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बुढ़ापे की लाठी बनी अखिलेश सरकार

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June 30, 2016

बुढ़ापा उम्र का ऐसा पढ़ाव होता है, जब अपनों के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। दवा या डॉक्टर बुढ़ापे का सहारा नहीं होते, न ही टेलीविजन या कम्प्यूटर होते हैं। बल्कि बुढ़ापे का सहारा होता है परिवार, जो सब मिलजुल कर दो पल मां-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी के साथ वक्त गुजारे और जिन्हें बीच पाकर बुजुर्ग अपने मन की बात साझा कर सकें। पर छिन्न-भिन्न होते सामाजिक ताने-बाने में बुजुर्ग एकाकीपन के शिकार होते हैं। अपनों की बेरुखी उन्हें बीमार और कमजोर बना रही है। बुजुर्गों के इस अकेलेपन को दूर करने की ठानी है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने। दरअसल वरिष्ठ नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार ने वरिष्ठ नागरिक नीति बनाई है। इसके तहत सरकार ने वृद्धाश्रम और अनाथाश्रम एक ही परिसर में खोलने का निर्णय किया है, ताकि बुजुर्गों को बच्चों के बीच में रहने से एकाकीपन महसूस न हो। समाजवादी सरकार बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए वृद्धावस्था पेंशन बढ़कर पहले ही 400 रुपये कर चुकी है। उन्हें मनरेगा के तहत कम श्रम वाले कामों में वरीयता देने का भी फैसला हुआ है।

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सीएम खुद करेंगे इंतजामों की निगरानी

घर का मुखिया जब बुजुर्ग हो जाता है तो परिवार की जिम्मेदारी बेटों पर आ जाती हैं। घर और परिवार से बेसहारा हो चुके ऐसे बुजुर्गों के बेटे की भूमिका खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निभाने की ठानी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई में 10 मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है, जो समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी वरिष्ठ नागरिक नीति के क्रियान्वयन पर नजर रखेगी। इतना ही नहीं, अब हर साल 1 अक्टूबर को स्कूलों में दादा-दादी, नाना-नानी दिवस मनाया जाएगा। इस दिवस के दौरान परिवार के वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से बुलाया जाएगा। दादा-दादी व नाना-नानी को सुखमय पारिवारिक माहौल देने के लिए उनकी रूचि के कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके साथ बच्चों को अपने दादा-दादी एवं नाना-नानी अथवा अभिभावक एवं समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति जागरूक एवं संवदेनशील होने की शिक्षा दी जाएगी।

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सेहत का भी ख्याल रखेगी सरकार

केजीएमयू लखनऊ के सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च इन एजिंग एंड जेरियाट्रिक मेंटल हेल्थ को बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य की चिंता के लिए नोडल सेंटर के रूप् में मान्यता दी गई है। नर्सिंग और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को पढ़ाई के दौरान बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य की चिंता करना सिखाया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश में अब बुजुर्गों के लिए समय-समय पर योग शिविर लगाए जाएंगे।

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बुजुर्गों के लिए हेल्प लाइन

बुजुर्गों की हर तरह की दिक्कतें दूर करने के लिए रिटायर्ड सीनियर सिटीजन्स के हित में भी सीएम अखिलेश कई काम कर रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक नीति के ही तहत रिटायर होने वाले दिन ही वरिष्ठ नागरिकों को ग्रेच्यूटी सहित सभी भुगतान सुनिश्चित कराए जाएंगे। तो बचत के लिए स्वयं सहायता समूहों की स्थापना पर जोर होगा। वूमेन पावर लाइन की तरह अब बुजुर्गों के लिए राज्य स्तरीय हेल्प लाइन बनाई जाएगी। अकेले रहने वाले बुजुर्गों से बीट कांस्टेबल नियमित रूप से संपर्क करेंगे। वहीं राज्य स्तर पर वरिष्ठ नागरिक कल्याण निधि बनाने के साथ ही उन्हें फ्री कानूनी सहायता दी जाएगी। यूपी रोडवेज की बसों में सीनियर सिटीजन्स के लिए दो सीटें आरक्षित की जाएंगी। किराए में भी छूट मिलेगी।

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स्कूलों में पढ़ाया जाएगा बुजुर्गों की सेवा का पाठ

दो पीढ़ियों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अब स्कूलों में बुजुर्गों की सेवा का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसमें बच्चों और युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं से परिचित कराया जाएगा, बल्कि यह भी बताया जाएगा कि पाठ्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के प्रति जागरूक करना तथा उनके प्रति आदर का भाव पेश करने संबंधी मूल्यपरक शिक्षा को शामिल किया जाएगा। वृद्धावस्था से संबंधित जानकारी एवं शिक्षा के लिए पठन सामग्री तैयार की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों को भी उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित एवं जागरूक किया जाएगा।

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60 साल की उम्र में करें आराम, सरकार देगी पेंशन

