना करनी हो तो मायावती का जमाना याद कर ले, जिसमें मुख्यमंत्री से मिलना तो दूर, किसी को अपनी जायज मांगों के लिये प्रदर्शन करने तक की मनाही थी।

यादव ने कहा कि सरकार ने बिजली के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और वह अक्तूबर 2016 तक शहरों को 20 से 24 घंटे और गांवों को 14 से 16 घंटे बिजली देने के अपने वादे को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को खासी सुविधा मिली है। इसके अलावा लखनउ समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों खासकर पिछडे जिलों में अत्याधुनिक अस्पतालों के निर्माण की कवायद शुरु करके तथा जिला चिकित्सालयों में सस्ता इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार ने सार्थक प्रयास किये हैं। इस बीच, उद्योग मण्डल ‘एसोचैम’ के महासचिव डी। एस। रावत का कहना है कि अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के बाद के दो वर्षों में उद्योग क्षेत्र को बढावा देने के लिये सार्थक प्रयास किये हैं। इससे पहले काफी अरसे से प्रदेश में नया निवेश नहीं आया था, लेकिन सरकार ने उद्यमियों को सूबे में अच्छा माहौल देकर इस परंपरा को तोड़ दिया।

‘पूरे हुए वादे, अब हैं नये इरादे’ के साथ अखिलेश यादव एक बार फिर उत्तर प्रदेश की जनता के बीच होंगे। उनके साथ दूसरे दल भी नारों और वादों के साथ मैदान में होंगी। पर अब तक का जो रुझान सामने है वो बताता है कि अखिलेश यादव अपनी उदार और विकासवादी छवि के चलते उत्तर प्रदेश के जनमानस के दिल में विशेष जगह बना चुके हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के आगे विपक्षी दलों का कद बौना ही नजर आ रहा है।

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