Uttar Hamara logo

विकास के नए मिशन के साथ चुनावी समर में उतरे अखिलेश यादव

1

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पांच साल तक सफलतापूर्वक सरकार चला कर अब नए जोश और विकास के नए मिशन के साथ चुनावी समर में कूद पड़े हैं। इन पांच वर्षो में अखिलेश यादव की सरकार ने कई ऐसी योजनाएं चलाईं, जिनका फायदा समाजवादी पार्टी को इस चुनाव में मिलने को पूरी उम्मीद है। अखिलेश यादव ने 15 मार्च 2012 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से अब तक पांच वर्षों के दौरान उन्होंने कई योजनाएं चलाईं।

इन वर्षों के भीतर उन्होंने अपनी इमेज बदलने की पूरी कोशिश की। सरकार की तरफ से गरीबों के लिए समाजवादी पेंशन योजना और राम मनोहर लोहिया आवास योजना चलाई गई, तो युवाओं को ध्यान में रखकर लैपटॉप वितरण योजना, बेरोजगारी भत्ता जैसी योजनाएं चलाई गईं। इसके अलावा किसानों को ध्यान में कामधेनु योजना चलाई गई, जिसका खासा असर भी दिखाई दिया। इनके अलावा मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के क्षेत्र में भी काफी काम किया। सौर ऊर्जा को लेकर काफी काम इन चार वर्षो के भीतर मुख्यमंत्री ने कराए। आज सौर ऊर्जा को हर जिले तक पहुंचाने का प्रयास हो रहा है।

अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जिन योजनाओं को काफी महत्व दिया, उनमें लखनऊ मेट्रो परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री की गंभीरता की वजह से ही मेट्रो के निर्माण में काफी तेजी से पूरा हुआ ओर ट्रायल रन के बाद अब पहले चरण में मेट्रो कृष्णा नगर से लेकर चारबाग तक दौड़ने के लिए तैयार है। शासन के एक बड़े अधिकारी बताते हैं, “मुख्यमंत्री मेट्रो की शुरुआत को लेकर काफी गंभीर रहे हैं। मेट्रो का समय पर निर्माण अखिलेश सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं।” उन्होंने बताया कि मेट्रो के अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण भी पूरा कर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में बड़ी उपलब्धि कायम की है। ये योजनायें अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल रही हैं।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. सी.पी. राय ने कहते हैं कि अखिलेश सरकार ने बीते पांच वर्षों के दौरान काफी काम किया है। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश को तरक्की का रास्ता दिखाया है। उन्होंने  विकास की जो एक लकीर खींची है, उससे आने वाले दिनों में राज्य की दशा और दिशा बदलेगी।

अखिलेश यादव सरकार ने जहां प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने के कई अच्छे प्रयास किए हैं वहीं प्रशासनिक दृष्टि से भी देखें तो यह उत्तर प्रदेश की सफलतम सरकार है, जिसने अपने कार्यों से दूसरे राज्यों के लिये आदर्श और मानक तय किये हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कोशिश रही है कि समाज का हर वर्ग योजनाओं से लाभान्वित हो। जनता के बीच अखिलेश की छवि बेदाग और ईमानदार मुख्यमंत्री की है। एसोचैम का भी कहना है कि अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के बाद के दो वर्षों में उद्योग क्षेत्र को बढावा देने के लिये सार्थक प्रयास किये हैं। प्रदेश सरकार उद्यमियों को सूबे में अच्छा माहौल देने में जरूर कामयाब रही है।

सपा के प्रान्तीय सचिव एस. आर. एस. यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कोशिश रही है कि समाज का हर वर्ग योजनाओं से लाभान्वित हो। जनता के बीच अखिलेश की छवि बेदाग और ईमानदार मुख्यमंत्री की है। अगर किसी को तुलना करनी हो तो मायावती का जमाना याद कर लें, जिसमें मुख्यमंत्री से मिलना तो दूर, किसी को अपनी जायज मांगों के लिये प्रदर्शन करने तक की मनाही थी. जबकि अखिलेश यादव ने जनता की समस्याओं को जानने के लिए और इनके तत्काल समाधान के लिए जनता दरबार शुरू किया। इस कामों केचलते ही अखिलेश यादव जनता के बीच बेहद कम समय में लोकप्रिय हो गए।

उत्तर हमारा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Hamara

Uttar Hamara

Uttar Hamara, a place where we share latest news, engaging stories, and everything that creates ‘views’. Read along with us as we discover ‘Uttar Hamara’

Related news