उत्तर प्रदेश सरकार 60 साल की उम्र के लोगों को को बड़ा तोहफा देने की भी तैयारी कर रही है। समाजवादी सरकार मजदूरों को हर माह एक हजार रुपये बतौर पेंशन देने जा रही है। 60 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं और राज्य में तीन साल से पंजीकृत श्रमिकों को सरकार पेंशन देगी। 60 साल की अवस्था होने पर आदमी मजदूरी करने की स्थिति में नहीं होता है। लिहाजा अखिलेश सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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वरिष्ठ नागरिकों को 400 रुपये वृद्धावस्था पेंशन

अशक्त एवं आर्थिक रूप से निर्बल वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को 400 रुपये वृद्धावस्था पेंशन की शुरुआत की गई है। अखिलेश सरकार ने राज्य वरिष्ठ नागरिक नीति में इसकी घोषणा की है। इसके अलावा वृद्धिावस्था आश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क आवासीय सुविधा और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे वृद्धाश्रमों में कम से कम 25 प्रतिशत सीटें बीपीएल श्रेणी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रदेश में विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित सभी के वृद्धाश्रमों से संबंधित नीति विषयक प्रकरणों के निर्धारण, मॉनीटरिंग व अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत एक वृद्धाश्रम नियामक इकाई का भी गठन किया है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों खासकर वृद्ध महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता उनके निवास पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी अखिलेश सरकार ने की हैं। वहीं विभिन्न आवासीय योजनाओं में आरक्षण के अंतर्गत वरिष्ठ महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

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याद कीजिए हाल की वह घटना जब समाजवादी श्रवण यात्रा से लौटी वृद्ध महिला की वर्षों की तीर्थ यात्रा की कामना पूरी हुई तो वह सीएम अखिलेश को धन्यवाद देते नहीं थक रही थीं। वे तो सिर्फ एक ही शब्द रट रही थीं … जुग जुग जियो अखिलेश !!!!

उत्तर हमारा

2 Comments

  • माननीय मुख्या मंत्री महोदय
    हमारी संस्था गाइड समाज कल्याण संसथान (पंजीकृत 1998)विगत कई वर्षों से बड़े बुर्जगों के लिए सतत कार्यक्रम कर रही है । 8मार्च 2015 को गोल्डन एज क्लब की स्थापना विभिन्न वृद्धाश्रमों , सुबह के पार्कों ,अपार्टमेंट्स मे की गयी है जहाँ हर माह एक शाम दादा दादी के नाम एक रंगारंग महफ़िल

  • माननीय मुख्या मंत्री महोदय
    हमारी संस्था गाइड समाज कल्याण संसथान (पंजीकृत 1998)विगत कई वर्षों से बड़े बुर्जगों के लिए सतत कार्यक्रम कर रही है । 8मार्च 2015 को गोल्डन एज क्लब की स्थापना विभिन्न वृद्धाश्रमों , सुबह के पार्कों ,अपार्टमेंट्स मे की गयी है जहाँ हर माह ‘एक शाम दादा दादी के नाम’ एक रंगारंग महफ़िल संस्था के लखनऊ वि वि के विभिन्न कॉलेजों में स्थापित छात्र छात्राओं की यूथ ब्रिगेड क्लब द्वारा आयोजित की जा रही है । क्लब के सदस्य बुजुर्गों को उनकी ज़िन्दगी के नितान्त सूनेपन से निकाल कर आधुनिक तकनीक से अवगत करा रहे हैं तथा उन्हें मोबाइल पर व्हाट्सअप ,फेसबुक चलाना सिखा रहे हैं । स्कूलों व् कालेजों मई विद्यार्थियो के सेवा समूह बन रहे हैं तथा बुजुर्गों के प्रति दुर्व्यवहार न तो करने एवं नाही किसी को करने देने की प्रतिज्ञा ली जा रही है । माता पिता भरण पोषण अधिनियम 2007 के प्रति बुजुर्गों एवं आम जनता को जागरूक नुक्कड़ नाटकों द्वारा किया जा रहा है । परिवार न टूटे तथा परिवारों में बुजुर्गों के हितों एवं सम्मान की उपेक्षा ना हो हो इसके लिए विशेष कर गर्ल्स कॉलेजों में कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।से नो टू एल्डर एब्यूज विचार पर हस्ताक्षर अभियान एवं बेचेज लगाना जैसे जागरूकता कार्यक्रम आम जनता के बीच किये जा रहे हैं।संस्था को किसी सरकारी अथवा गैर सरकारी एजेंसी कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है । अपनी निजी बचत एवंनिजी स्रोतों से संस्था जागरूकता कार्यक्रम सतत ,निरंतर उत्साह पूर्वक कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय से विनम्र निवेदन संस्था को आशीर्वाद ,प्रोत्साहन देने के लिए है । हमें विश्वास है कि माननीय महोदय संस्था को अपना वरद हस्त प्रदान करेंगे । सधन्यवाद
    डॉ इंदु सुभाष
    संस्थापक व् प्रबंधनिदेशिका गाइड समाज कल्याण संस्थान रजि
    C-1/407A sector G जानकीपुरम ,निकट जानकीवाटिका लखनऊ226021

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