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पहले चरण के चुनाव में बीजेपी के 40% उम्मीदवार दागी

बीजेपी में इस चुनाव में विपक्षियों पर हमले करने के लिए ‘SCAM’ का नारा दिया है, लेकिन ये पहले चरण के उम्मीदवारों पर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की जो रिपोर्ट आई है, उससे ये जुमला भी बीजेपी पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पहले चरण में बीजेपी ने सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। उत्तर प्रदेश के पहले चरण के चुनाव में कुल उम्मीदवारों के 20 फीसदी आपराधिक छवि के हैं। भाजपा के मामले में यह आंकड़ा 40 फीसदी यानी दुगना है। दूसरे स्थान पर बसपा है।

11 फरवरी को होने वाले पहले चरण के चुनाव में 73 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इससे एक हफ्ते पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव लड़ रहे कुल 839 में से 836 उम्मीदवारों के बारे में एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 168 यानी करीब 20 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 143 (17 फीसदी) उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बीजेपी इस चुनाव में विपक्षी दलों पर गुंडाराज और भ्रष्टाचार का आरोप लगाती है, लेकिन एडीआर की रिपोर्ट के हिसाब से यूपी चुनाव में उम्मीदवारों को मामले में बीजेपी के चाल, चरित्र में छेंद ही छेंद नज़र आ रहे हैं। बीजेपी भले ही राजनीतिक शुचिता की बात करे, साफ-सुथरी सरकार देने का वादा करे लेकिन लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीर इससे बिलकुल उलट है। आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा भाजपा के हैं।

वर्ष 2012 के चुनाव में जहां अपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों का दर 32 प्रतिशत आंका गया तो वहीं इस बार इसमें 12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 20 प्रतिशत आंका गया। एडीआर के आंकड़े बता रहे हैं कि बहुजन समाज पार्टी तथा भारतीय जनता पार्टी ने इसमें बाजी मारते हुए सबसे अधिक अपराधी छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट दिया है। वहीं समाजवादी पार्टी में सबसे कम अपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है तो कांग्रेस में यह आंकड़ा सबसे कम है।

बीजेपी के कुल 73 उम्मीदवारों में से 29 (40 फीसदी) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बाद बसपा का नंबर आता है जिसके 73 में से 28 (38 फीसदी) उम्मीदवार आपराधिक छवि के हैं। इस बार उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। अगर इनके प्रत्याशियों में आपराधिक छवि रखने वालों का प्रतिशत देखा जाए तो सपा के 29 फीसदी और कांग्रेस के सबसे कम 25 फीसदी उम्मीदवार आपराधिक छवि के हैं।

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देश की राजनीतिक प्रयोगशाला माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के पहले चरण के चुनाव में करोड़पति उम्मीदवारों की कुल संख्या 302 है। राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा बसपा के – 66 – उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसके बाद भाजपा में 61, सपा में 40 और कांग्रेस में 18 उम्मीदवार करोड़पति हैं। पहले चरण में चुनावी मैदान में उतर रहे उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2।81 करोड़ रुपये है। इन उम्मीदवारों में से 14 फीसदी के पास पांच करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच तथा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक ने उप्र विधानसभा चुनाव 2017 के पहले चरण में चुनाव लडऩे वाले 839 में से 836 उम्मीदवारों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया। यह उम्मीदवार 98 राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिनमें 5 राष्ट्रीय दल, 8 क्षेत्रिय दल, 85 गैर मान्यता प्राप्त दल तथा 293 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं।

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