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 ‘मेधावी छात्र पुरस्कार योजना’ से छात्रों को पुरस्कृत कर रही अखिलेश सरकार  

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photo_livehindustan.com

June 29, 2016

कहते हैं जहाँ चाह होती है, वहां राहे खुद ब खुद निकल आती हैं। इसका ताज़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश सरकार के एक फैसले में सार्थक होते दिखा। प्रदेश सरकार उन मेधावी छात्रों के लि‍ए पैसे की कमी को अब पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दे रही है। जो छात्र पढ़ना चाहते हैं उन्हें प्रदेश सरकार आर्थिक सहायता देकर उनके सपने को साकार कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना का नाम ‘मेधावी छात्र पुरस्कार योजना’ है। इसके तहत कक्षा 5 से स्नातक करने वाले मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता मिल रही है। जिससे गरीब मेधावी छात्र अपनी पढ़ाई को आराम से जारी रख पा रहे हैं। इस योजना को प्रदेश सरकार ने खासकर गरीब मेधावी छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया था। सरकार की इस योजना से गरीब मेधावी छात्रों को बहुत बड़ा फायदा पहुंचा रही है। इससे वह अपनी शिक्षा को बिना किसी रुकावट के पूरा कर रहे हैं।

जानिए क्या है ‘मेधावी छात्र पुरस्कार योजना’

  • इस योजना के तहत 5वीं से 7वीं कक्षा तक 70 फीसदी नंबर पाने वालों को सरकार सहायता के तौर पर 4000 रुपये दे रही है। वहीं लड़कि‍यों को 4500 रुपये मिल रहे हैं।
  • 8वीं कक्षा में 70 फीसदी नंबर पाने वालों को सरकार 5000 रुपये दे रही है। लड़कि‍यों को 5500 रुपये मिल रहे हैं।
  • 9वीं और 10वीं कक्षा में 60 फीसदी नंबर पाने वालों को सरकार 5000 रुपये और इस कक्षा के लड़कि‍यों को 5500 रुपये सहायता के तौर पर दे रही है।
    11वीं और 12वीं में 60 फीसदी नंबर पाने वालों को सरकार 8000 रुपये मदद के तौर पर दे रही है। लड़कि‍यों को 10,000 रुपये मिल रहे हैं।
    बीए, बीकॉम और बीएससी इंजीनियरिंग के 60 फीसदी नंबर पाने वाले स्‍टूडेंट्स को सरकार 10000 रुपये से 22 हजार रुपये तक की सहायता दे रही है।
  •  प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिल रहा है। जिनके माता या पिता का रजिस्ट्रेशन श्रम विभाग में है। उत्तर प्रदेश सरकार इस योजना को मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के नाम से चला रही है।

 इन मेधावी छात्रों को ऐसे करना होता है आवेदन

  • छात्र सबसे पहले श्रम विभाग से मेधावी छात्र पुरस्कार योजना का आवेदन करते हैं।
  • आवेदन पत्र में स्कूल के प्रधानाचार्य से प्रमाणित फोटो की दो फोटोकॉपी के साथ जमा करना होता है।
  • आवेदन पत्र के साथ संबंधित कक्षा में उत्तीर्ण होने की मार्क्स सीट की प्रमाणित फोटो कॉपी उस स्कूल के प्रधानाचार्य के दिए गए प्रमाण पत्र को भी लगाना होता है।
  • वहीं मान्यता प्राप्त स्कूलों से पास छात्र अगर कक्षा पांच और आठ के हैं, तो इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी का प्रमाण पत्र उन्हें लगाना होता है।
    आवेदन पत्र के साथ इस बात का भी प्रमाण पत्र लगाना होता कि छात्र शिक्षा ले रहे हैं। इसके लिए उस स्कूल के प्रधानाचार्य से प्रमाणित प्रमाण पत्र आवेदन पत्र के साथ लगाना होता है।
  • आईटीआई, इंजीनियरिंग और डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले स्‍टूडेंट्स को वहां प्रवेश के प्रमाण पत्र या फिर प्रवेश की रसीद की फोटोकॉपी ही इसके लिए मान्य होती है।
  • इसके बाद जरूरी होने पर विभाग सारी चीजों को वेरीफाई करा लेता है। अंत में जिलाधिकारी पात्र छात्रों को चुनते हैं। जिसके बाद छात्र के माता या पिता के नाम से जितनी भी राशि होगी। उसका चेक जारी हो जाता है।

प्रदेश सरकार इस योजना के माध्यम से शिक्षा के प्रति अभिवावकों और छात्रों को प्रोत्साहन करने का काम कर रही है। इससे पहले अखिलेश सरकार ने छात्रों के लिए लैपटॉप वितरण योजना से, कन्या विद्या धन योजना और दशमोत्तर के सभी वर्ग के छात्रों को आर्थिक आधार पर छात्रवृति देने का प्रावधान किया हुआ। कुल मिलाकर इस योजना से उत्तर प्रदेश में शिक्षा का विकास होगा, जिससे प्रदेश भी आगे बढ़ेगा।

 

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