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अखिलेश सरकार ने बढ़ाया बिजली उत्पादन में क्रांतिकारी कदम

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प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को यूं नहीं एक्शन लेने वाला सीएम कहा जाता है। वह बोलने में कम काम करने में ज्यादा विश्वास रखते हैं। हाल ही में प्रदेश सरकार ने बिजली समस्याओं को दूर करने के लिए एक अहम कदम उठाये हैं। यूपी सरकार 2640 मेगावाट क्षमता के दो और बिजलीघरों पर जल्द काम शुरू करने जा रही है। ओबरा ‘सी’ व जवाहरपुर परियोजना लगाने के लिए कंपनी के चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। जल्द ही राज्य विद्युत उत्पादन निगम व दोसान पावर के बीच दोनों परियोजनाओं को लेकर प्री-अवार्ड कॉन्फ्रेंस होगी और इसके बाद निदेशक मंडल, एनर्जी टास्क फोर्स और कैबिनेट की मंजूरी की औपचारिकता पूरी की जाएगी।

2640 मेगावाट क्षमता के दो और बिजलीघर

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बिजली की उपलब्धता बढ़ाने की मुहिम के तहत अखिलेश सरकार ने सोनभद्र के ओबरा तथा एटा के जवाहरपुर में 1320-1320 मेगावाट क्षमता की नई बिजली परियोजनाएं लगवाने का फैसला किया है। ये परियोजनाएं इंजीनियरिंग, प्रक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर स्थापित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं की स्थापना के लिए हुई बिड में बीएचईएल, एलएंडटी तथा दोसान पावर कंपनियों ने हिस्सा लिया था। ओबरा ‘सी’ व जवाहरपुर परियोजना के तहत 660-660 मेगावाट क्षमता की दो-दो सुपर क्रिटिकल इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

आधुनिक तकनीक की इन इकाइयों को शत-प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) पर चलाया जा सकता है। ये इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण के लिहाज से भी काफी मुफीद मानी जा रही हैं। वहीं ओबरा में 25-30 साल पुरानी कम क्षमता की इकाइयों को हटाकर ओबरा ‘सी’ के तहत लगाने का प्रस्ताव है।

दूर होगी बिजली की किल्लत

मामले पर प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल का कहना है कि ओबरा ‘सी’ व जवाहरपुर परियोजना की स्थापना के बाद प्रदेश में बिजली की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। कंपनी चयन में दोसान की बिड सबसे कम लागत की पाई गई। अगले सप्ताह उसके साथ प्री-अवार्ड कॉन्फ्रेंस होगी। इसके बाद अन्य सारी औपचारिकताएं पूरी कर सिंतबर तक कार्यादेश जारी करके काम शुरू करा दिया जाएगा।

एलईडी बल्ब से खपत हुई कम

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इसके अलावा, बिजली की खपत कम करने के लिए एलईडी बल्बों के वितरण को प्रभावी बनाया गया है। एलईडी बल्बों के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर बिजली की खपत में करीब आठ फीसदी तक कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। अब सस्ती एलईडी ट्यूब लाइट बाजार में उतारने की तैयारी है। इस ट्यूब लाइट की कीमत 100 रुपये से कुछ ज्यादा रखने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही प्री-पेड मीटरों के इस्तेमाल को प्रभावकारी बनाते हुए बिजली चोरी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। इन सभी कार्यक्रमों के दूरगामी परिणाम दिखने भी लगे है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है। प्रदेश सरकार ने खेतों में सिंचाई और अस्पतालों में समुचित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलग से फीडर स्थापित किए हैं।

कम हुआ बिजली का बिल

यूपी के डेढ़ करोड़ से ज्यादा शहरी बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल से बिजली बिल कम देंगे। बिजली बिल पर लगने वाले दोहरे रेग्युलेटरी सरचार्ज से उपभोक्ताओं को निजात मिल गई है। अब केवल एक सरचार्ज ही देना पड़ता है।

सरकार 24 घंटे बिजली देने की तैयारी में

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मुख्यमंत्री ने अक्टूबर 2016 से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को 16 घंटे तथा महानगरों को 24 घंटे की सुचारू विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इससे जहां प्रदेश में उद्योग-धन्धों एवं कृषि कार्य को पर्याप्त बिजली मिलेगी, वहीं राज्य के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र रौशन होंगे। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विकास कर रही है।

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